हाल ही में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इस साल दिसंबर से पहले करने वाले हैं। आम लोगों के लिए इस एक्सप्रेसवे को खोल देने के बाद बैंगलोर से चेन्नई के बीच की दूरी न सिर्फ घट जाएगी बल्कि दोनों शहरों के बीच की दूरी को तय करने में लगने वाला समय भी आधा से भी कम हो जाएगा।
बता दें, वर्तमान समय में बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेस का निर्माण कार्य अपने अंतिम पड़ाव पर है जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। बता दें, पहले मार्च 2024 तक इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन बाद में उसे बदलकर दिसंबर कर दिया गया है।

कितनी है लागत और कितनी लंबाई?
बैंगलोर और चेन्नई दो प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे के बन जाने से न सिर्फ इन शहरों के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को सुविधा होगी बल्कि इससे दोनों शहरों का आर्थिक विकास भी तेजी से सुनिश्चित किया जा सकेगा। बैंगलोर से चेन्नई के बीच की लगभग 300 किमी की दूरी को तय करने में आमतौर पर 5 से 6 घंटे का समय लगता है।
लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यह दूरी घटकर 262 किमी की हो जाएगी। वहीं इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय भी आधा से भी कम हो जाएगा और महज 2 घंटे के अंदर चेन्नई से बैंगलोर का सफर तय किया जा सकेगा। मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग ₹17,000 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है।
क्या होगा रूट?
बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे की शुरुआत बैंगलोर के उपनगरीय इलाके होस्कोट से हो रहा है। यह एक्सप्रेसवे तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित श्रीपेरुमबदुर में खत्म होगा। रास्ते में यह एक्सप्रेसवे मलुर, बंगरपेट, कोलार गोल्ड फिल्ड्स (KGF), पलमनेर, चित्तुर, रानीपेट आदि शहरों से गुजरेगी।
इसका रूट निम्न है :
- होस्कोट, कर्नाटक
- मालुर, कर्नाटक
- वी कोटा, आंध्र प्रदेश
- पलमनेर, आंध्र प्रदेश
- गुडियाथम, तमिलनाडु
- अरक्कोनम, तमिलनाडु
- श्रीपेरुमबदुर, तमिलनाडु

बैंगलोर-चेन्नई एक्सप्रेसवे की प्रमुख खासियतें
1. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से गुजरने वाला 4 लेन का एक्सप्रेसवे होगा।
2. यह एक्सप्रेसवे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे 26 नये ग्रीन एक्सप्रेसवे में से एक है।
3. एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 262 किमी है, जिसका 85 किमी तमिलनाडु, 71 किमी आंध्र प्रदेश और 106 किमी कर्नाटक से गुजरेगा।
4. मई 2022 में इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। पहले मार्च 2024 में इसका काम पूरा कर लेने का लक्ष्य बनाया गया था लेकिन बाद में उसे बढ़ाकर दिसंबर 2024 किया गया है।
5. चेन्नई में एक्सप्रेसवे से बाधारहित कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पल्लवरम फ्लाइओवर को चेन्नई बाईपास (पेरुगलथुर-मधवरम) से जोड़ने के लिए एक कॉरिडोर बनाने की योजना है।
6. एक्सप्रेसवे पर धीमे चलने वाले वाहन, बाइक और ऑटोरिक्शा की अनुमति नहीं होगी। एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ियां चलेंगी।



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