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लॉन्ग वीकेंड 12 अगस्त-15 अगस्त..घूम आइये दिल्ली की इन अनसुनी होलीडे डेस्टिनेशन को...

By Goldi

स्वतंत्रता दिवस के साथ आ गया एक और लॉन्ग वीकेंड..तो जनाब क्या प्लानिंग की...छुट्टियाँ घर पर सिर्फ टीवी देखकर बितानी है..या फिर बीवी बच्चो के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान है? और अगर आप बैचलर है, तो जनाब इस वीकेंड को बैग पैक कीजिये और निकल पड़िए अपनी धुन में।

आपका अगला सवाल होगा कहां, सब जगह तो घूम चुके हैं..तो जनाब अभी भी दिल्ली के पास ऐसी कई खूबसूरत जगहें मौजूद है, जिन्हें शायद आपने नहीं घूमा होगा....इसी क्रम में आज हम आपको दिल्ली के पास स्थित कुछ ऐसी खूबसूरत और प्राकृतिक सुन्दरता से भरी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं..जहां जाकर सिर्फ आप खुश हो जायेंगे। और फिर छुट्टियों का मजा नयी जगह घूमने में होता है..ना कि,वही घिसी पिटी जगह पर बार बार घूमना..

अगर रोमांच देखना है..मुंबई में जरुर देखे दही हांडी उत्सव

तो बिना देर किये चलते हैं दिल्ली के पास स्थित इन खूबसूरत जगहों की सैर जो आपके लॉन्ग वीकेंड को बनाएगी और भी मजेदार...

रिवालसर

रिवालसर

रिवालसर हिमाचल प्रदेश में मंडी के पास स्थित एक छोटा सा जिला है..यह जिला खूसबसूरत सरोवर के आस पास स्थित है। यह सरोवर ही इस छोटे सी जगह की असली पहचान है। रिवालसर सरोवर, रिवालसर कस्बे की खूबी को बखूबी से विस्तारित करता है। हिमालय पर्वत की तलहटी पर बसा रिवालसर जीवंत और शांत है। भले ही रिवालसर हिमाचल प्रदेश का सबसे कम जाना जाने वाला हिल स्टेशन है पर इसकी खूबसूरती को अगर आप एक बार देख लेंगे तो बस यहीं के होकर रह जायेंगे।PC:Petrovich.ua

कैसे पहुंचे रिवालसर?

कैसे पहुंचे रिवालसर?

रिवालसर मंडी से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आपको रिवालसर आने के लिए सबसे पहले मंडी आना होगा, जहाँ से आप रिवालसर किसी बस या टैक्सी द्वारा पहुँच सकते हैं। यहाँ रोज़ मंडी से रिवालसर के लिए बस सुविधा उपलब्ध है।PC:Doron

गुशियानी

गुशियानी

तीर्थन घाटी में स्थित एक छोटा सा गांव गुशियानी है..जहां आप कहीं से भी बैठकर दूर दूर तक ऊँची ऊँची पहाड़ी को निहार सकते हैं...यहां फिशिंग का आनन्द भी लिया जा सकता है। अगर अप हिमाचली गांव को करीब से देखना चाहते हैं...क्यों कि यह जगह शहरी शोर शराबे से दूर पर्यटकों को शांति के पल देता है। यह गांव दिल्ली से करीब 550 किमी की दूरी पर स्थित है...इस गांव के पास हिमालय नेशनल पार्क भी है.जहां आप विभिन्न प्रजाति के जानवरों को निहार सकते हैं।

कैसे जायें गुशियानी?

कैसे जायें गुशियानी?

गुशियानी का निकटतम हवाई अड्डा कुल्लू मनाली हवाई अड्डे, भंटार है जोकि शहर से लगभग पांच घंटे की दूरी पर है। यह अच्छी तरह से नई दिल्ली, पठानकोट, शिमला, चंडीगढ़ और धर्मशाला आदि शहरों से जुड़ा हुआ है। गुशैनी से निकटतम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर, शहर से लगभग चार घंटे की ड्राइव है। यह अच्छी तरह से कई प्रमुख शहरों जैसे डलहौज़ी, दिल्ली और जम्मू से जुड़ा हुआ है।

ट्रेन द्वारा
गुशियानी का निकटतम रेलवे स्टेशन जोगीन्दर नगर रेलवे स्टेशन है जो शहर से 30 किमी दूर स्थित है। दूसरा निकटतम रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन है।

