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इस दिन मनाया जाएगा चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल 2022, आप भी देखने जरूर जाएं...

शिलांग में आयोजित होने वाला चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल हर साल नवम्बर महीने में तीन दिनों के लिए आयोजित किया जाता है, जो चेरी ब्लॉसम फूलों के खिलने को लेकर मनाया जाता है।

भारत को यूं ही नहीं विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां सभी सभ्यता और सभी संस्कृतियों को तहजीब दी जाती है। हर महीने किसी न किसी राज्य का कोई स्पेशल फेस्टिवल आता है, जब देशभर से लोग उसे देखने व इंजॉय करने जाते हैं। इस बार हम आपके लिए चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी का पिटारा लेकर आए हैं तो चलिए जानते हैं कि आखिर कब मनाया जाएगा चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल 2022।

चार दिवसीय होता है चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल

चार दिवसीय होता है चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल

यह फेस्टिवल हर साल नवम्बर महीने में मेघालय की राजधानी शिलांग में आयोजित किया जाता है। इस चार दिवसीय फेस्टिवल की शुरुआत इस साल 23 नवम्बर से की जाएगी, जो आने 26 नवम्बर तक चलेगी। अगर आप भी शिलांग घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इस फेस्टिवल के बहाने आप शिलांग की सैर कर सकते हैं। अगर आप 23 नवम्बर से पहले जाने की सोच रहे हैं तो आप शिलांग में होने वाले साहित्य उत्सव का भी हिस्सा बन सकते हैं। यह साहित्य उत्सव 21 नवंबर से लेकर 23 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।

'प्रकृति का उत्सव' के नाम से जाना जाता है

'प्रकृति का उत्सव' के नाम से जाना जाता है

चेरी ब्लॉसम का नाम सुनते ही सभी के मन में जापान का ख्याल आता है, इसे खिलते हुए देखना काफी पसंद भी किया जाता है, जिसे देखने के लिए विश्वभर से लोग जापान जाते हैं। लेकिन भारत के लोगों को जापान जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शिलांग में हर साल चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल का आयोजन होता है। यहां आप गुलाबी और सफेद रंगों वाले फूलों को खिलते हुए देख सकते हैं। इस पर्व को मेघालय में 'प्रकृति का उत्सव' भी कहा जाता है।

फेस्टिवल के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

फेस्टिवल के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

इस त्योहार के दौरान आप लाइव संगीत और अन्य गतिविधियां जैसे पेजेंट, नृत्य प्रतियोगिताएं, व्यंजन, कला और शिल्प इत्यादि का भी आनंद उठा सकते हैं। भारत में अगर चेरी ब्लॉसम की बात की जाए तो विशेष रूप से हिमालय वाले राज्यों में पाया जाता है, जैसे- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, जम्मू और कश्मीर, सिक्किम और दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल)। पौराणिक दृष्टिकोण से भी यह फूल काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। महाशिवरात्रि के दौरान इसके पत्तों का उपयोग पुष्पांजलि में किया जाता है।

शिलांग में घूमने लायक जगहें व प्रसिद्ध स्थानीय भोजन

शिलांग में घूमने लायक जगहें व प्रसिद्ध स्थानीय भोजन

शिलांग को मेघालय की राजधानी के रूप में जानी जाती है, जो घूमने के लिहाज से भी काफी खूबसूरत है। यहां घूमने के लिए उमियम झील, वार्डस झील, एलीफेंट फॉल्स, शिलांग पीक, लैटलम घाटी, लेडी हैदरी पार्क, डॉन बोस्को म्यूजियम व कैथेड्रल चर्च जैसी प्रसिद्ध जगहें हैं। इसके अलावा अगर आप यहां के खाने का जायका लेना चाहते हैं तो आप यहां के प्रसिद्ध मोमोज, दोह-खलीह, जादोह, पुमालोई, मिनिल सोंगा, पुथारो, पुखलीन व शीर सेवन का स्वाद ले सकते हैं।

शिलांग कैसे पहुंचें?

शिलांग कैसे पहुंचें?

शिलांग पहुंचने के लिए यहां का नजदीकी हवाई अड्डा शिलांग एयरपोर्ट है, लेकिन कभी-कभी यहां के लिए फ्लाइट नहीं मिलती तो आप गुवाहाटी एयरपोर्ट भी जा सकते हैं, जो शिलांग से करीब 117 किमी. दूर स्थित है। वहीं, यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन गुवाहाटी रेलवे स्टेशन है, जो यहां से करीब 97 किमी. दूर स्थित है। इसके अलावा यहां सड़क मार्ग से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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