अगर आपको प्राकृतिक झरने, उफनती नदी में बोटिंग करना और संगमरमर के पहाड़ एक ही जगह पर देखने का आनंद एक साथ उठाना है तो बैग उठाइए और पहुंच जाइए मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के शहर भेड़ाघाट। जबलपुर से करीब 20 किमी की दूरी पर नर्मदा नदी के किनारे बसा भेड़ाघाट अपने आप में ही जबरदस्त प्राकृतिक सुन्दरता समेटे हुए है।

मानसून के समय संगमरमर के पहाड़ों के बीच से होकर बहती उफनती नर्मदा नदी इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। अगर आपने मानसून के मौसम में भारत के एक खूबसूरत जगह को एक्सप्लोर करने का मन बना लिया है तो सीधे भेड़ाघाट पहुंच जाइए। यहां संगमरमर के पहाड़ों के अलावा और भी बहुत कुछ आपको नजर आएंगे।
आइए आपको भेड़ाघाट की खूबसूरती और यहां घूमने की जगहों के बारे में बताते हैं :
200-250 करोड़ साल पुराना है इतिहास

भेड़ाघाट का इतिहास एक-दो नहीं बल्कि 200-250 साल पुराना बताया जाता है। भेड़ाघाट से कई लोककथाएं भी जुड़ी हुई है। ऐसे ही एक लोककथा में कहा जाता है कि भेड़ाघाट में ही ऋषि भृगु का आश्रम हुआ करता था। बुंदेली भाषा में भेड़ा का अर्थ भिड़ना होता है। भेड़ाघाट पर नर्मदा और गंगा नदियों का संगम है। इसलिए इस जगह को यह नाम मिला।
घूमने की शानदार जगहें
भेड़ाघाट में कई घुमने की जगहें हैं। मानसून के समय इस छोटे से शहर की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए कहा जाता है कि जिन लोगों को रोमांच पसंद हैं उन्हें खासतौर पर मध्य प्रदेश के इस छोटे से शहर में मानसून के समय जरूर आना चाहिए। भेड़ाघाट में घूमने की कई जगहें हैं, जिनमें बैलेंसिंग रॉक, धुंआधार झरना, संगमरमर पहाड़ों के बीच नौका विहार और चौसठ योगिनी मंदिर शामिल हैं।
धुंआधार झरना
भेड़ाघाट के इस झरने के किनारे कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हुई है। करीब 30 मीटर की ऊंचाई से जब यह जलप्रपात नर्मदा नदी में जाकर गिरता तो वहां बस धुंआ ही धुंआ नजर आता है। इसलिए इस जलप्रपात को यह नाम मिला है। दिन के समय जब सूरज की किरने जलप्रपात पर पड़ती है तो कोई भी अपना दिल इस झरने पर हार सकता है।

यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक करने के लिए आदर्श है। लेकिन इस झरने की खूबसूरती मानसून के समय मानों कई गुना बढ़ जाती है। उस समय झरने में पानी की मात्रा बढ़ने के कारण यह धरना बेहद शानदार नजर आता है।
संगमरमर पहाड़ों के बीच बोटिंग
कोई भी नदी हो या झील, सैलानी कभी भी बोटिंग करने का मौका नहीं गंवाते हैं। लेकिन मानसून के समय उफान मारती नदी में बोटिंग करना तो एडवेंचर के शौकिनों का दिल बाग-बाग कर देने जैसा होगा। यकिन मानिए मानसून में भेड़ाघाट आने पर आप बिल्कुल निराश नहीं होंगे।

संगमरमर के ऊंचे-ऊंचे दो पहाड़ों के बीच से होकर बहती नर्मदा नदी में चांदनी रात में बोटिंग से ज्यादा रोमांटिक और एडवेंचरस कुछ नहीं हो सकता है। दिन के समय जब सूर्य की किरणें संगमरमर के इन पहाड़ों पर पड़ती तो मानों वक्त ठहर सा जाता है। संगमरमर के इन पहाड़ों के बीच होकर बहती नदी को देखकर ऐसा लगता है मानों हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार यहां जरूर आना चाहिए।
बैलेंसिंग रॉक्स

बैलेंसिंग रॉक्स में आपको एक विशालाकार पत्थर अद्भुत तरीके से दूसरे पत्थर पर बैलेंस बनाए हुए दिखेगी। यह गोलाकार पत्थर ना तो मानवनिर्मित है और ना ही इसे दूसरे पत्थर पर किसी इंसान ने रखा है। हजारों साल पहले ज्वालामुखी विस्फोट से बना यह पत्थर उस समय से ही दूसरे पत्थर पर बैलेंस बनाए रखा है। यह इतनी अच्छी तरह से बैलेंस बनाए हुए है कि भूकम्प आ जाए या तूफान, यह पत्थर अपनी जगह से टस से मस नहीं होता है।
चौसठ योगिनी मंदिर

जी हां, यह वहीं मंदिर से जिससे प्रेरित होकर हमारे देश का पुराना संसद भवन बनाया गया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मांण की जननी माता दुर्गा की 64 सेविकाएं जिन्हें चौसठ योगिनी कहा जाता है, का यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है। हालांकि इस मंदिर की कई मूर्तियां टूट चुकी हैं लेकिन कहा जाता है कि आज भी इस मंदिर को 64 योगिनियां पहरा देती हैं। मंदिर के बीचोबीच भगवान शिव की एक मूर्ति स्थापित है। लोककथाओं के अनुसार इस मंदिर से एक खुफिया मार्ग गोंड रानी दुर्गावती के महल तक जाती है।
कैसे पहुंचे भेड़ाघाट
भेड़ाघाट का सबसे नजदीकी और प्रमुख शहर जबलपुर है। जबलपुर यह 20-25 किमी की दूरी पर है। भेड़ाघाट पहुंचने के लिए जबलपुर से आपको टैक्सी या किराए पर प्राईवेट गाड़ियां मिल जाएंगी। आप 30-35 की ड्राईव पर मध्य प्रदेश के इस छोटे से शहर भेड़ाघाट पहुंच सकते हैं।



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