Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »महाराष्ट्र में जटिल वास्तुकला का नमूना: दौलताबाद किला!

महाराष्ट्र में जटिल वास्तुकला का नमूना: दौलताबाद किला!

कौन ऐनिमेटेड डिज्नी महलों की भव्यता से प्यार नहीं करता? बड़े महल, विशाल दरवाज़े, राज मार्ग और घुमावदार रहस्यमयी सीढ़ियाँ हमें एक काल्पनिक दुनिया में ले जाती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि यहाँ डिज़्नी महल की बात क्यूँ हो रही है? क्यूंकि ऐसा ही एक औरंगाबाद के कोने में जटिल वास्तुकला का नमूना, दौलताबाद का किला अन्य सभी किलों को कड़ी टक्कर देते हुए आज भी शान से खड़ा है।

वास्तव में, यह किला अपने अनूठे निर्माण के लिए, एक भूलभुलैया के रूप में जाना जाता है। एक महल, जो अच्छी तरह से परिसर के कई स्तरों से संरक्षित है, हर किसी में एक जिज्ञासा पैदा करता है।

Daulatabad Fort

पिरामिड आकर की पहाड़ी पर स्थापित दौलताबाद किला
Image Courtesy:
Aamer.shaikh

दौलताबाद का किला एक पिरामिड शेप में बने पहाड़ी के शीर्ष पर स्थापित है, जो इसके परिसर को एक बिल्कुल ही नया रूप देता है।

अगर आप राष्ट्रीय राजमार्ग 211 से अपनी यात्रा औरंगाबाद से एल्लोरा गुफ़ाओं की ओर करते हैं तो बाहरी रामपर्ट्स जो अंबरकोट के नाम से जाना जाता है आपको इस असामान्य किले की और ले जाएगा। आपका अगला पड़ाव आंतरिक स्तर है जो महाकोट के नाम से जाना जाता है, मुख्य द्वार के साथ और किले के अन्य प्रवेश द्वार यहाँ आपको मिलेंगे।

Daulatabad Fort

किले में एक महल के बचे हुए अवशेष
Image Courtesy: Todd vanGoethem

बस इतना ही नहीं, अभी तो हम किले के आसपास भी नहीं हैं। शनिवार वाड़ा की तरह किले के बड़े-बड़े दरवाज़ों पर लगे हुए नुकिले लोहे के छड़ हमें यहाँ की रक्षा रणनीतियों के बारे में बताते हैं।

शुरुआत से ही, दौलताबाद का किला अपने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल होता है। हालांकि यह किला मोहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल के अधीन निखरा है, मूल रूप से यह राष्ट्रकूट राजाओं द्वारा निर्मित किया गया था।

Daulatabad Fort

किले के अंदर जाने का एक प्रवेश द्वार
Image Courtesy: Danial Chitnis

किले के परिसर में प्रवेश करने के लिए अपने कदम कालाकोट, अंतिम कोट(परिसर की दीवार) में रखिए। दिलचस्प बात यह है कि, यह यहाँ फिर से एक ऐनिमेटेड किले की तरह प्रतीत होता है। इस किले के अंदर जाने के लिए आपको एक खाई जो पिरामिड पहाड़ियों से घिरा हुआ है को पार करना होगा। अंधेरे गलियारे, घुमावदार सीढ़ियाँ, विशाल लोहे के तोप, क्षतिग्रस्त इमारत, पानी के टैंक, किले के उपरी हिस्से तक आपकी यात्रा में आपके साथ होंगे।

Daulatabad Fort

किले के अंदर स्थापित तोप
Image Courtesy: Sankarshan Mukhopadhyay

यहाँ एक और दिलचस्प बात है, किले के अंदर स्थापित मंदिरों के बारे में। देवगिरी के नाम से जाना जाने वाला किला कुछ राज वंशों के अधीन था। इसलिए इस मुगल प्रभुत्व संपत्ति में मंदिरों का होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

नारंगी रंग के चान की मीनार को देखने के बाद, अंधेरी गलियों के माध्यम से ऊपर के सिरे की ओर बढ़िए जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा। कई सीढ़ियों और घुमावदार गलियारों को पार कर आप किले के शीर्ष पर पहुँच जाएँगे।

Daulatabad Fort

चान मीनार
Image Courtesy: Ramji R

अहा! क्या आपको यह एक चक्रव्यूह(सभी पक्षों से दुश्मन को कवर करने के लिए एक रक्षा रणनीति) की तरह नहीं लग रहा? दौलताबाद किले पर विजय प्राप्त करना निश्चित रूप से ही एक कठिन कार्य रहा होगा। उनके द्वारा बनाए गये योजनाओं की कल्पना कीजिए जो एक फाटक को ही पार करने में ज़रूरत होती होगी।

Daulatabad Fort

दौलताबाद किला
Image Courtesy: Jonathanawhite

मोहम्मद बिन तुगलक़ ने देवगीरि को अपनी राजधानी बनाई और उसे दौलताबाद नाम दिया जो आज तक महाराष्ट्र में एक वास्तुशिल्प के आश्चर्य के रूप में शान से खड़ा है।

क्या आप अब भी इस भूलभुलैया के मज़े लेना नहीं चाहेंगे?

अपने सुझाव व अनुभव नीचे व्यक्त करें।

Click here to follow us on facebook.

More News

    Read more about: india maharashtra fort aurangabad
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+