स्थानीय निवासियों की ढेर सारी आपत्तियों के बाद आखिरकार बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने नम्मा मेट्रो (Namma Metro) का किराया 30% तक घटाने का फैसला ले लिया। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पिछली शुक्रवार (14 फरवरी) से ही नम्मा मेट्रो में घटा हुआ किराया लागू कर दिया गया है। मेट्रो का किराया 'असामान्य' है, यह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने X हैंडल पर किये एक पोस्ट में कहा था।
साथ ही उन्होंने BMRCL से मेट्रो के किराए के बारे में फिर सोचने और जिन स्टेशनों के बीच किराया अत्यधिक बढ़ाया गया है उसे कम करने का अनुरोध भी किया था। बता दें, फेयर फिक्शेसन कमेटी की सिफारिश के आधार पर ही 9 फरवरी को BMRCL ने बेंगलुरु मेट्रो के किराए में वृद्धि की थी।

Deccan Herald की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब बेंगलुरु मेट्रो के किराए में वृद्धि की घोषणा की गयी थी, उस समय बिना किसी अतिरिक्त छूट के मेट्रो का किराया लगभग 51.55% की वृद्धि हुई थी। लेकिन किराए में दी जा रही कुछ छूट के बाद सप्ताह के दिनों में यह किराया 41.7% और रविवार व तीन राष्ट्रीय छुट्टियों के दिनों में किराए में 39.87% की वृद्धि हुई थी।
कुल मिलाकर यात्रियों के लिए मेट्रो के किराए में औसतन लगभग 46.39% की वृद्धि हो रही थी। हालांकि कुछ इलाकों में यात्रियों का दावा है कि नम्मा मेट्रो के किराए में वृद्धि के बाद उनके पॉकेट पर लगभग 70-100% का दबाव अधिक पड़ रहा है।
लेकिन मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावे में बताया जा रहा है कि किराए को लेकर एक बार फिर से विचार-विमर्श करने के बाद इसे कम करने के लिए एक छोटे से ट्रिक का उपयोग किया गया है। अब मेट्रो का किराया किलोमीटर के आधार पर न रखकर दो स्टेशनों के बीच की दूरी को 1 किमी के तौर पर निर्धारित किया गया है, भले ही उन दोनों स्टेशनों के बीच की वास्तविक दूरी कितनी भी किलोमीटर क्यों न हो! बताया जाता है कि इस छोटे से ट्रिक का उपयोग करने के बाद किराए में होने वाली न्यूनतम वृद्धि 33% हो रही है, जबकि अधिकतम वृद्धि 71.43% तक होने का दावा मीडिया रिपोर्ट में किया जा रहा है।
इस बारे में BMRCL के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) एम. महेश्वर राव के हवाले से बताया जा रहा है कि फेयर फिक्शेसन कमेटी की सिफारिश के आधार पर हमने नम्मा मेट्रो का जो नया किराया निर्धारित किया है, उसमें ऐसे यात्री जिनका किराया लगभग दोगुना हो रहा था, वह अब उससे कम होने वाला है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जिन यात्रियों को मेट्रो का किराया पहला ₹20 और किराया बढ़ने के बाद ₹40 चुकाना पड़ता था, उन्हें अब ₹30 मेट्रो का किराया देना पड़ेगा।
दावा किया जा रहा है कि किराए को घटाने की इस ट्रिक की वजह से करीब 2,91,418 मेट्रो यात्रियों को सुविधा होने वाली है। राव का कहना है कि यात्रियों में किराए को लेकर कोई कन्फ्यूजन न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी 68 मेट्रो स्टेशनों पर किराए के बारे में डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा।
BMRCL को उम्मीद है कि किराए में वृद्धि की वजह से मेट्रो रेलवे को प्रतिवर्ष ₹1 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। BMRCL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब नम्मा मेट्रो का फेज 2, 2A और 2B पूरा बनकर तैयार हो जाएगा, उस समय भी यहीं किराया पद्धति लागू रहेगी। उक्त अधिकारी ने यह भी बताया कि स्मार्ट कार्ड पर न्यूनतम टॉप-अप, QR कोड पर 5% की छूट और छात्रों को मिलने वाली छूट को फिर से वापस लाया जाएगा।
जिन यात्रियों के किराया वृद्धि के शुरुआती 4 दिनों में मेट्रो का बढ़ा हुआ किराया चुकाया था, उन्हें कोई रिफंड नहीं मिलेगा। BMRCL के उक्त अधिकारी ने कहा कि किस व्यक्ति ने इन 4 दिनों के दौरान मेट्रो में कहां से कहां तक की यात्रा के दौरान अतिरिक्त किराया चुकाया था, उन्हें हम कैसे ढूंढ निकालेंगे?



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