Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »तमिलनाडु : वेलनकन्नी में घूमने लायक पांच सबसे खास स्थल

तमिलनाडु : वेलनकन्नी में घूमने लायक पांच सबसे खास स्थल

PC-Indiangeologist
वेलनकन्नी, तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले का एक खूबसूरत नगर है, जो ईसाइयों के बड़े तीर्थ स्थल के रूप में भी जाना जाता है। वेलनकन्नी, चेन्नई से 350 कि.मी की दूरी पर स्थित बंगाल की खाड़ी के कोरमंडल पर बसा है। इतिहास से जुड़े पन्ने बताते हैं कि यह नगर कभी एक व्यापारिक केंद्र हुआ करता था, जहां के बंदरगाह से रोम और यूनान जैसे देशों के साथ आयात-निर्यात किया जाता था।

लेकिन समय के साथ-साथ इसका व्यापारिक अस्तित्व नागपट्टिनम के सामने टिक न सका। आप यहां उस नहर को देख सकते हैं, जो इस नगर को वेदरनयम के साथ जोड़ने के लिए बनाई गई थी। बता दें कि 2004 में आई सुनामी के दौरान यह नगर बुरी तरह छतिग्रस्त हो गया था।

वैसे यहां देखने और घूमने-फिरने के लिए बहुत से शानदार स्थल मौजूद हैं, जिन्हें आप यहां की यात्रा के दौरान देख सकते हैं। यहां का मुख्य आकर्षण बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ नामक चर्च है, आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं, यह नगर आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ

बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ

PC-Indiangeologist

वेलनकन्नी, भ्रमण की शुरुआत आप यहां के सबसे मुख्य आकर्षण बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ नाम चर्च के भ्रमण से कर सकते हैं। यह खूबसूरत चर्च यहां सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्थानों में शामिल है। यह चर्च आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ को समर्पित है। इस चर्च को आवर लेडी ऑफ वेलनकन्नी के नाम से भी संबोधित किया जाता है। यह वो उपाधि है, जो वर्जिन मैरी को दी गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मैरी का यहां आगमन 16 से 17वीं शताब्दी के मध्य हुआ था। मैरी को लेकर एक किवदंती भी जुड़ी है, माना है कि कि इनके दर्शन सबसे पहले एक स्थानीय लड़के को हुए थे, जो दूर के किसी आदमी को दूध देने के लिए जा रहा था, पर सफर के दौरान वह आराम करने के लिए पास की किसी झील के सामने बैठ गया, तभी वहां बच्चे को गोद लिए किसी महिला का आगमन हुआ, जिसने उस लड़के से अपने बच्चे के लिए दूध मांगा, लड़के के बिना सोचे थोड़ा सा दूध उस महिला को दे दिया। जब वो बाकी बचा दूध उस आदमी को देने के लिए गया तो, उसने उस व्यक्ति से माफी मांगी कि आज तो दूध कम है, लेकिन जैसे ही उसने दूध का डिब्बा खोल कर देखा तो उसमें दूध पूरा मौजूद था। इस चर्च को देखने के लिए दूर-दराज से लोगों का आगमन होता है।

 वेलनकन्नी बीच

वेलनकन्नी बीच

चर्च देखने के बाद बाद आप यहां वेलनकन्नी बीच की सैर का प्लान बना सकते हैं, जो भारी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह जिले के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है, जिसे लूर्डेस ऑफ द ईस्ट भी कहा जाता है। चर्च भ्रमण के बाद आप आप थोड़ा सुकून भरा समय यहां समुद्र तट पर बिता सकते हैं। यह बीच बंगाल की खाड़ी पर स्थित है। इस तट की दक्षिण दिशा में वेलनकन्नी गांव बसा है। माना जाता है कि इस समुद्री तट से रोम और यूनान के साथ व्यापार किया जाता था।

सिक्कल

सिक्कल

PC-Anandajoti Bhikkhu

आप वेलनकन्नी से सिक्कल की सैर का प्लान बना सकते हैं, सिक्कल, जिले के अतर्गत एक शहर है, जो वेलनकन्नी से मात्र 12 कि.मी की दूरी पर स्थित है। यह एक खूबसूरत शहर है, जो अपने सिक्कल सिंगारा वेलन मंदिर के लिए जाना जाता है, जो भगवान मुरुगन को समर्पित है। यह एक विशाल मंदिर है, जिसका विसाश परिसर, दीवारों की गई गई बारीक कारीगरी और वास्तुकला पर्यटकों को बहुत हद तक प्रभावित करने का काम करती हैं। मंदिर में लगाए गए स्तंभ पर्यटकों को काफी ज्यादा प्रभावित करते हैं। मंदिर परिसर में एक छोटा सा मंदिर भी मौजूद है, जो भगवान शिव, विष्ण, और भगवान गणेश को समर्पित है। इस मंदिर में आप आकर्षक चित्रकारी का संग्रह भी देख सकते हैं।

सेंट सेबेस्टियन चर्च

सेंट सेबेस्टियन चर्च

PC-Rohithriaz

वेलनकन्नी के पर्यटन आकर्षणों में आप यहां की सेंट सेबेस्टियन चर्च को भी देख सकते हैं। हालांकि आकार में यह ज्यादा बड़ी नहीं है, पर इसकी खूबसूरती यहां आने वाले आगंतुकों को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। चर्च की संरचना दो बड़ी मीनारों के साथ बनाई गई है, जिसपर क्रास लगे हुए हैं। चर्च दीवार से घिरी हुई है, और आसपास काफी पेड़-पौधे मौजूद है, जो चर्च परिसर को छांवदार बनाने में मदद करते हैं।

नागौर

नागौर

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप वेलनकन्नी से नागौर की सैर का प्लान बना सकते हैं। नागौर जिले का एक महत्वपूर्ण नगर है, जो वेलनकन्नी से लगभग 18 कि.मी की दूरी पर स्थित है। इस नगर का मुख्य आकर्षण नागौर दरगाह है, जो नागौर शरीफ के नाम से जानी जाती है। यह दरगाह हजरत सैयद हामिद कादिर वली को समर्पित है, जो एक मुस्मिल संत थे। माना जाता है कि ये मध्य प्रदेश के किसी गांव से ताल्लुक रखते थे । इन्होंने अपने समय में एक ईश्वर सिद्धांत पर जोर दिया और इसका संदेश समाज के लोगों को दिया।

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more