
जी हां, कहते हैं ना कि, शादी सात जन्मों का बंधन होती है....लेकिन कभी कभी मन मुटाव के चलते ये शादी एक जन्म भी नहीं चल पाती। अगर आप भी चाहते हैं..कि आपकी या फिर आपके बेटे-बेटी की शादी सुखमय रहे तो आपको जाना होगा भाटला देवी मंदिर... क्योंकि जो व्यक्ति भाटला देवी मंदिर में जाते हैं उनका पूरा जीवन सुखमय व्यतीत होता है और उनको सात जन्मों तक अपने पार्टनर का ही साथ मिलता है।
जी हां भाटला देवी मंदिर महाराष्ट्र के दहिसर में स्थित है। मान्यता है कि इस मंदिर में शादी करने से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और शादी करने वाले वर-वधू एक जन्म के लिए नहीं बल्कि सात जन्मों के लिए एक-दूसरे के साथ बंध जाते हैं।

40 हजार वर्ग फुट में फैले इस मंदिर में भाटला देवी के अलावा पवनपुत्र, श्री राधाकृष्ण, गणेश जी की मूर्तियां भी उपस्थित है साथ ही कुछ भक्तों का ये भी मानना है कि सच्चे और साफ मन से माता की पूजा करने से मन की सारी इच्छाएं पूर्ण होती है यही वजह है कि यहां पर शादियां कराई जाती है और पीछे की धारणा ये है कि वो शादी कभी नहीं टूटतीं और लंबे समय तक चलती है। इतना ही नहीं, लोगों का तो यह भी मानना है कि भाटला देवी के सामने शादी की पवित्र बंधन में बंधने वाला दम्पति सात जन्म एक-साथ निभाते है।
पौराणिक कथा
मंदिर के पीछे का सच है कि पुर्तगाल से आए लोग वसई क्षेत्र में हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों को ध्वस्त कर रहे थे, तभी चिमाजी चिमाजी आपा वहां से देवी की मूर्ति लेकर दहिसर आ गए। यहां पर मौजूद पीपल के पेड़ के नीचे उन्होने उस मुर्ति को छिपा दिया। भाटों ने सबसे पहले इस मुर्ति के दर्शन किए, तभी से यह भाटला देवी के नाम से प्रसिद्ध हो गया और यहां मंदिर बन गया।

लोगों में और भक्तों में यह विश्वास है कि जो भी जोड़ा इस मंदिर के साथ फेरे लेता है तो उनका जन्म सात जन्मों का हो जाता है उन्हें कोई भी अलग नहीं कर सकता मंदिर की एक खासियत के कारण भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ यहां दर्शन करने के लिए आते हैं।
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