Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »भारत के इन खास मंदिरों में जींस-टीशर्ट में जाना है मना

भारत के इन खास मंदिरों में जींस-टीशर्ट में जाना है मना

By Goldi

आज तक ऑफिस या फिर स्कूल और कॉलेज के ड्रेस कोड के बारे में सुना होगा, लेकिन भारत के कुछ ऐसे मंदिर भी है, जहां जाने से पहले पहनना पड़ता है खास पहनावा।

भारत के सबसे धनी मंदिर,बिल गेट्स की भी दौलत हैं यहां फीकी

आस्था के सम्बन्ध में भारतीयों की एक अलग राय है..अब भारत के खास मंदिरों में दर्शन को ले लीजिये..जहां आप जींस या टीशर्ट में दर्शन के लिए नहीं जा सकते हैं। अब इसे आस्था कहा जाए या अंधविश्वास लेकिन बात जो भी हो सुनने में और देखने में ये सब बड़ा रोचक होता है। आप यकीन मानें या ना मानें लेकिन हिंदुस्तान में ऐसे बहुत से मंदिर है जो हमेशा से ही कौतुहल का विषय रहे हैं। आइये जानते हैं इन खास मन्दिरों को 

विश्वनाथ मंदिर

विश्वनाथ मंदिर

उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी में स्थित विश्वनाथ जी का मंदिर भगवान भोले को समर्पित है..इस मंदिर में ना सिर्फ देशी बल्कि विदेशी भी अपना शीश नवाते हैं। मंदिर में प्रवेश करने से पहले महिलाओं को साड़ी पहननी पड़ती है और पुरूष चमड़े से बनी कोई भी चीज अपने साथ मंदिर के अंदर नहीं लेकर जा सकते।

महाकाल मंदिर

महाकाल मंदिर

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल मंदिर बहुत बड़ा है और मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव लिंग के रूप में स्थापित हैं। मंदिर में दर्शनों के लिए किसी भी तरह के वस्त्र पहन कर जाया जा सकता है लेकिन अभिषेक और पूजन के समय पुरुषों को धोती-कुर्ता और महिलाओं को नई साड़ी पहनना बेहद जरूरी है।PC:Gyanendra_Singh

गुरुवायूर कृष्ण मंदिर

गुरुवायूर कृष्ण मंदिर

भगवान श्रीकृष्ण का विख्यात मंदिर केरला के गुरुवायूर में स्थित है। इस मंदिर का पौराणिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इस मंदिर में पहनावे को लेकर काफी सख्ती है..इस मंदिर में पुरुष केरल की पारंपरिक लुंगी मुंडू पहनते हैं और महिलाएं साड़ी अथवा सलवार सूट। किसी अन्य परिधान को पहन कर मंदिर में प्रवेश करने की मनाही है।PC:Ramesh NG

शनि शिंगणापुर

शनि शिंगणापुर

महाराष्ट्र के शिंगणापुर में स्थित शनि देव का मंदिर उनके मुख्य धामों में से एक है। कुछ समय पूर्व तक यहां नियम था महिलाएं शनि देव का अभिषेक या पूजन नहीं कर सकती थी केवल पुरूष ही केसरिया लुंगी या धोती पहन कर तेल चढ़ाते थे। अब इस नियम में परिवर्तन हो गया है अब कोई भी शनि देव के पास नहीं जा सकता। उनकी मूर्ति से कुछ दूरी पर पड़े घड़े में तेल डाला जाता है, जो की पाईप के माध्यम से शनिदेव पर अपने आप चढ़ जाता है।PC:Booradleyp1

घृष्णेश्वर महादेव

घृष्णेश्वर महादेव

भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक घृष्णेश्वर महादेव है। पुरूषों को भगवान शिव के दर्शनों के लिए जाने से पहले चमड़े से बनी सभी वस्तुएं जैसे बेल्ट, पर्स आदि और शरीर के ऊपरी हिस्से पर पहने सभी कपड़े उतारने पड़ते हैं। सभी को इस मंदिर के परिसर और आंतरिक हिस्से में प्रवेश करने की अनुमति है, किन्तु गर्भगृह में प्रविष्ट होने के लिए मंदिर के नियमों और परम्पराओं का पालन करना अनिवार्य है।PC:Rashmi.parab

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more