बीर

बीर

अगर आप इस बार कुछ रोमांचक करना चाहते हैं तो हिमाचल प्रदेश स्थित बीर पहुंच जायें। बीर को भारत की पैराग्लाइडिंग राजधानी के नाम से जाना जाता है और यह स्थान पैराग्लाइडिंग के लिए एक महत्वपूर्ण टेकऑफ़ साइट (उड़ान भरने का स्थान) के रूप में कार्य करता है जो विश्व भर के पर्यटकों को अपनी ओर आने को मजबूर करता है। आप हवा में उड़ते हुए आसपास के खूबसूरत नजारों को देख सकते हैं।

PC: Okorok

कैसे पहुंचे?

कैसे पहुंचे?

हवाई जहाज द्वारा
बीर का निकटतम हवाई अड्डा पठानकोट हवाई अड्डा है जो लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

ट्रेन द्वार
बीर का निकटतम रेलवे स्टेशन पठानकोट रेलवे स्टेशन है जो देश के अन्य भागों से जुड़ा हुआ है।

सड़क द्वारा
चंडीगढ़ और नई दिल्ली से बीर जाने के लिये पर्यटकों के लिये बसें आसानी से उपलब्ध हैं। पर्यटक इस स्थान की सैर साल में कभी भी कर सकते हैं क्योंकि यहाँ वर्ष भर मौसम खुशनुमा होता है।

PC: Okorok

धर्मकोट

धर्मकोट

धर्मकोट मैकलॉडगंज से करीब पांच किमी की दूरी पर बसा हुआ एक हिल स्टेशन है...जोकि मैकलॉडगंज की तरह पर्यटकों की भीड़भाड़ से उपेक्षित है।हरे भरे देवदार के जंगलों से घिरा हुआ यह गाँव पिकनिक के लिये पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। इस गाँव के परिसर में स्थित विपासना ध्यान केंद्र, धम्म शिखर और तुशिता ध्यान केंद्र भी अनेक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।धरमकोट से धौलाधौलाधर पर्वत श्रेणियों और काँगड़ा घाटी का मनोरम दृश्य भी देखा जा सकता है।PC:Rignam Wangkhang

कैसे पहुंचे

कैसे पहुंचे

हवाई जहाज द्वारा
धर्मकोट से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट गग्गल है, जो 19 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा कुल्लू का भुंतर एयरपोर्ट करीब 200 किलोमीटर दूर है।दिल्ली से इन दोनों एयरपोर्ट के लिए सीधी फ्लाइट्स हैं।

ट्रेन द्वार
धर्मकोट में कोई रेलवे स्टेशन नहीं हैं, हालाँकि नजदीकी स्टेशन कांगड़ा और नगरौटा है जो छोटी लाइन पर है। इन स्टेशन्स के लिए पठानकोट से हर रोज सुबह 10 बजे ट्रेन चलती है।कांगड़ा रेलवे स्टेशन से धर्मकोट की दूरी करीब 35किमी है।

सड़क द्वारा
दिल्ली आईएसबीटी और हिमाचल भवन से हिमाचल टूरिज्म, हरियाणा रोडवेज, पंजाब रोडवेज और हिमाचल रोडवेज की फ्रीक्वेंट बस सर्विस है। इसके अलावा चंडीगढ़, जालंधर और अंबाला से भी यहां के लिए सीधी बस सर्विस अवेलेबल है।PC:John Hill

सत्ताल झील

सत्ताल झील

नैनीताल उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध पहाड़ी इलाक़ा है।इसकी खूबसूरती और आकर्षण हर साल कई पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां स्थित सत्ताल प्रकृति का उपहार है,जहां कई प्रजातियों की चिड़ियों का घर भी है। यह कहना ग़लत नहीं होगा की सत्ताल फ़ोटोग्राफ़रों के लिए भी सबसे उत्तम स्थान है।

कैसे पहुंचे नैनिताल?

कैसे पहुंचे नैनिताल?

बस द्वारा: निजी वॉल्वो बसों की सुविधा दिल्ली से नैनीताल के लिए उपलब्ध हैं। सेमी-डिलक्स बसों की सुविधा भी अल्मोड़ा, रानीखेत और बद्रीनाथ से नैनीताल तक के लिए उपलब्ध हैं।
ट्रेन द्वारा: काठगोदाम नैनीताल पहुँचने के लिए सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है।
हवाई जहाज़ द्वारा: दिल्ली एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है।

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