दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आए दिन किसी न किसी हादसे की खबरें आती ही रहती हैं। कभी किसी बस के पलट जाने की खबर आती है तो कभी गाड़ी या बाइक के डिवाइर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिलती है। कई बार ये हादसे जानलेवा भी साबित होते हैं और कई बार इन हादसों का शिकार होने वाले लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
इन हादसों की वजहों का पता लगाने के लिए IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। जांच में विशेषज्ञों को इस एक्सप्रेसवे पर कई तरह की तकनीकी खामियां होने की जानकारी मिली हैं। क्या आए दिन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर होने वाली इन दुर्घटनाओं की वजह यहीं तकनीकी खामियां हैं?

आइए जानते हैं इस बारे में केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने क्या बताया?
लोकसभा में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि -
दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरी तरह मानदंडों के आधार पर ही किया गया है। इस एक्सप्रेसवे के दिल्ली-वडोदरा (DVE) सेक्शन पर एक नयी तकनीक, स्टोन मैस्टिक एस्फाल्ट (SMA) का इस्तेमाल किया गया जिसमें निर्माण के दौरान कुछ हिस्सों में कुछ कमियां आ गई थीं।
इसके बाद मानसून के समय इस साल हुई भारी बारिश की वजह से एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों, जैसे सोहना-दौसा सेक्शन में हुआ नुकसान काफी बढ़ गया। इस सेक्शन को आम जनता के इस्तेमाल के लिए खोल भी दिया गया था। इन खामियों को कैसे दूर किया जाएगा, इसका पता लगाने और जांच की जिम्मेदारी आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों को सौंपी गयी थी।
गडकरी ने आगे बताया कि शुरुआती जांच में यह पता चला है कि SMA की परत में कुछ खामियां आयी हैं। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त SMA परत के जिस हिस्से में खामियां पायी गयी हैं, उन हिस्सों को फिर से अपने खर्च पर बिछाने का प्रस्ताव EPC ठेकेदारों ने दिया है। इस बीच, ठेकेदार ने अगले 10 सालों तक एक्सप्रेसवे पर कोई भी खामी या नुकसान आने पर अपने खर्च पर उसके मरम्मत की जिम्मेदारी उठायी थी, जिसके आधार पर सुधार कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इस खंड को यातायात योग्य स्थिति में बनाए भी रखा जा रहा है।

की जाएगी कड़ी कार्रवाई
नितिन गडकरी का कहना है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर, ठेकेदारी का जो करार किया गया था उसके मद्देनजर इन खामियों के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही NHAI के जिन अधिकारियों पर एक्सप्रेसवे के इस खंड के निर्माण कार्य के देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी, उनके खिलाफ भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच के आधार पर दोषी पाए गये व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शुरुआती दिनों में एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के लिए वाहनों का ओवर स्पीडिंग और सड़क के किनारों पर भारी वाहनों का अवैध पार्किंग भी जिम्मेदार है। जो वाहन ओवर-स्पीडिंग करते हुए पकड़े गये हैं, उनका व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम (VSDS) के जरिए ऑनलाइन चालान भी काटा जाएगा। इसके साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए NHAI ने जो महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं, उनके बारे में जानकारी आगे दी जा रही है -
1. सफर के दौरान ड्राइवर की थकान को कम करने के लिए एक्सप्रेसवे पर नियमित अंतराल पर विश्राम करने की जगह उपलब्ध कराई गई है।
2. सड़क पर विभिन्न तरह की जानकारियां देने वाले पर्याप्त संकेत पूरे एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह लगाए गये हैं।
3. एक्सप्रेसवे से होकर जाते समय ड्राइवर ट्रैफिक के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, इसे सुनिश्चित करने के लिए हर एक किमी पर ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरा (TMCS) लगाए गये हैं।
4. किसी भी तरह की समस्या को दूर करने, जिसमें अवैध पार्किंग भी शामिल है, पर निगरानी के लिए एक्सप्रेसवे पर नियमित रूप से पेट्रोलिंग की जाती है।
5. अगर कोई दुर्घटना घट जाती है तो दुर्घटना के शिकार लोगों को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए हर एक टोल प्लाजा पर एंबुलेंस की सुविधा दी गयी है।



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