काशी भगवान भोलेनाथ की प्रिय नगरी है और भगवान को जो प्रिय हो वह भक्तों के लिए काफी खास बन जाती है। इसी वजह से हर साल सावन के महीने में पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए लाखों की संख्या में भक्त वाराणसी का रुख करते हैं।

अगर आपने भी इस साल सावन में काशी विश्वनाथ जाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करने की योजना बनायी है, तो जान लें। इस साल सावन महीने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन ने स्पेशल एंट्री से लेकर पूजा-अर्चना तक का रेट बढ़ा दिया है। यह स्पेशल रेट सिर्फ सावन के दोनों महीने तक ही लागू रहेगी।
आइए जानते हैं वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में सावन के लिए लागू नया रेट :
सुगम दर्शन नहीं रहा 'सुगम'
काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ का दर्शन अब सुगम नहीं रहा। 'सुगम दर्शन' यानी स्पेशल एंट्री में लोगों को सामान्य लाइन में घंटों खड़ा नहीं होना पड़ता है। साधारण लाइन की तुलना में सुगम दर्शन के माध्यम से भक्त थोड़ा जल्दी मंदिर के साइड वाले दरवाजे से गर्भगृह में प्रवेश कर पाते हैं और प्रसाद उन्हें बॉक्स में दे दिया जाता है।

हालांकि सुगम दर्शन के लिए भी अब लाइन काफी लंबी होने लगी है। सुगम दर्शन के लिए आम दिनों में भक्तों को ₹300 देने पड़ते थे लेकिन सावन के महीने में 'सुगम दर्शन' के लिए शिवभक्तों को ₹500 देने पड़ेंगे। अगर आप सावन के सोमवार को महादेव का दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए ₹750 देने होंगे।
जेब पर भारी पड़ेगी मंगला आरती

काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली मंगला आरती को देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं। आम दिनों में मंगला आरती को देखने के लिए ₹500 चार्ज किया जाता था लेकिन सावन के महीने में किसी भी सामान्य दिन मंगला आरती का रेट दोगुना यानी ₹1000 रुपये होगा। सावन के आठों सोमवार को मंगला आरती आपके जेब पर काफी भारी पड़ने वाली है। यानी सावन के दोनों महीने के आठों सोमवार को मंगला आरती के लिए आपको ₹2000 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
रुद्राभिषेक और सन्यासी भोग का भी रेट बढ़ा
सावन के महीने में काशी विश्वनाथ मंदिर में एक शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने पर ₹700 और 5 शास्त्रियों से रुद्राभिषेक कराने के लिए ₹2100 देने पड़ेंगे। उसी तरह सन्यासी भोग के लिए सावन के बाकी दिनों में ₹4500 देने होंगे। अगर आप सावन में सोमवार को सन्यासी भोग का पूण्य अर्जित करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपनी जेब से ₹7500 निकालने पड़ेंगे। यानी इस साल काशी में पूण्य कमाना पहले की तुलना में काफी महंगा होने वाला है।
सावन के आठों दिन होगा भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार
इस साल अधिमास होने की वजह से दो सावन के महीने यानी शिवभक्तों को 4 नहीं बल्कि 8 सोमवार मिल रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के आठों सोमवार को भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
दोनों सावन में महादेव के होने वाले श्रृंगार
| पहला सोमवार | 10 जुलाई | चल प्रतिमा का श्रृंगार |
| दूसरा सोमवार | 17 जुलाई | गौरी-शंकर का श्रृंगार |
| तीसरा सोमवार | 24 जुलाई | अमृत वर्षा श्रृंगार |
| चौथा सोमवार | 31 जुलाई | भगीरथी श्रृंगार और मासिक पूर्णिमा श्रृंगार |
| पांचवां सोमवार | 7 अगस्त | तपस्यारत पार्वती श्रृंगार |
| छठवां सोमवार | 14 अगस्त | शंकर पार्वती गणेश श्रृंगार |
| सातवां सोमवार | 21 अगस्त | अर्द्धनारीश्वर श्रृंगार |
| आठवां सोमवार | 28 अगस्त | रुद्राश्र श्रृंगार |
| वार्षिक श्रृंगार | 31 अगस्त | वार्षिक झुला श्रृंगार |
बता दें, मध्याह्न भोग आरती, सप्तर्षि आरती और रात्रि श्रृंगार के लिए सावन को छोड़कर अन्य दिनों में ₹300 देने होते हैं। लेकिन सावन के महीनों के लिए इसे बढ़ाकर ₹500 कर दिया गया है।



Click it and Unblock the Notifications















