सावन का महीना बस शुरू ही होने वाला है। बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी भी अपने तरीके से इसका स्वागत करने के लिए तैयार है। बनारस में हर साल सावन के महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त काशी विश्वनाथ मंदिर में भोलेनाथ का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक करने आते हैं। अगर आप भी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक करने के लिए काशी का रूख करने वाले हैं तो यह आर्टिकल आपके काम आ सकता है।

हम इस आर्टिकल में बनारस को आपको Explore करने के तरीके बताने वाले हैं। तो फिर इस श्रावण माह में सिर्फ काशी विश्वनाथ ही नहीं, बल्कि बनारस की गलियों और घाटों को अपने तरीके से Explore करने का मौका बिल्कुल मत गंवाइए।
इन तरीकों से करें बनारस को Explore :
1. निरान टेंट सिटी में रुके - गंगा के किनारे रेत तक विशाल क्षेत्र में लग्जरी होटल की सुविधा प्रदान करते टेंट सिटी में जरूर रुकिये। नाव से काशी विश्वनाथ मंदिर में आवागमन और गंगा आरती देखने का मौका, आपको अलग ही अनुभव प्रदान करेगा।
2. अस्सी घाट की गंगा आरती - बनारस की गंगा आरती के बारे में जब भी बात होती है तो अक्सर लोग शाम की आरती की बात करते हैं। लेकिन अस्सी घाट पर होने वाली अहले सुबह (5:30-6 बजे) की आरती को बिल्कुल मिस मत किजीएगा। घाट का वातावरण इतना सुखद होता है कि आप खुद को हर तरह के बोझ से मुक्त महसूस करेंगे।

3. बोट राइड - गंगा आरती देखने के बाद गंगा में नाव की सवारी जरूर किजीए। गंगा नदी में नाव में बैठकर सुबह सूरज को उगते हुए देखना, पक्षियों की चहचहाहट आपके कानों में एक अलग तरह की ही मिठास घोल देगी। इन दृश्यों को आप जीवन भर नहीं भूल सकेंगे।
4. बनारस की गलियों में घूमना - बनारस अपनी गलियों की वजह से ही सबसे ज्यादा फेमस है। तो फिर आप इन्हें कैसे Miss कर सकते हैं। अगर आपको काशी का असली रंग देखना है, भोलेनाथ के रंग में रंग जाना है तो फिर आपको अपनी सुबह बनारस की गलियों में घूमते हुए जरूर बितानी चाहिए।

5. लोकल फुड का आनंद - बनारस की सुबह बड़ी मस्तमौला होती है। कचौड़ी-सब्जी की दुकानों पर लोगों की भीड़, कभी Politics, कभी धर्म तो कभी किसी और मुद्दे पर होने वाली बातचीत...। हमारी सलाह मानिए बनारस में अपनी एक सुबह कचौड़ियों का लुत्फ उठाते हुए जरूर बिताएं। कचौड़ियां खत्म होने के बाद रबड़ी-जलेबी खाना बिल्कुल मत भूलिए।
6. भांग ठंडई और सादी लस्सी - आपने बड़े से ग्लास में मिलने वाली पंजाबी लस्सी के बारे में तो खूब सुना होगा, लेकिन कभी बनारस में मिलने वाली मिट्टी के ग्लास वाली लस्सी चखी है? अगर अभी तक नहीं चखी तो सावन में अपने इस वाराणसी ट्रिप पर इसे जरूर ट्राई करें। मोटी सी मलाई वाली गाढ़ी लस्सी के अलावा आपको यहां कई दुकानों पर भांग वाली ठंडई चखने का भी मौका मिल जाएगा।

7. लोकल दुकानों से शॉपिंग - बनारस आए तो कुछ ना कुछ खरीदारी जरूर करेंगे। बनारस के लोकल मार्केट में घूमें, कोल्डड्रिंक्स को भूलकर लस्सी-सादी ठंडई का लुत्फ उठाते हुए शॉपिंग जरूर करें। बनारस से अपने या परिवार-दोस्तों के लिए बनारसी साड़ी, दुपट्टा, कुर्ती, स्टॉल जरूर खरीद कर ले जाएं।
8. घाटों का चक्कर - बनारस में 70 से ज्यादा गंगा के घाट हैं और हर घाट की अपनी कुछ ना कुछ कहानी जरूर है। इन घाटों पर जाएं और वहां थोड़ा समय बिताएं। इन घाटों पर आपको कोई ना कोई ऐसा जरूर मिल जाएगा, जो आपको इन घाटों से जुड़ी रोचक कहानियां सुना सकेंगा।

बनारस के घाटों के बारे में ज्यादा जानने के लिए हमारा यह आर्टिकल पढ़ें :
9. शाम की गंगा आरती - बनारस में शाम के समय चाहे आप कहीं भी रहें लेकिन गंगा आरती के समय दशाश्वमेध घाट पर जरूर पहुंच जाएं। आपने कई मंदिरों व नदियों के घाटों पर आरती होते हुए देखी होगी लेकिन दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती आपके दिल में ऐसे रच-बस जाएगी कि इसे पूरी जिंदगी नहीं भूल सकेंगे।

10. बनारसी पान - बनारस की गलियों में घूमें, कचौड़ी-सब्जी का स्वाद चख लिया लेकिन बनारसी पान का स्वाद नहीं चखा। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। बनारस में कई फेमस पान की दुकानें हैं, जहां आपको बनारसी पान का असली स्वाद चखने का मौका मिलेगा।
अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया है तो हमें पूरा विश्वास है कि आप यह आर्टिकल उन सभी लोगों के साथ भी जरूर शेयर करेंगे, जो सावन के दोनों महीनों के दौरान या सावन के बाद बाबा विश्वनाथ की नगरी बनारस घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं।



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