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राजस्थान का ऐतिहासिक स्थल किशनगढ़, ये चीजे हैं सबसे ज्यादा खास

किशनगढ़, राजस्थान का एक ऐतिहासिक शहर है, जो राज्य के अजमेर जिले में स्थित है। इसका पूरा नाम मदनगंज-किशनगढ़ है, जो जोधपुर के महाराजा किशन सिंह द्वारा 1609 में बसाया गया था । किशन सिंह से पहले यह क्षेत्र कभी महाराजा समोखान सिंह के अधीन था, जो किशन सिंह के दूर से रिश्तेदार थे। यह शहर औपनिवेशिक काल के दौरान यहां की रियासत की राजधानी भी हुआ करता था। यह स्थल कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। उस दौरान बनाई गईं कई ऐतिहासिक संरचनाओं को आज भी यहां देखा जा सकता है। पर्यनट से लिहाज से यह एक आदर्श स्थल है, जहां आप किले, महल से लेकर झीलें और आकर्षक चित्रकारी भी देख सकते हैं। इस लेख में जानिए किशनगढ़ आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

किशनगढ़ का किला

किशनगढ़ का किला

PC-SimonP

किशनगढ़ भ्रमण की शुरुआत आप यहां के प्राचीन किले से कर सकते हैं, जो किशनगढ़ फोर्ट के नाम से जाना जाता है, जिसका निर्माण 1649 में महाराजा रूप सिंह ने करवाया था। यह किला राजपूताना और मुगल वास्तुकला का एक अनूठा उदाहरण है, जो पर्यटकों को काफी ज्यादा प्रभावित करने का काम करता है। चूंकि इसे महाराजा रूपसिंह ने बनवाया था इसलिए इस किले को रूपनगढ़ के नाम से भी जाना जाता है। अजमेर मुख्य शहर से यह किला 27 कि.मी की दूरी पर है। इस किले के अंदर अनाज के गोदामों से लेकर जेल, शस्त्रागार, लोह का ढलाई-ख़ाना आदि मौजूद हैं। यह किला एक मोटी दीवार से घिरा है, जो दुश्मनों से सुरक्षा की दृष्टि से बनवाई गई थी। इतिहास की बेहतर समझ के लिए आप यहां आ सकते हैं।

फूल महल पैलेस

फूल महल पैलेस

PC-Abhishek1928eee

किशनगढ़ किले के अलावा आप यहां के खूबसूरत फूल महल पैलस को देख सकते हैं। जिसका निर्माण यहां के महाराजा ने 1870 में बनवाया था। इस महल का इस्तेमाल शाही निवास के लिए हुआ करता था। हालांकि अब इसे एक हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया है। यह महल यहां की गुंडालाओ झील पास मौजूद है। यह महल अपनी उत्कृष्ट वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले पर्यटन इस महल की खूबसूरती देखकर काफी आश्चर्यचकित हो उठते हैं। पर्यटकों के लिए यहा ठहरने के लिए यहां शाही सुविधा उपलब्ध है। आप किशनगढ़ भ्रमण के दौरान यहां इस आकर्षक महल को देख सकते हैं। महल से आप खूबसूरत गुंडालाओ झील को भी देख सकते हैं।

गुंडालाओ झील

गुंडालाओ झील

किशनगढ़ स्थित पर्यटन स्थलों की श्रृंखला में आप यहां की पुरानी गुंडालाओ झील की सैर का आनंद ले सकते हैं। इस झील का इस्तेमाल किशनगढ़ के महाराजाओ के वक्त पीने योग्य जल की आपूर्ति और आमोद-प्रमोद के लिए किया जाता था। हालांकि देख-रेख की की कमी के कारण यहां का जल काफी दूषित हो चुका है, इसलिए यह झील देखने मात्र ही रह गई है। गुंडालाओ झीले यहां के फूल महल पैलेस के पास बनी हुई है। शाही परिवार से सदस्य महल से ही इस झील के अद्भुत दृश्यों का आनंद लिया करते थे। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं।

खोडा गणेश जी मंदिर

खोडा गणेश जी मंदिर

किशनगढ़ के ऐतिहासिक स्थलों के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकते हैं। किशनगढ़ से लगभग 15 कि.मी की दूरी पर भगवान गणेश का पुराना मंदिर है, जो खोडा गणेश जी मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 250 वर्षों पहले किशनगढ़ के शाही परिवार द्वारा किया गया था। यह मंदिर क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है, जिसके दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आगमन होता है। यहां ज्यादातर शादीशुदा जोड़े भगवान गणेश का आशीर्वाद ग्रहण करने के लिए आते हैं। बुधवार के दिन यहां गणपति की भव्य पूजा की जाती है, और इस दिन भक्तों का भारी जमावड़ा भी लगता है।

बनी ठनी

बनी ठनी

PC-Nihâl Chand

किशनगढ़ का भ्रमण यहां की प्राचीन चित्रकारी को देखे बगैर पूरा नहीं हो सकता है। यह क्षेत्र अपनी अद्भुत चित्रकारी के लिए भी जाना जाता है। बनी ठनी यहां की सबसे खास पेंटिंग्स को कहा जाता है। इस खास चित्रकारी का इस्तेमाल भारतीय सरकार ने अपने पोस्टल स्टांप के लिए भी किया है। इस खास चित्रकला को राजस्थान की मोनालिसा भी कहा जाता है। इस खास चित्रकारी को आप किशनगढ़ में देख सकते हैं। दरअसल बनी ठनी यहां के एक कवि राजा सांमत सिंह के दरबार में एक कवयित्री थीं।

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