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पांच बातें जो आपको अर्राह आने के लिए करेंगी मजबूर

भारत के पूर्वी राज्य बिहार स्थित अर्राह एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह प्राचीन शहर राज्य के राजधानी शहर पटना से लगभग 58 कि.मी की दूरी पर भोजपुर जिले में स्थित है। इस शहर को गंगा और सोन नदी प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाने का काम करती है। घूमने-फिरने और देखने के लिहाज से यहां कई खास स्थल मौजूद हैं, जहां देश-विदेश से पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है।

यह शहर भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रह चुका है। आप यहां अतीत से जुड़ी कई प्राचीन संरचनाओं को देख सकते हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज से यह शहर आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है। 

विश्राम

विश्राम

अर्राह भ्रमण की शुरूआत आप यहां के प्रसिद्ध स्थल 'विश्राम' से कर सकते हैं। यह एक हिन्दी शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'आराम'। 'विश्राम' शहर का प्रसिद्ध जैन मंदिर है, जो जैन संप्रदाय के चौबीसवे तीर्थंकर महावीर को समर्पित है।

माना जाता है कि भगवान महावीर अपनी यात्रा के दौरान इस स्थल पर आराम करने के लिए रुकते थे। यहां का उस समय की याद दिलाता एक स्तूप भी देख सकते हैं। यहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों का भी भारी जमावड़ा लगता है।

जगदीशपुर किला

जगदीशपुर किला

धार्मिक स्थलों के अलावा आप अर्राह में ऐतिहासिक स्थलों की सैर कर सकते हैं। आप यहां का प्राचीन जगदीशपुर किला देख सकते हैं। यह किला भारत के पूर्व स्वतंत्रता सैनानी बाबू वीर कुंवर सिंह का निवास स्थान था। यह किला मुख्य शहर अर्राह से 30 कि.मी की दूरी पर स्थित है। 'मिट्टी का लाल' के नाम से विख्यात कुंअर सिंह ने 1857 में अहम भूमिका निभाई थी।

माना जाता है स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनके घर पर ही सभाएं लगती थीं। इसके अलावा वो अपने समय के बड़े समाजसेवी भी थे, जिन्होंने कई स्कूल और मंदिरों का निर्माण करवाया। हर तेईस अप्रैल को उनका जन्म दिवस विजय उत्सव के नाम से मनाया जाता है।

अरा हाऊस, महाराजा कॉलेज

अरा हाऊस, महाराजा कॉलेज

अर्राह के प्राचीन स्थलों में आप अरा हाऊस को देख सकते हैं, इस प्राचीन इमारत का निर्माण 1857 से पहले ब्रिटिश काल के इंजीनियर ने किया था। माना जाता है कि बाबू कुंअर वीर सिंह से लड़ाई के दौरान ब्रिटिश यहां शरणार्थी को रखती थी, जिसके बाद इस जगह को अंग्रेजों ने अपने कब्जे में ले लिया था।

यह प्राचीन इमारत वर्तमान में महाराजा कॉलेज के परिसर में स्थित है। महाराजा कॉलेज का निर्माण श्री कमल सिंह द्वारा उनके पिता की याद में बनवाया गया था। यह स्थल बिहार के मुख्य पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

अन्नया देवी मंदिर

अन्नया देवी मंदिर

इन स्थानों के अलावा आप यहां अन्नया देवी मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। यह देवी शक्ति को समर्पित यह मंदिर अर्राह के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर की देवी को जंगली की देवी के नाम से भी जाना जाता है। यहां एक बड़ा बरामदा है, तीन बड़ी घंटियां लगी हैं साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दो प्रवेशद्वार भी बने हुए हैं। अन्नया देवी की दो मूर्तियों के अलावा यहां एक शिवलिंग और नंदी की एक मूर्ति भी स्थित है।

इसके अलावा आप यहां भगवान राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता, राधा-कृष्ण की मूर्तियां भी देख सकते हैं। यहां रोज सुबह-शाम दैनिक आरती की जाती है, जिसमें आसपास के श्रद्धालु शामिल होते हैं।

शिव मंदिर

शिव मंदिर

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप अर्राह से कुछ घंटे की दूरी पर ब्रह्मपुर में प्रसिद्ध शिव मंदिर को देख सकते हैं। माना जाता है कि इस शहर का निर्माण भगवान ब्रह्रा ने किया था। जानकारी के अनसार यहां मौजूद शिवलिंग कई सालों पहले जमीन के अंदर से निकला था।

यहां भगवान शिव ब्रह्मेश्वर के नाम से भी जाने जाते हैं। यहां रोजाना भक्तों का आनाजाना लगा रहता है, खास अवसरो पर यहां भव्य आयोजन किए जाते हैं। श्रावण माह के दौरान आप यहां आ सकते हैं।

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