मै लखनऊ से हूं और यकीन मानिये मेरी तरह हर लखनऊ वासी को मई-जून या कहे ज्येष्ठ का बड़ा बेसब्री से इंतजार रहता है। आप सोच रहे होंगे कि, इस दौरान लखनऊ में तो झुलसा देने वाली गर्मी पड़ती है, ऐसे में इस महीने का इंतजार क्यों। तो जनाब इस महीने पूरे महीने जमकर होता है भंडारे का आयोजन, और साल 2018 तो बेहद खास है, क्यों कि इस साल 9 बड़े मंगल पड़ने वाले हैं।
बता दें, आज से यानि 1 मई से बड़े मंगल की शुरुआत हो चुकी है। आपको जानकरी हैरानी होगी कि, सिर्फ लखनऊ में ही बड़े मंगल को बेहद धूमधाम से मनाया जाता है, ये बड़ा मंगल सिर्फ हिन्दू धर्म की आस्था का प्रतीक ही नहीं है बल्कि विभिन्न धर्मों के लोगों की भी इसमें आस्था है। इस आयोजन में हिन्दू, मुस्लिम, सिख व ईसाई आदि सभी धर्मो के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। बड़े मंगल के दिन पूरे लखनऊ शहर में हुनमान मन्दिरों में वीर हनुमान की कथा ,पूजा -पाठ का आयोजन किया जाता है। इस दिन लोग हनुमान जी के मंदिर जाते हैं | दर्शन करते हैं, पूजा करते हैं, प्रसाद चढ़ाते हैं, और भण्डारे इत्यादि का आयोजन किया जाता है।

क्यों कब और कैसे लखनऊ में शुरू हुआ बड़ा मंगल का भव्य जश्न?
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कहा जाता है कि, लखनऊ में बड़ा मंगल मनाने की शुरुआत 400 साल पहले मुगलशासक नवाब मोहम्मद अली शाह ने की थी। उस समय नवाब के बेटे की तबियत बेहद ही ज्यादा खराब हो गयी थी, तब उनकी बेगम रूबिया ने अपने बेटे का कई जगह ट्रीटमेंट कराया, लेकिन वह ठीक नहीं हुआ। बेटे की सलामती की मन्नत मांगने वह अलीगंज के हनुमान मंदिर आईं।
पुजारी ने बेटे को मंदिर में ही छोड़ देने को कहा। बेगम रात में बेटे को मंदिर में ही छोड़ गईं। दूसरे दिन रूबिया को बेटा पूरी तरह स्वस्थ मिला। तब उन्होंने इस पुराने हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। उनका लगाया प्रतीक चिन्ह चांदतारा आज भी मंदिर के गुंबद पर मौजूद है।लखनऊ से जुड़ी ये बातें शायद ही जानते होंगे आप!

एक और मान्यता
पौराणिक कथायों की माने तो, ज्येष्ठ के पहले मंगल के दिन ही भगवान लक्ष्मण ने लखनऊ शहर को बसाया था। तब उन्होंने पहली बार बड़ा मंगल मनाने की परंपरा की शुरुआत की थी। उसके बाद से आज तक लखनऊ में बड़ा मंगल मानने की परंपरा चलती आ रही है। ।

पूरे शहर में होते हैं भंडारे का आयोजन
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ज्येष्ठ के बड़े मंगल के अवसर पर पूरे शहर के गली नुक्कड़ पर भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिसमे शरबत, पानी ,बूंदी से लेकर पूड़ी सब्जी ,रसगुल्ला,आइस क्रीम, छोले चावल,कड़ी चावल आदि वितरित किये जाते हैं। इस भंडारे की खास बात यह है कि, यह सबके लिए फिर चाहे वह अमीर हो या गरीब।

बड़ा मंगल - यह केवल लखनऊ में होता है !!!
यह त्यौहार लखनऊ के धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक मान्यताओं का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस शहर गंगा जमुनी की तहजीब को बखूबी देखा जा सकता है, जहां एक मुसलामन मंदिर का निर्माण कराता है, हिन्दू भाई मस्जिद का निर्माण कराते हैं। आज तक के इतिहास में लखनऊ एक शांतिपूर्ण शहर रहा है, जहां कभी धर्म को लेकर कोई हिंसा और असहिष्णुता नहीं हुई है।

2018 में होंगे 9 बड़े मंगल
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9 मंगल कैसे.. तो बता दें, ज्येष्ठ माह के 2018 में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) होने की वजह से नौ बड़े मंगल होंगे। इनमें मई में पांच और जून माह में चार बड़े मंगल होंगे। हर चौथे साल में ऐसा होता है।

कब-कब है बड़ा मंगल?
मई माह - एक मई, आठ मई, 15 मई, 22 मई, 29 मई
जून माह - पांच जून, 12 जून, 19 जून, 26 जून

लखनऊ की शान बड़ा मंगल
अगर आप बड़े मंगल के पर्व के दौरान लखनऊ आ रहे हैं, तो इस खास उत्सव का हिस्सा जरुर बने, मै तो इसे मिस करने वाली हूं, लेकिन अगर आप लखनऊ में हैं इसका लुत्फ जरुर उठाये, क्योंकि अगर चूक गये तो फिर एक साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।



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