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चलिए चलें त्रिपुरा, लुप्तप्राय होते जीव की तलाश में!

चार्ल्स डिकन्स ने कहा था "अपनी बिल्ली के प्यार से बड़ा कोई प्यार नहीं है।" इतना प्यार और दुलार पाने वाली बिल्लियों के करतब और चंचल व्यवहार को देखने का एक अलग ही मज़ा होता है। बिल्लियों की बात चल ही रही है तो आपको यह भी बता दें कि बिल्लियों की ही एक ऐसी पीढ़ी भी है जो बिल्कुल ही विलुप्त होने के कगार पर खड़ी है। जी हाँ,हम यहाँ बात कर रहे हैं धूमिल तेंदुए की जिनमें काले और ग्रे रंग के सूजे हुए से पैटर्न बने होते हैं। ये हिमालय की छाप लिए हुए और उत्तर पूर्वी भारत के मूल निवासी हैं।

त्रिपुरा के सिपाहिजाला वन्यजीव अभ्यारण्य का धूमिल तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान(क्लाउडेड लेपर्ड नैशनल पार्क) भारत का एक अपना अलग ही किस्म का पार्क है। इस वन्यजीव अभ्यारण्य का एक अलग ही भाग है जो धूमिल तेंदुओं का घर है।

Clouded Leopard National Park

क्लाउडेड लेपर्ड नैशनल पार्क

Image Courtesy: Swarupskd.wiki

धूमिल तेंदुए क्या हैं और कैसे दिखते हैं?

आश्चर्य की बात यह है कि धूमिल तेंदुए अपने नाम के अनुसार तेंदुए नहीं हैं। ये बड़ी बिल्लियों के परिवार का ही एक छोटा रूप, छोटी बिल्ली हैं जो बाकी बिल्लियों की तरह पेड़ों पर फुर्ती से चढ़ने और उँचाई से छलाँग लगाने में माहिर होते हैं। इनके शरीर में गहरे,धुंधले और उभरे धब्बे बने होते हैं, जिसका एक अलग ही आकार होता है और जिनकी वजह से इनका यह नाम पड़ा है।

सिपाहिजाला वन्यजीव अभ्यारण्य

घने जंगलों वाला सिपाहिजाला वन्यजीव अभ्यारण्य कई जाति के पशु पक्षियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। धूमिल तेंदुओं के अलावा फायर'स लंगूर और केकड़े खाने वाले नेवले जैसे जीवों की असामान्य जाति भी यहाँ पाई जाती हैं। यहाँ के अबासारिका झील, अमृत सागर झील और बोटॉनिकल गार्डेन जैसी जगह इस अभ्यारण्य के प्रसिद्ध भाग हैं।

Clouded Leopard

धूमिल तेंदुआ

Image Courtesy: Dr. Raju Kasambe

धूमिल तेंदुओं को मेघालय, मिज़ोरम, सिक्किम, नागालैंड और त्रिपुरा के क्षेत्रों में सामान्य तौर पर देखा जा सकता है। यह भी कहा जाता है कि कई प्रांतों में ये बिल्कुल ही विलुप्त हो गये हैं।

धूमिल तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान( क्लाउडेड लेपर्ड नैशनल पार्क) कैसे पहुँचें?

सिपाहिजाला वन्यजीव अभ्यारण्य बिशालगढ़ नगर से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर है। पहले आपको त्रिपुरा की राजधानी अगरतला पहुँचना होगा फिर वहाँ से क्लाउडेड लेपर्ड नैशनल पार्क तक के लिए लगभग 20 किलोमीटर की यात्रा करनी होगी।

अगरतला से क्लाउडेड लेपर्ड नैशनल पार्क पहुँचने के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध है। इस गंतव्य के लिए अगरतला रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी स्टेशन है।

क्लिक: अगरतला कैसे पहुँचें

Clouded Leopard

धूमिल तेंदुआ

Image Courtesy: Shayon Ghosh

क्लाउडेड लेपर्ड नैशनल पार्क की यात्रा का सबसे सही समय

सितंबर के मध्य महीने से लेकर नवंबर तक का समय इस पार्क की यात्रा के लिए सबसे सही समय होता है।

प्राकृतिक सृजन बहुत ही खूबसूरत और विविध होते हैं। हिमालय क्षेत्र के पशुवर्ग में बहुत सारी नयी नयी चीज़ें और हर बार चकित करने वाली चीज़ें होती हैं और धूमिल तेंदुए उसी क्षेत्र का एक अद्भुत चमत्कार है।

क्लाउडेड नैशनल पार्क विलुप्त हो रहे जीवों, ख़तरों की चपेट में आते जा रहे कुछ खास जीवों के लिए ही बनाया गया है। अपनी त्रिपुरा की यात्रा में इस अद्वितीय क्षेत्र की सैर करना बिल्कुल भी ना भूलें।

अपने सुझाव और अनुभव नीचे व्यक्त करें।

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