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मेघालय भ्रमण के दौरान इन जायकेदार व्यंजनों को चखना न भूलें

जब भी भारतीय व्यंजनों की बात होती तो हम अकसर पूर्वोत्तरी 'क्विज़ीन' को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप इन राज्यों का भ्रमण करें तो पाएंगे यहां के पकवान और भोजन इनकी परंपराओं और संस्कृति की गहराई से जुड़े हुए हैं, और जो भारतीय व्यंजनों के समृद्ध भोजन विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मेधालाय की बात करें तो यहां की मंगोलियाई जनजातियां कई अलग-अलग जायकेदार व्यंजनों को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करते हैं।

मेघालय के व्यंजन पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों से बहुत ही अलग है। यहां वेज के सा-साथ भारी मात्रा में नॉनवेज व्यंजन भी बनाए जाते हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए मेधालय भ्रमण के दौरान आप कौन-कौन से क्षेत्रिय भाजनों का आनंद ले सकते हैं।

जाधो (Jadoh)

जाधो (Jadoh)

PC- Real Sovan

जाधो मेघालय के खासी समुदाय का एक बहुत ही लोकप्रिय व्यंजन है। जिसके खूबसूरत रंग और खुशबू को महसूस करते ही भूख लगने लगती है। जाधो मुख्य रूप से लाल चावल होता है जो पोर्क, चिकन या मछली के साथ पकाया जाता है। जायका बढ़ाने के लिए इसमें ढेर सारे मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनाने के लिए पहले हरी मिर्च, प्याज, अदरक, हल्दी, काली मिर्च और तेज पत्तों का मिश्रण बनाया जाता है, जिसके बाद मांस के छोटे-छोटे टूकड़ों के साथ तला जाता है।

बाद में इसमें लाल चावल जाधो मिलाकर पकाया जाता है। अपनी पसंद के अनुसार आप इसमें पोर्क, चिकन या मछली का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दोह-खलीह ( Doh-Khlieh)

दोह-खलीह ( Doh-Khlieh)

दोह-खलीह मेघालय का एक स्वस्थ भोजन है, जो मिन्स पोर्क ( सूअर के मांस का कीमा) में प्याज और मिर्च मिलाकर सलाद के रुप में खाया जाता है। यह एक स्वादिष्ट फूड है जिसमें आप मैक्सिकन टच के लिए सेम, टमाटर, गाजर और नींबू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस डिश को सूअर के भेजे की करी के रूप में पकाकर रोटी के साथ भी खाया जाता है। यह डिश कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। अत्यधिक नॉन वेज का सेवन करने वाले इस डिश को खाना ज्यादा पसंद करते हैं।

नखम बितची (Nakham Bitchi)

नखम बितची (Nakham Bitchi)

नखम बितची मेघालय के घरों में बनने वाला एक स्पेशल सूप है, जिसे भोजन से पहले लिया जाता है। अकसर इसे मेहमानों की सेवा के लिए परोसा जाता है। नखम एक विशेष प्रकार की सूखी मछली होती है, जिसे सूरज की धूप में सुखाया जाता है। सूप बनाने के लिए इसे पहले तलकर और फिर पानी में उबाला जाता है।

सूखी मछली को उबालने के बाद इसे स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें बहुत सारी मिर्च और काली मिर्च के साथ पकाया जाता है। अगर आप मेघालय आएं तो यहां स्पेशन सूप को जरूर ट्राई करें।

दोह-नेईओंग (Doh-Neiiong)

दोह-नेईओंग (Doh-Neiiong)

दोह-नेईओंग मेघालय के खास व्यंजनों में गिना जाता है, पोर्क से शौकीन लोगों को यह डिश बहुत ही पसंद आएगी। दरअसल यह एक पोर्क करी है, जिसे बड़े शानदार तरीके से पकाया जाता है। इसमें फ्राइड पोर्क को चावल और गाढ़ी ग्रेवी(हरी मिर्च, काली मिर्च, लाल प्याज, स्थानीय मसालों और काले तिल के साथ बनाई जाती है) जो के साथ परोसा जाता है। काला तिल व्यंजन का मुख्य अंग होता है, जो इसे एक अनूठा स्वाद देता है। अगर आप पोर्क के शौकीन हैं तो इस डिश को जरूर ट्राई करें।

मिनी सोंगा (Mini-songa)

मिनी सोंगा (Mini-songa)

उपरोक्त व्यंजनों के साथ आप मेघालय का खास मिनी सोंगा जरूर ट्राई करें। यह राज्य का एक लोकप्रिय व्यंजन है, जो मिनील नाम के खास चावल के साथ पकाया जाता है। जिसमें थोड़ा नटी फ्लेवर भी जोड़ा जाता है। इसमें स्टार्च की एक बड़ी मात्रा है, जिस कारण यह चिपचिपा हो जाता है। मिनी सोंगा बनाने के लिए बांस में चावल को उबाला जाता है और स्नैक्स के तौर खाया जाता है। यह डिश पाचन तंत्र के लिए लाभकारी मानी जाती है।

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