Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »इंसानों को गायब करने वाली तिलस्मी गुफा, नहीं सुलझा रहस्य

इंसानों को गायब करने वाली तिलस्मी गुफा, नहीं सुलझा रहस्य

भारत के अतीत के कई पन्ने अनसुलझे रहस्यों से भरे हुए हैं, जिनके तह तक जाने की कोशिश आज भी जारी है। वैसे अतीत के रहस्यों को सुलझाना कोई मुंह की बात नहीं, कई बार इसमें उलझा इंसान खुद रहस्य बनकर रह जाता है। आज भी कई ऐतिहासिक इमारतें, प्राकृतिक व मानव निर्मित गुफाएं व किले अपनी संरचनाओं के साथ कई सवाल लिए खड़े हैं, जिनकी गुत्थी सुलझाने में विज्ञान भी हार मान चुका है।

रहस्य की पड़ताल में आज हमारे साथ जानिए भारत की ऐसी तिलस्मी गुफा के बारे में जो कई इंसानों को गायब कर चुकी है। जानिए इस गुफा से जुड़े दिलचस्प तथ्य....

ग्यारह गुफाओं का रहस्य

ग्यारह गुफाओं का रहस्य

आपने कई बार ऐसी जगहों के बारे में सुना होगा जहां एक बार जाने के बाद कोई वापस लौट के नहीं आ सका...छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की सिंघनपुर गुफाएं कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश करती हैं। सिंघनपुर में छोटी-बड़ी ग्यारह गुफाएं मौजूद है, जिनका रहस्य आज तक सुलझाया नहीं जा सका है।

इस गुफा के अंदर तिलस्मी दुनिया होने का दावा किया जाता है, जो अपनी और इंसानों को आकर्षित करती है। कहते हैं इसके अंदर जो भी गया वो खुद एक रहस्य बन गया है। आगे जानिए गुफा से जुड़े खजाने के बारे में.........अद्भुत : यहां अपने हाथ से खाना बनाकर खिलाते हैं खूंखार अपराधी

अंग्रेजों के जमाने का खजाना

अंग्रेजों के जमाने का खजाना

ऐसा माना जाता है कि इस गुफा में अंग्रेजों के जमाने का खजाना गढ़ा है। जिसकी खोज में कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। किवदंतियों के अनुसार जो भी इस गुफा में खजाना हासिल करने के उद्देश्य से दाखिल होता है, वो जिंदा वापस नहीं लौटता।

खुद यहां के स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस गुफा में इतना जेवरात भरा है कि पूरे विश्व को ढ़ाई दिन तक खाना खिलाया जा सकता है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है, इसका कोई सटीक प्रमाण उपलब्ध है। आगे जानिए और क्या रहस्य छुपा है इस गुफा में।हैदराबाद शहर के कुछ रहस्यमय किस्से, जुड़े हैं इन स्थानों से

 तीन सबसे रहस्यमयी गुफा

तीन सबसे रहस्यमयी गुफा

सिंघनपुर में छोटी-बड़ी ग्यारह गुफाएं मौजूद हैं, जिनमें से तीन गुफाओं को सबसे ज्यादा रहस्यमयी माना जाता है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इन तीन गुफाओं में से दो के अंदर जाया जा सकता है, जहां आदिम काल के औजार व शैलचित्र पाएं गए हैं। लेकिन तीसरी गुफा के अंदर जाना मुमकिन नहीं। कहा जाता है इस गुफा के अंदर एक बड़ा भंवर है, जो किसी को भी अंदर जाने नहीं देता है। आगे जानिए कुछ और दिलचस्प बातें।जानिए क्यों ये जगहें समर वेकेशन के लिए मानी गई हैं खास

अदृश्य रूप में मौजूद हैं संत

अदृश्य रूप में मौजूद हैं संत

रायगढ़ के राजा लोकेश बहादुर सिंह से लेकर ब्रिटिश अफसर राबर्टसन की रहस्यमय मौत ने इस गुफा से जुड़ी धारणा को और मजबूत किया है। कहा जाता है इस गुफा में कभी संतों का अखाड़ा लगता था। गुप्त सिद्धियां पाने के उद्देश्य से कई संत यहां गुप्त साधनाएं किया करते हैं।

कहा जाता है वे संत आज भी अदृश्य रूप में इस गुफा में निवास करते हैं। और जो भी इंसान गलत इरादे से गुफा में दाखिल होता है, तो अदृश्य संत उन्हें दंड देने का काम करते हैं। लेकिन जो साफ मन से गुफा में जाता है उसके साथ कोई भी अनहोनी नहीं घटती।यह कोई हॉरर फिल्म नहीं हकीकत है, जानिए इन जगहों की सच्चाई

बात जो ग्रामीण छुपाते हैं

बात जो ग्रामीण छुपाते हैं

कहा जाता है कि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए सिंघनपुर गुफा के पास पूजा-पाठ किया जाता था। लेकिन कुछ सालों से यह धार्मिक क्रियाएं बंद कर दी गई हैं। जिसके बारे में स्थानीय निवासी कुछ नहीं बताते।

इन रहस्यमयी गुफाओं के अलावा यहां जंगली जानवरों की गुफाएं भी मौजूद हैं। जहां भालुओं को देखा जा सकता है। लोगों का कहना है कि इन गुफाओं में पहले शेर भी रहा करते थे। इसके अलावा यहां कोई राक्षस की गुफा भी है, जिसके आसपास कोई जल्दी से नहीं भटकता।यहां गढ़ा है परशुराम का फरसा, जिसने भी छूने की कोशिश की...

कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

सिंघनपुर गुफाएं, रायगढ़ से लगभग 21 किमी की दूरी पर स्थित हैं। जहां आप स्थानीय परिवहन साधनों के द्वारा रायगढ़ सेसिंघनपुर तक का सफर तय कर सकते हैं। गुफाओं तक पहुंचने के लिए आपको अंतिम 2 किमी का सफर पैदल चलकर तय करना होगा।

रेल मार्ग के लिए आप रायगढ़ रेलवे स्टेशन का सहारा ले सकते हैं, जबकि हवाई यात्रा के लिए आपको रायपुर एयरपोर्ट का सहारा लेना होगा।मौत की खदान का बड़ा रहस्य, गूंजती है मृत मजदूरों की आवाजें

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more