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क्या आप सिक्किम के इन वन्यजीव अभयारण्यों के बारे में जानते हैं ?

सिक्किम पूर्वोत्तर भारत का एक खूबसूरत पहाड़ी राज्य है, जो अपने पर्वतीय परिदृश्य, मनमोहक वातावरण, वन्य जीवन, नदी-झीलों और बौद्ध मठों के लिए पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से यह राज्य काफी ज्यादा मायने रखता है। हर साल यहां लाखों की तादाद में पर्यटकों का आगमन होता है। यह राज्य पृथ्वी की तीसरी सबसे ऊंची पर्वतीय चोटी कंचनजंगा के लिए भी जाना जाता है।

एक रिफ्रेशिंग यात्रा के लिए सिक्किम एक आदर्श विकल्प है। आप यहां दोस्तों के साथ एक यादगार ट्रिप का प्लान कर सकते हैं। यहां प्रकृति प्रेमी से लेकर एडवेंचर के शौकीनों के लिए बहुत कुछ उपलब्ध है। अगर आप वाइल्ड लाइफ रोमांच का शौक रखते हैं, तो यहां के वन्यजीव अभयारण्यों की सैर कर सकते हैं। इस लेख में जानिए इस पहाड़ी राज्य के चुनिंदा अभयारण्यों के बारे में, जानिए ये आपकी यात्रा को किस प्रकार खास बना सकते हैं।

 पंगोलख वन्यजीव अभयारण्य

पंगोलख वन्यजीव अभयारण्य

सिक्किम स्थित वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में आप यहां के प्रसिद्ध पंगोलख वन्यजीव अभयारण्य की रोमांचक सैर का प्लान बना सकते हैं। यह देश के चुनिंदा सबसे खूबसूरत अभयारण्यों में गिना जाता है, जो वन्यजीवों के अलावा प्रकृति के सबसे आकर्षक दृश्यों को प्रदर्शित करने का काम करता है। यह आरक्षित वन क्षेत्र कई दुर्लभ जीवों, वनस्पति और पक्षियों को सुरक्षित आश्रय देने का काम करता है।

राज्य के पूर्व सिक्किम जिले में स्थित पंगोलख वन्यजीव अभयारण्य को सन् 1999 में स्थापित किया गया था। 124 वर्ग कि.मी के क्षेत्र में फैले इस वन क्षेत्र में आप रेल पांडा, काला भालू, रेल फॉक्स जैस जीवों को देख सकते हैं। इसके अलावा यहां खूबसूरत पक्षियों को भी देखा जा सकता है। नेचर फोटोग्राफी के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

फम्बोंग लहो वन्यजीव अभयारण्य

फम्बोंग लहो वन्यजीव अभयारण्य

पंगोलख के अलावा आप फम्बोंग लहो वन्यजीव अभयारण्य की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह अभयारण्य भी पूर्व सिक्किम जिले में स्थित है। 51 वर्ग कि.मी के क्षेत्र में फैला यह अभयारण्य 1984 में स्थापित किया गया था। यह अभयारण्य कंचनजंगा नेशनल पार्क के सटा हुआ है, और हरी-भरी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। घास के मैदानों और ब्रॉड लीफ जंगलों के साथ यह अभयारण्य मंगल और दिक्चु जैसे कई छोटे गांवों का घर भी है। आप यहां तिस्ता और दिक्चु नदियों के आकर्षक दृश्यों को भी देख सकते हैं। ये नदियां इस वन क्षेत्र को संवारने का काम करती हैं। आप यहां वन्यजीवों में रेल पांडा, भौंकने वाली हिरण, भालू आदि को देख सकते हैं। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं।

वरसे रोडोडेंड्रोन अभयारण्य

वरसे रोडोडेंड्रोन अभयारण्य

सिक्किम के वन्यजीव अभयारण्यों की श्रृंखला में आप वरसे रोडोडेंड्रोन अभयारण्य की सैर का प्लान बना सकते हैं। वरसे अभयारण्य एक खूबसूरत वन क्षेत्र है जो आदर्श जैव विविधता को प्रदर्शित करने का काम करता है। यह अभयारण्य फूलों की रोडोडेंड्रोन प्रजाति के लिए जाना जाता है, जो मार्च से अप्रैल के बीच यहां की सुंदरता को बढ़ाते हैं। खास इन गुलाबी फूलों को देखने के लिए यहां दूर-दराज से सैलानियों का आगमन होता है। मार्च और अप्रैल के बीच यहां पर्यटकों का भारी जमावड़ा लगता है। यहां का मुख्य जीव रेड पांडा है, जो देखने का काफी खूबसूरत होते हैं। आप यहां पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को भी देख सकते हैं।

 क्योंग्नोसल अलपाइन अभयारण्य

क्योंग्नोसल अलपाइन अभयारण्य

आप क्योंग्नोसल अलपाइन अभयारण्य की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। गंगटोक से यहां तक की दूरी मात्र 30 कि.मी की है। यह अभयारण्य विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां और दुर्लभ फूलों के लिए जाना जाता है। रोडोडेंड्रोन, ग्राउंड स्लीपर ऑरचिड और जुनिपर और सिल्वर फर यहां की मुख्य फूलों की प्रजातियां हैं। जंगली जीवों में आप यहां तेंदुआ और रेड पांडा देख सकते हैं। 31 वर्ग कि.मी के क्षेत्र में फैले इस अभयारण्य को 1977 में स्थापित किया गया था।

मेनम वन्यजीव अभयारण्य

मेनम वन्यजीव अभयारण्य

उपरोक्त अभयारण्य के अलावा आप यहां मेनम वन्यजीव अभयारण्य की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। 1987 में आरक्षित किया गया यह वन क्षेत्र 14 वर्ग कि.मी में फैला हुआ है। हालांकि यहां जंगली जानवरों की कम प्रजातियां पाई जाती है, लेकिन आप यहां कई सारे पक्षियों को देख सकते हैं। मेनम वन्यजीव अभयारण्य काफी खूबसूरत है, एक शानदार यात्रा के लिए आप यहां आ सकते हैं।

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