22 जनवरी का दिन अयोध्या के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। 500 सालों और लंबे संघर्ष के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर बने मंदिर में आखिरकार रामलला विराजमान हो गये। पिछले कुछ समय से ही अयोध्या खबरों की सूर्खियों में छाया हुआ है। राम मंदिर की वजह से पिछले कुछ समय में अयोध्या का जो विकास हुआ है, वह लोगों को हैरान करने वाला है।

राम मंदिर के उद्घाटन वाले दिन यानी 22 जनवरी को जो लोग अयोध्या नहीं जा सकें है, वे जल्द ही अयोध्या जाने और रामलला के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं। हम आपको इस आर्टिकल में अयोध्या पहुंचने के सबसे आसान तरीके के बारे में बता रहे हैं।
1. विमान से - राम मंदिर के उद्घाटन के लिए ही अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्दी तैयार और संचालन शुरू किया गया। पिछले महीने (30 दिसंबर 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राम मंदिर के उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुंचे थे, उस दौरान उन्होंने अयोध्या एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। पूरी तरह से राम मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित अयोध्या एयरपोर्ट की आंतरिक साज-सज्जा भी रामायण और राम मंदिर के आधार पर ही की गयी है। अयोध्या के लिए जिन शहरों से सीधी विमान सेवा शुरू हो गयी है, वो निम्न है :
- दिल्ली
- मुंबई
- कोलकाता
- अहमदाबाद
- बैंगलोर
एयरपोर्ट से टैक्सी या फिर लोकल गाड़ी किराए पर लेकर आसानी से राम मंदिर पहुंचा जा सकता है।

2. ट्रेन से - अयोध्या रेलवे स्टेशन जिसे अब अयोध्याधाम जंक्शन के नाम से जाना जाता है, पर सभी प्रमुख शहरों से सीधी ट्रेन की सेवाएं उपलब्ध है। दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ, कोलकाता, पटना आदि शहरों से अयोध्या के लिए हमेशा सीधी ट्रेन मिल सकती है।
अयोध्या के लिए भारतीय रेलवे ने दिल्ली से वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस भी शुरू की है। इसके अलावा देश के विभिन्न शहरों को अयोध्या से जोड़ने के लिए भारतीय रेलवे आस्था स्पेशल ट्रेन भी चलाने वाली है। अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन या फिर अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से राम मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको टैक्सी या फिर ऑटो-रिक्शा लेना होगा।
3. सड़क से - अयोध्या का उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के अलावा देश के कई शहरों के साथ सड़क मार्ग संपर्क भी बहुत अच्छा है। दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ, पटना आदि शहरों से अयोध्या की सीधी बस सेवा चलती है। इनमें कई बस सेवाएं निजी ट्रैवल एजेंसी और उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की तरफ से भी बसें चलायी जाती हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या के लिए लखनऊ, नोएडा, मथुरा, चित्रकूट, आगरा आदि मार्गों पर नयी बस सेवा शुरू की गयी है। जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक होगी, उन मार्गों पर अतिरिक्त बसें भी चलायी जाएंगी। बता दें, अयोध्या लखनऊ से 134 किमी, गोरखपुर से 147 किमी, झांसी से 441 किमी, प्रयागराज से 166 किमी और वाराणसी से 209 किमी की दूरी पर स्थित है।

4. ई-बस सेवाएं भी - रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 14 जनवरी से ही अयोध्या में ई-बस सेवाएं शुरू कर दी गयी हैं। इन बसों का संचालन सलारपुर, सहादतगंज, एयरपोर्ट, हाईवे, रामपथ, धर्मपथ, दर्शननगर, कटरा, अयोध्या कैंट स्टेशन आदि से किया जाएगा। बताया जाता है कि ट्रेनों की समय सारिणी के आधार पर ही इन बसों के आवागमन का समय तय होगा। यात्रियों के उतरने-चढ़ने के लिए नगर निगम ने 24 स्थानों पर बस स्टॉपेज भी तय किये हैं।
5. हेलीकॉप्ट से - राज्य सरकार अयोध्या के लिए 6 जिलों से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने वाली है। गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, मथुरा और आगरा से हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। 15-55 मिनट की उड़ान के लिए यात्रियों को निर्धारित शुल्क देना पड़ेगा।
बताया जाता है कि हेलीकॉप्टर सेवा के शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या के आधार पर ही हेलीपैड, हेलीकॉप्टर और उड़ानों की संख्या में वृद्धि की जाएगी। एक हेलीकॉप्टर में एक बार में करीब 5 यात्री सवार हो सकते हैं। उड़ान के दौरान उन्हें सरयू घाट, हनुमानगढ़ी मंदिर और राम मंदिर के एरियल दर्शन भी करवाए जाएंगे।
अयोध्या में पहुंचने के बाद आपको राम मंदिर तक पहुंचने के कई विकल्प मिल जाएंगे, जैसे ई-रिक्शा, पिंक ऑटो, व्हाइट ऑटो, ई-बस, कैब, साइकल रिक्शा आदि। यात्री अपनी दूरी और सुविधा के आधार पर परिवहन के साधनों का इस्तेमाल कर सकता है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा जारी 'दिव्य अयोध्या' मोबाइल कैब के माध्यम से भी उन्हें अयोध्या में घूमने के विकल्पों और टूर गाइड आदि की जानकारी बड़ी ही सरलता से उपलब्ध होगी।



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