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मानसून में बिहार के इन झरनों की खूबसूरती बढ़ जाती है कई गुना, दीदार करने का ना चुके मौका

बिहार में मानसून ने दस्तक दे दी है। करीब 17 सालों बाद ऐसा हुआ है कि समय से पहले ही बिहार में मानसून आ गयी है। मानसून की एंट्री हो चुकी हो और बिहार के वाटरफॉल्स पर स्थानीय लोगों की भीड़ ना उमड़े ऐसा कैसे हो सकता है। जब भी वाटरफॉल्स की बात होती है तो अक्सर लोग बिहार का नाम लेना ही भूल जाते हैं।

आज हम आपको बिहार में कुछ फेमस वाटरफॉल्स के बारे में बता रहे हैं, जिनकी सुन्दरता मानसून के समय कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है।

काकोलट वाटरफॉल

बिहार और झारखंड की सीमा के नजदीक नवादा जिले से 35 किमी दूर यह वाटरफॉल चारों तरफ हरे-भरे वन क्षेत्र से घिरा हुआ है। बारिश के दिनों में तो यहां इतनी हरियाली होती है कि देखकर लगता मानों यह पूरा क्षेत्र गहरे हरे रंग की चादर ओढ़े हुए है। मकर संक्रांति के समय यहां 3 दिवसीय मेला भी लगता है। यह वाटरफॉल बिहार के सबसे बेहतरीन झरनों में गिना जाता है। करीब 150 से 160 फीट की ऊंचाई से नीचे जलाशय में गिरने वाला झरना मानसून के समय काफी मनमोहक दिखायी देता है।

तेलहर वाटरफॉल

तेलहर वाटरफॉल भी कैमूर जिले में मौजूद है जो कैमूर वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य का हिस्सा है। यह झरना दुर्गावती नदी के उद्गम स्थल के करीब है। झरना 80 मीटर की ऊंचाई से नीचे तेलहर कुंड में गिरता है। मानसून के समय चारों तरफ प्राकृतिक सुन्दरता अपनी अनोखी छटा बिखेरती है। हरियाली और पक्षियों की चहचहाहट पर्यटकों को इस जगह की तरफ आकर्षित करती है। हालांकि इस कुंड या झरने में नहाने की पर्यटकों को अनुमति नहीं होती है।

कशिश वाटरफॉल

राजधानी पटना से 175 किमी दूर बिहार के रोहतास जिले में स्थित इस झरने की ऊंचाई लगभग 800 फीट है। कैमूर पहाड़ियों की वादियों में मौजूद यह झरना अपने आप में प्राकृतिक सुन्दरता को समेटे हुए है। इस झरने की विशेषता यह है कि 4 धाराओं के संगम के बाद यह झरना अपना वास्तविक आकार प्राप्त करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झरने में नहाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है।

करकटगढ़ वाटरफॉल

कैमूर की पहाड़ियों के पास मौजूद यह वाटरफॉल दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ पिकनिक पर जाने के लिए बेस्ट जगह है। इस वाटरफॉल की सुन्दरता की सराहना कई विदेशियों ने भी अपने यात्रा संस्मरण में की है। करकटगढ़ झरना कर्मनाशा नदी पर मौजूद है। इस झरने की ऊंचाई करीब 30 मीटर और चौड़ाई 91 मीटर है। इस झरने पर कई वाटरबेस्ड एक्टिविटीज जैसे बोटिंग, तैराकी और मछली पकड़ना भी होते हैं।

मंझर कुंड वाटरफॉल

बिहार के रोहतास जिले में सासाराम से महज 4 किमी दूर मंझर कुंड मानसून के समय बारिश के पानी से लबालब भरा रहता है। इस समय कुंड में गिरने वाला झरना भी पूरी तरह से पानी से भर जाता है। अगर वीकेंड पर गर्मी से बचने के लिए किसी जगह की तलाश कर रहे हैं तो इस कुंड पर जरूर जाएं। यहां आपको प्रकृति के बीच एक अलग ही नजारा दिखेगा। सासाराम से 10 किमी दूर कैमूर की पहाड़ियों पर धुंआ कुंड भी है जहां आप गर्मी से राहत पाने के लिए वीकेंड पर घूमने जरूर जा सकते हैं।

FAQs
बिहार के किस झरने में नहाने की अनुमति नहीं है?

कैमूर अभ्यारण्य का हिस्सा तेलहर झरने में किसी भी पर्यटक को नहाने की अनुमति नहीं है। वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि कशिश वाटरफॉल में नहाना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है।

बिहार का सबसे बड़ा जलप्रपात कौन सा है?

बिहार का सबसे बड़ा जलप्रपात काकोलट जलप्रपात है। यह बिहार के नवादा जिले में स्थित है। इस जलप्रपात में 160 फीट की ऊंचाई से प्राकृतिक झरना गिरता है, जिसकी सुन्दरता मानसून में काफी बढ़ जाती है।

बिहार में कितने झरने हैं?

बिहार को प्रकृति ने अपनी सबसे खूबसूरत संरचनाओं से नवाजा है। बिहार में झारखंड राज्य से सटे जिलों में कई झरने हैं जिनकी खूबसूरती मानसून के मौसम में कई गुना बढ़ जाती है। इन झरनों में तेलहर वाटरफॉल, मंझर कुंड वाटरफॉल, करकट वाटरफॉल, काकोलट वाटरफॉल, कशिश वाटरफॉल शामिल हैं।

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