बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (Bangalore-Chennai Expressway) दक्षिण भारत के दो मुख्य शहरों, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका निर्माण नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा किया गया है। निश्चित रूप से इस एक्सप्रेसवे के बनने से न सिर्फ पर्यटन को उछाल मिलेगा बल्कि दक्षिण भारत के कई महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरने की वजह से उन शहरों की आर्थिक उन्नति को भी यह एक्सप्रेसवे सुनिश्चित करेगा।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के पिछले दिनों ही बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। हालांकि यह इसका आधिकारिक रूप से उद्घाटन नहीं है।

कौन सा हिस्सा खुला?
Economic Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का वह हिस्सा, जो कर्नाटक से होकर गुजरता है, उसे आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। अब इस एक्सप्रेसवे से होकर प्रतिदिन करीब 1600-2000 वाहन आवाजाही कर सकेंगे।
मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि कर्नाटक में होस्कोट इंटरचेंज से बेतमंगला तक एक्सप्रेसवे को खोल दिया गया है। एक्सप्रेसवे का यह वाला हिस्सा सड़क सुरक्षा के सभी मापदंडों पर खरा उतरता है, इसलिए इस स्ट्रेच से होकर सभी तरह के वाहनों को आवाजाही करने की अनुमति दे दी गयी है।
टोल शुल्क को लेकर अधिकारियों ने क्या बताया?
मीडिया से बात करते हुए NHAI के अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालकों को होस्कोट इंटरचेंज से बेतमंगला तक, 68 किमी लंबे स्ट्रेच पर आवाजाही करने की अनुमति दे दी गयी है। उक्त अधिकारी का कहना है कि हमने इस स्ट्रेच पर सभी सुरक्षा उपाय कर लिये हैं, इसलिए सभी प्रकार के वाहनों को इससे होकर आने-जाने की अनुमति दी जा रही है।
हालांकि जब तक टोल शुल्क के संबंध में विज्ञप्ति जारी नहीं कर दी जाती है, तब तक हम सभी वाहनों को एक ही श्रेणी में नहीं रख सकते हैं। हमने मुख्यालय से टोल शुल्क वसूलने के संबंध में लिखित अनुरोध किया है और आगे के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।

बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के खोले गये स्ट्रेच की विशेषताएं -
- बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा कर्नाटक में खोला गया है उसकी लंबाई 68 किमी है।
- होस्कोट से KGF (बेतमंगला) तक का यह सेक्शन फिलहाल टोल-फ्री है।
- बेतमंगला एग्जिट से वाहन चालक स्थानीय सड़कों का इस्तेमाल कर मलबगल तक जा सकते हैं और वहां से आंध्र प्रदेश सीमा तक पहुंच सकते हैं।
- कर्नाटक में इस एक्सप्रेसवे का 3 किमी लंबा हिस्सा और होगा, जो अभी निर्माणाधीन है। संभावना जतायी जा रही है कि इस साल के अंत तक उसे खोल दिया जा सकता है। बाकी का हिस्सा कर्नाटक से बाहर बनाया जा रहा है।
- बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 260 किमी है।
- यह एक्सप्रेसवे बेंगलुरु को चेन्नई के पास श्रीपेरुम्बुदुर से जोड़ता है।
- बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर अधिकतम 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां चलाने की अनुमति दी गयी है।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कर्नाटक में NHAI की दो टोल-प्लाजा बनाने की योजना है। मैसूर-बेंगलुरु हाईवे की तरह ही संभावना है कि इस एक्सप्रेसवे पर भी बाईक, ऑटोरिक्शा और ट्रैक्टर जैसे वाहनों को प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) से जुड़ेगा, जो दबस्पेट को होस्कोट से जोड़ेगा और डोड्डाबल्लपुर और देवनहल्ली से होकर गुजरेगा। इस वजह से टुमकुरु रोड और बेंगलुरु-हैदराबाद रोड से आने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे तक पहुंच मिल जाएगी। बताया जाता है कि NHAI ने STRR को दबस्पेट से तमिलनाडु सीमा तक ले जाने की योजना भी बनायी है।
आमतौर पर एक्सप्रेसवे दो शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय घटाने का काम करते हैं लेकिन यह एक्सप्रेसवे बेंगलुरु के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। खासतौर पर ओल्ड मद्रास रोड पर पिक आवर के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम की वजह से कई महत्वपूर्ण जगहों जैसे एसवी रोड मेट्रो स्टेशन, बय्यप्पनहल्ली, बेन्नीगनहल्ली, टिन फैक्ट्री और केआर पुरा आदि में विलंब का मुख्य कारण भी बन रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए बेंगलुरु-कोलार हाई को वर्तमान के 4 लेन से 10 लेन चौड़ा (6 लेन का हाईवे और 4 लेन का सर्विस रोड) बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।



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