15वीं शताब्दी से ही पंजाब में सिख धर्म का प्रभुत्व है और पंजाब में लगभग 75 प्रतिशत निवासी सिख संप्रदाय के हैं। अलग संस्कृति और त्योहारों को देखने के लिए पंजाब आ सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि इस खूबसूरत राज्य में घूमने आने पर आप क्या कुछ कर सकते हैं।

शानदार स्वर्ण मंदिर के दीदार
इसे श्री हरमंदिर साहिब भी कहा जाता है। प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर विश्व में सिख धर्म का पवित्र तीर्थस्थल है। इस खूबसूरत गुरुद्वारे का गुंबद 100 प्रतिशत स्वर्ण से बना है।
इसमें मानव निर्मित सरोवर भी बना हैं। माना जाता है कि इस सरोवर में स्नान करने से श्रद्धालुओं के सारे पाप धुल जाते हैं। स्वर्ण मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी निशुल्क रसोई है। यहां पर आप कभी भी लंगर खाने आ सकते हैं।PC: Unknown

भांगड़ा और गटका परफॉर्मेंस
भांगड़ा, पंजाब का पारंपरिक डांस है जबकि गटका मार्शल आर्ट का हिस्सा है जिसे अब पूरी तरह से प्रस्तुति के लिए पेश किया जाता है। ये पारंपरिक नृत्य पंजाब में अलग-अलग उत्सवों जैसे बैसाखी या शादी पर किये जाते हैं। गुरुद्वारे में भी किसी उत्सव के दौराप आप गटका देख सकते हैं।PC:Pete Birkinshaw

पंजाबी खाने का स्वाद
पंजाब के खाने की बात ही अलग है। इसका खाना प्राचीन कृषि और खेती जीवनशैली से प्रेरित है। खाना पकाने की तंदूरी विधि पंजाब से ही आई है जबकि रोटी का जन्म भी पंजाब में ही हुआ था।
पंजाब के खाने में सरसों का साग और मक्के की रोटी के साथ एक गिलास लस्सी बहुत मशहूर है इसलिए जब कभी भी पंजाब आएं इसका स्वाद चखना बिलकुल ना भूलें।PC:Officialksv

वागा बॉर्डर पर रीट्रीट सेरेमनी
भारत और पाकिस्तान को अलग करती है वागा बॉर्डर। ये सीमा भारत के अमृतसर और पाकिस्तान के लाहौर में है। सूर्यास्त से पहले हर रोज़ वागा बॉर्डर पर रीट्रीट सेरेमनी होती है।
इस प्रस्तुति को देखने के लिए दोनों देशों से हज़ारों संख्या में लोग आते हैं। इसमें भारत और पाकिस्तान की मिलिट्री के जवान हिस्सा लेते हैं। ये रीट्रीट सर्दी के मौसम में शाम 4.15 पर और गर्मी में 5.15 पर शुरु होती है। ये 45 मिनट तक चलती है।
PC:Giridhar Appaji Nag Y

जूती और फुल्कारी की खरीदारी
फुल्कारी एक पांरपरिक एंब्रॉयड्री है जिसका जन्म पंजाब से ही हुआ है। फुल्कारी का मतलब होता है फूलों का काम। अमृतसर और पटियाला की दुकानों में आपको फुल्कारी के शॉल और स्कार्फ मिल जाएंगें।
इसके अलावा पंजाब की पारंपरिक जूती भी बहुत मशहूर हैं। पंजाब में आपको ये कई रंगों में किफायती दाम पर मिल जाएंगीं।PC:Shashwat Nagpal

लोहड़ी और बैसाखी
लोहड़ी पंजाब का विंटर फेस्टिवल है जोकि सर्दी के अंत में आता है जबकि बैसाखी से सिखों के नए साल की शुरुआत होती है। लोहड़ी का पर्व जनवरी और बैसाखी 13 या 14 अप्रैल को मनाई जाती है।
लोहड़ी में आग जलाकर स्वादिष्ट व्यंजन जैसे मूंगफली और सरसों का साग खाया जाता है। अप्रैल के महीने में पंजाब आते हैं तो यहां बैसाखी के दौरान भांगडा परफॉर्मेंस देखना बिलकुल ना भूलें।
PC: Michael Clark

जलियांवाला बाग में श्रद्धांजलि
भारत की हर इतिहास की किताब में आपको जलियांवाला कांड के बारे में पता चला जाएगा। साल 1919 में ब्रिटिश राल ने जलियांवाला बाग में अंधाधुंध गोलियां चलवा दी थीं। इस हादसे में शहीद हुए लोगों की याद में जलियांवाला बाग को मेमोरियल में तब्दील कर दिया गया है और अब ये राष्ट्रीय महत्व रखता है।
जलियांवाला बाग की दीवारों में आपको बुलेट के निशान भी दिख जाएंगें जो उस हादसे की कहानी को बयां करते हैं।PC:Bijay chaurasia



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