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चलता-फिरता चिड़ियाघर होगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे, क्यों कहा जा रहा ऐसा और कब से शुरू होगा!

दिल्ली से देहरादून तक का सफर सड़क मार्ग से तय करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी। अगले महीने तक दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पूरी तरह से आम लोगों के लिए खुल जाने की संभावना है। इस एक्सप्रेसवे के खुल जाने से खासतौर पर पूर्वी दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

इससे लोनी, गाजियाबाद, बागपत और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाली गाड़ियों को भी सुविधा होगी। लेकिन सिर्फ इतना ही इस एक्सप्रेसवे की खासियत नहीं है। क्या आप जानते हैं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक चलता-फिरता चिड़ियाघर होगा!

delhi dehradun expressway

Times Now की रिपोर्ट के मुताबिक चार फेज में बन रही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जैसे ही चौथे सेक्शन का काम पूरा कर लिया जाएगा, इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन एक एक्सप्रेसवे चलता-फिरता चिड़ियाघर कैसे हो सकता है? क्या यहां गाड़ियों में भरकर जंगली जानवरों को प्रदर्शित किया जाएगा या एक्सप्रेसवे के किनारे के किनारे कोई चिड़ियाघर बनाया जाएगा?

क्या होंगे फायदें?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बन जाने से सबसे बड़ा फायदा दिल्ली से देहरादून के बीच सड़क मार्ग से आवाजाही करने वाले लोगों को होने वाला है। वर्तमान में दिल्ली से देहरादून के बीच की लगभग 251 किमी की दूरी को तय करने में कम से कम 6 घंटों का समय लगता है। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यह दूरी आधी रह जाएगी।

dehradun delhi express way news

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी को तय करने में मात्र ढाई घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली को भी इससे काफी सुविधा होगी। अभी सारा ट्रैफिक पूर्वी दिल्ली के बॉर्डर से होकर जाता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के खुल जाने से सड़कों पर गाड़ियों का दबाव काफी कम होने की संभावना है।

कब से खुल सकता है एक्सप्रेसवे?

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस का निर्माण 4 फेज में किया जा रहा है। इसमें से पहला सेक्शन दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत तक, दूसरा सेक्शन बागपत से सहारनपुर तक, तीसरा सेक्शन सहारनपुर से गणेशपुर तक और चौथा सेक्शन गणेशपुर से आशारोड़ी तक है।

इसमें से पहले 3 सेक्शन का काम पूरा हो चुका है, लेकिन चौथे सेक्शन का लगभग 10 प्रतिशत काम अभी बाकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम 30 जून तक पूरा कर लेने का लक्ष्य बनाया गया है और उम्मीद की जा रही है कि 15 जुलाई तक इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

delhi dehradun expressway forest

क्यों कहा जा रहा चलता-फिरता चिड़ियाघर?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 210 किमी है, जिसमें से लगभग 12 किमी हिस्सा एलिवेटेड सड़क है। यह एक बरसाती नदी के ऊपर बनायी गयी है। सबसे खास बात है कि इस एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा जंगलों के बीच से होकर गुजरा है। विशेष रूप से राजाजी नेशनल पार्क की सीमा से सटकर ही यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है। इसी वजह से यहां एलिवेटेड सड़क बनायी गयी है ताकि ट्रैफिक के बीच में वन्य पशु न आ जाए।

यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर है। वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर कुल 571 खंभों पर बनाया गया है। एक्सप्रेसवे से होकर गुजरते समय संभव है कि आपको जंगली जानवरों के होने का अहसास, उनकी आवाजें या गाड़ी में बैठे-बैठे वे दिख भी सकते हैं। तो जब भी इस एक्सप्रेसवे से होकर गुजरे तब अपना कैमरा जरूर तैयार रखें। कहीं से कोई जानवर आपको Say Cheezzz कह सकता है।

under construction delhi dehradun expressway

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियतें

  • एक्सप्रेसवे कुल लंबाई 210 किमी।
  • कई किमी का हिस्सा घने जंगलों से होकर गुजरता है।
  • इसमें से 12 किमी लंबी सड़क एलिवेटेड है।
  • एलिवेटेड सड़क को बनाने के लिए 571 खंभों का दिया गया सहारा।
  • पहले चरण में कुल 6 लेन।
  • कुल लागत करीब 13000 करोड़ रुपए।
  • दिल्ली, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर को जोड़ेगी।
  • NHAI की परियोजना।
  • 15 जुलाई तक आम लोगों के लिए खुल जाने की संभावना।

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