प्यार में तकरार होना आम बात है लेकिन जब कभी कभी यह तकरार ज्यादा बढ़ जाती है तो रिश्ता टूटने का डर सताने लगता है।यह सिर्फ गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के साथ ही नहीं बल्कि यह पति पत्नी के बीच भी हमेशा रहता है।
अगर आपका भी आपके साथ से आये दिन झगड़ा होता है..और आपको हमेशा अपने ब्रेकअप का डर सताता रहता है..तो भदैया कुंड में एक डुबकी तो जरुर लगा लें। जी हां भदैया कुंड,जिसमे डुबकी लगाने से पति पत्नी के बीच कभी झगड़ा नहीं होता है।
सुन के थोड़ा अजीब जरुर लग सकता है..लेकिन यह सच है।इस भदैया कुंड में आने वाला पानी कोई अदभुत पानी नहीं है। मानसून सीजन में ही इस झरने से पानी बहता है। दरअसल बारिश का पानी जिन चट्टानों से होकर कुंड में आता है उसमें कोई चमत्कार तो अवश्य है। भदैया कुंड में न्यूली मैरिड कपल्स के अलावा बुजुर्ग दंपति भी एक साथ नहाने के लिए आते है।

भदैया कुंड
एक खुशहाल जिन्दगी की हर किसी की तलाश होती है, लेकिन जब पति पत्नी के बीच झगड़ा ज्यादा हो जाता है, तो घर का सुख चैन सब गायब हो जाता है।

भदैया कुंड
यह कुंड भारत के दिल मध्य प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थल शिवपुरी में स्थित है। जिसे लोगो के बीच भदैया कुंड के नाम से जाना जाता है।

भदैया कुंड
कहा जाता है कि इस कुंड में जो नवदंपत्ति स्नान करते है उनमे कभी झगड़ा नहीं होता है। लोगों का मानना तो यह भी है कि जिन पति पत्नी के बीच रिश्ते मधुर न हो तो उनके द्वारा इस कुंड में स्नान करने से उनके रिश्तो में मधुरता आ जाती है।

भदैया कुंड
यही कारण है कि जहां नवदम्पति सुखी दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करने की तमन्ना से यहां आते हैं वहीं बुजुर्ग दम्पत्ति लम्बे समय के वैवाहिक जीवन में कभी-कभी होने वाली छोटी-मोटी खटपट को भी जड़ से उखाड़ फेंकने की इच्छा से भदैया का सहारा लेते हैं !

भदैया कुंड
इस वाटर फॉल का पानी एक मंदिर के ऊपर से गिरता है और एक कुंड में एकत्र हो जाता है। इसी कुंड का पानी गुणकारी है। लोगों का कहना है कि बारिश का पानी जिन चट्टानों से होकर कुंड में एकत्र होता है, उसके ही मिनरल्स में कोई चमत्कार है, जिससे पानी गुणकारी हो जाता है।

भदैया कुंड
कुंड का पानी चिकित्सीय शक्तियों से भरपूर माना जाता है। इस कुंड की सैर का सबसे अच्छा समय मानसून के दौरान होता है क्योंकि इस दौरान कुंड में पानी काफी मात्रा में होता है और भरा हुआ कुंड शहर से थके हारे आने के बाद आंखों को सुखद माहौल प्रदान करता है।

भदैया कुंड
बता दें, भदैया कभी सिंधिया राजवंश की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करती थी और राजवंश ने ही यहां कुंड का निर्माण कराया था।

शिवपुरी कैसे पहुंचे
शिवपुरी तक के लिए व्यापक सड़क मार्ग नेटवर्क स्थापित है। यहां तक के लिए आसपास के शहरों और कस्बों से भी बसें मिल जाती हैं। सड़क अच्छी हैं अत: पर्यटकों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है।
ग्वालियर ( 128 किमी. ) और झांसी ( 100 किमी. ) से शिवपुरी तक के लिए नियमित रूप से चलने वाली बसें मिलती हैं जो सस्ती और सुविधाजनक होती हैं।



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