चंडीगढ़ में पूरे जोर-शोर से चल रहा है रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास (Redevelopment)। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2023 से पुनर्विकास का काम शुरू हुआ था। इस रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं से लैस बनाने के लिए स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। वर्तमान में चंडीगढ़ स्टेशन से होकर लगभग 36,000 यात्री हर दिन सफर करते हैं।
प्रतिदिन इस स्टेशन से होकर 82 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें 17 जोड़ी ट्रेनें ऐसी भी होती हैं, जिनका टर्मिनल स्टेशन चंडीगढ़ ही होता है। लेकिन पुनर्विकास का यह काम कब खत्म होगा? अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस चंडीगढ़ के आधुनिक स्टेशन पर यात्रियों को कौन सी नयी सुविधाएं मिलेंगी?

पुनर्विकास के बाद कब खुलेगा चंडीगढ़ स्टेशन?
Financial Express की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को पुनर्विकास के बाद अगले साल मई से खोल दिया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट में रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री (MoS) रवनीत सिंह बिट्टू के हवाले से बताया गया है कि चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करीब ₹462 करोड़ की लागत से की जा रही है।
स्टेशन में यात्रियों की सुविधाओं के लिए कई नयी संरचनाओं जैसे फूट ओवरब्रिज से लेकर स्टेशन की नयी इमारतें और पार्किंग आदि तैयार की जा रही हैं। इनमें से कई संरचनाएं फरवरी 2025 तक इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएंगी।

कौन-कौन सी मिलेंगी यात्री सुविधाएं?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास योजना के तहत जो निर्माण व विकास कार्य किये जा रहे हैं, वो निम्न हैं -
- स्टेशन की इमारत चंडीगढ़ और पंचकुला दोनों तरफ चार मंजिला होगी।
- नवनिर्मित स्टेशन परिसर में कुल 30 लिफ्ट होंगे।
- इसके अलावा 10 एस्केलेटर और 2 फूट ओवरब्रिज होंगे। हर एक की चौड़ाई 12 मीटर होगी।
- पार्किंग के लिए 25,000 वर्ग मीटर का क्षेत्र होगा, जहां दो पहिया और चार पहिया दोनों तरह की वाहन खड़ी की जा सकेगी।
- 20 बिस्तर वाली दो डॉर्मिटरी होगी।
- 10 एसी रिटायरिंग रूम होंगे, जिसमें टीवी, हिटर और दूसरी सभी सुविधाएं होंगी।
- फूड प्लाजा होगा - जहां हर तरह के लजीज व्यंजनों का स्वाद रेलवे यात्री किफायती कीमतों पर उठा सकेंगे। फूड प्लाजा में एसी रेस्तरां और एयर कॉन्कोर्स भी होगा।
इसके साथ ही मीडिया से बात करते हुए रवनीत सिंह बिट्टू ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए आधुनिक सुरक्षा सिस्टम कवच 4.O को 10,000 रेलवे इंजनों में लगाने की अनुमति दी है। बता दें, सबसे पहले दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर 3,000 रूट किमी के क्षेत्र में कवच को लगाया गया है। वर्तमान वित्तिय वर्ष में ही पूरा कर लिया जाएगा।
वहीं दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-चेन्नई सेक्शन पर लगभग 9000 रूट किमी में कवच लगाने के लिए टेंडर आमंत्रित किये जा चुके हैं। इस साल 16 सितंबर को ही सवई माधोपुर और कोटा सेक्शन के बीच 108 किमी में कवच 4.O का ट्रायल रन किया गया था।
बताया जाता है कि अब तक कवच को दक्षिण मध्य रेलवे के 144 रेलवे इंजनों में और 1465 रूट किमी में लगाया जा चुका है।



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