बिहार, जिसे अब तक मुख्य तौर बौद्ध धर्म की कार्यस्थली के रूप में ही जाना जाता था, को अब भगवान श्रीराम के दुनिया में सबसे विशाल मंदिर 'रामायण' के लिए भी पहचान मिलेगी। बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में रामायण मंदिर का निर्माण कार्य 20 जून 2023 को शुरू हो चुका है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मंदिर का निर्माण वर्ष 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस मंदिर के निर्माण के साथ ही बिहार धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नए आयाम लिखेगा। स्थानीय मान्यता के अनुसार जनकपुरी (वर्तमान नेपाल) में माता जानकी से विवाह करने के बाद भगवान राम इसी रास्ते से होकर अयोध्या वापस लौटे थे। जिस स्थान पर रामायण मंदिर बनाया जा रहा है, जनकपुरी से निकलने के बाद दूसरे दिन वहां भगवान राम की बारात रुकी थी। बता दें, इस मंदिर का निर्माण पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा करवाया जा रहा है।
आइए रामायण मंदिर के बारे में विस्तार जानकारी देते हैं :
कहां बन रहा है यह विशाल मंदिर

विश्व का सबसे विशाल रामायण मंदिर बिहार के पूर्वी चम्पारण में जिलामुख्यालय मोतिहारी से करीब 36 किमी की दूरी पर बन रहा है। इस मंदिर का निर्माण चकिया-केसरिया मार्ग पर कल्याणपुर ब्लॉक में कैथवलिया (स्थानीय नाम कथवलिया) गांव में किया जा रहा है। यह मंदिर राजधानी पटना से 120 किमी और वैशाली से 60 किमी की दूरी पर बनाया जा रहा है। कहा जाता है कि पहले इस मंदिर का नाम विराट अंकोरवाट मंदिर रखा गया था। लेकिन कंबोडिया सरकार द्वारा आपत्ति जताने के बाद इस मंदिर का नाम बदलकर रामायण मंदिर किया गया। इस मंदिर का शिलान्यास वर्ष 2012 में किया गया था।
रामायण मंदिर की भव्यता
कंबोडिया में स्थित दुनिया के सबसे विशाल अंकोर वाट मंदिर से भी आकार में ऊंचा बन रहे रामायण मंदिर का सबसे ऊंचा शिखर 270 फीट होगा जबकि अंकोरवाट मंदिर का सबसे ऊंचा शिखर 220 फीट का है। बताया जाता है कि रामायण मंदिर 3.76 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में बनाया जा रहा है। इस मंदिर में कुल 12 शिखर और 22 देवालय होंगे। तीन मंजीला इस मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस विशाल मंदिर के 20 देवालयों में श्रीराम की शिक्षा, अहिल्या उद्धार, जनकपुरी में धनुषभंग, राम विवाह, केवट प्रसंग, भरत मिलाप, शबरी के जूठे बेर खाना जैसे प्रसंगों को मूर्त रूप दिया जाएगा। 21वां मंदिर भगवान शिव का और 22वां देवालय भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होगा। इस मंदिर परिसर में 120 एकड़ के क्षेत्र में श्रीराम विवाह स्थल और धर्मशाला भी बनाया जाएगा।
स्थापित होगा दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग
रामायण मंदिर में सिर्फ भगवान श्रीराम ही नहीं बल्कि श्रीकृष्ण और भगवान शिव का मंदिर भी बनाया जाएगा। रामायण मंदिर में दुनिया सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। मंदिर में काले रंग के ग्रेनाइट से बना शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इसके लिए चेन्नई के पास महाबलीपुरम् में 250 टन वजन के काले ग्रेनाइट को काटकर सहस्रलिंगम् तैयार किया जा रहा है।

इसका निर्माणकार्य शिवरात्री 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस शिवलिंग का वजन 200 टन, ऊंचाई और गोलाई 33 फीट होगी। बता दें, 8वीं शताब्दी के बाद से भारत में सहस्रलिंग का निर्माण नहीं किया गया है। कहा जा रहा है कि इस मंदिर में एक बार में कम से कम 20,000 लोग एक साथ बैठकर पूजा कर सकेंगे।



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