देशभर के अलग-अलग शहरों में नवरात्रि की धूम मची है। लेकिन दुर्गा पूजा की असली Vibe आती है तो कोलकाता से। यहां जितनी भव्यता के साथ मां दुर्गा के साथ उनके बाकी चारों बच्चों, कार्तिकेय, गणेश, लक्ष्मी और सरस्वती (जी हां, कोलकाता में चारों देवी-देवताओं को मां दुर्गा की संतानें मानी जाती हैं) की प्रतिमाओं को अलग-अलग थीम के आधार पर तैयार किया जाता है।
ठीक उसी तरह पंडालों की साज-सज्जा पर भी यहां विशेष ध्यान दिया जाता है। कोलकाता में 100 से भी ज्यादा लोकप्रिय दुर्गा पूजा कमेटियां हैं जो श्रद्धाभाव और भव्यता के साथ हर साल दुर्गा पूजा का आयोजन करती हैं। अगर इस साल भी आप दुर्गा पूजा पर कोलकाता आने से चुक गये तो उदास होने की जरूरत नहीं है। हम यहां आपको कोलकाता के चुनिंदा 10 दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ-साथ पंडालों की झलक भी दिखा रहे हैं।
अगर आप कोलकाता या आसपास रहते हैं, तो आप भी इस आर्टिकल को जरूर पढ़े और इसमें से कौन-कौन से पूजा पंडाल आप अपने प्रियजनों व दोस्तों के साथ घूमने वाले हैं उसकी लिस्ट भी तैयार कर लें।
1. काशी बोस लेन
उत्तर कोलकाता का काशी बोस लेन एक लोकप्रिय पूजा पंडाल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग मां दुर्गा की प्रतिमा और पंडाल देखने पहुंचते हैं। इस साल काशी बोस लेन के थीम का नाम है 'रत्नगर्भा'। विधवा विवाह की थीम पर इस साल इस पूजा पंडाल को सजाया गया है। पंडाल का उद्घाटन हो चुका है।
2. शिवमंदिर सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी
शिवमंदिर सार्वजनिन कमेटी की दु्र्गा पूजा ने इस साल 88 सालों का सफर पूरा कर लिया है। इस साल इस पूजा पंडाल को जिस थीम के आधार पर तैयार किया गया है, उसे नाम दिया गया है 'ब्रात्य'। पूजा पंडाल को विशेष रूप से उन सभी वस्तुओं से सजाया गया है जिनका इस्तेमाल गुजरे जमाने में बड़े पैमाने पर किया जाता था लेकिन अब वे सभी चीजें कबाड़ का हिस्सा बन चुकी हैं।
3. 66 पल्ली
इस साल 66 पल्ली की दुर्गा पूजा ने 74 सालों का सफर तय किया है। रसोईघर में उपयोग होने वाली कई तरह के खड़े मसालों से इस पूजा पंडाल को सजाया गया था, जो इस थीम की विशेषता है। थीम का नाम रखा गया है 'सात काहन' यानी रोजमर्रा की बातें।
4. भवानीपुर 75 पल्ली
अगर आपने पुराने जमाने का कोलकाता शहर देखा होगा, तो यह पूजा पंडाल आपको जरूर पसंद आएगा। यहां एक ओर ट्राम (जिसे अब बंद कर दिया जाने वाला है) से सजाया गया तो प्रवेश द्वार के ठीक ऊपर कोलकाता में चलने वाली पीली टैक्सी को रखा गया है जो अब कैब की भीड़ में कहीं खोती सी जा रही है। भवानीपुर 75 पल्ली दुर्गा पूजा पंडाल का इस साल का थीम है 'तोबुओ तोमार काछे आमार हृदय' यानी फिर भी तुम्हारे पास है मेरा दिल।
5. वृंदावन मातृ मंदिर
इस पूजा कमेटी ने इस साल 115 साल पूरे किये हैं। वृंदावन मातृ मंदिर पूजा कमेटी का इस साल का थीम है 'गप्पो एबार नक्शी गांथाए'। विशेष बात है कि पूजा पंडाल की सजावट करने वाले कलाकारों को बाढ़ प्रभावित बर्दवान जिले के केतुग्राम से बुलाया गया है।
6. अलीपुर 78 पल्ली
65 सालों से दक्षिण कोलकाता के इस पूजा पंडाल में देवी दुर्गा की पूजा होती आ रही है। इस साल का थीम 'फेरीकथा' रखा गया है। इस पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा में अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल न करके एक अथवा 2 दो रंगों की मदद से सजाया गया है। पंडाल की लाइटिंग जबरदस्त की गयी है जो निश्चित रूप से दर्शकों को पसंद आएगी।
7. मुदियाली क्लब
दक्षिण कोलकाता यह एक लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडाल है। इस साल इस पूजा पंडाल के 90 साल पूरे हो गये हैं। इस साल का थीम है 'त्रि-मातृक'। पंडाल को बड़े ही आकर्षक तरीके से लाइटिंग के माध्यम से किसी पुराने किले की तरह सजाया गया है।
8. बेहला नूतन दल
देवी दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमा के साथ-साथ इस पूजा पंडाल को भी बड़े ही सुन्दर और भव्य अंदाज में सजाया गया है। यह कोलकाता का एक प्रमुख दुर्गा पूजा पंडाल है, जहां हर साल लाखों की संख्या में लोग मां दुर्गा के दर्शन व अलग-अलग थीम को एंजॉय करने पहुंचते हैं।
9. बेलगछिया केंद्रीय सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी
97 सालों का सफर पूरा कर उत्तर कोलकाता का दुर्गा पूजा पंडाल बेलगछिया केंद्रीय सार्वजनिन दुर्गा पूजा इस साल भी लोगों को खुब आकर्षित कर रहा है। दुर्गा पूजा पंडाल को इस साल 'मां-र बाड़ी' के आधार पर सजाया गया है।
10. कालीघाट मिलन संघ
थीम का नाम 'मानत पुरी'। एक ऐसी जगह जहां, मां दुर्गा हर मनोकामनाओं को पूरी करती हो।



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