लखनऊ के सीतापुर रोड से फैजाबाद रोड तक 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 45 मिनट से 1 घंटा लगता है, अगर ट्रैफिक जाम लग गया तो डेढ़ घंटा तो मान कर चलिये। लेकिन बहुत जल्द समय की यह बर्बादी थम जायेगी और ऊपर से आपको इस रोड पर बेंगलुरु जैसा अनुभव होगा। जी हां, बेंगलुरु जैसा। अरे हां, हम बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम वाले एरिया की बात नहीं करने जा रहे हैं, बल्कि उस इलाके की बात करेंगे जहां एक के बाद एक फ्लाईओवर हैं।

मेट्रो रेल आने के बाद पहले ही लखनऊ में ट्रैवल करना थोड़ा आसान हो गया, लेकिन अभी भी कुछ इलाके हैं, जहां पर ऑफिस ऑवर में जाम लगता ही लगता है। घंटों जाम की समस्या को दूर करने के लिए जगह-जगह डाइवर्जन और फ्लाईओवर का निर्माण जारी है। खैर हम बात कर रहे हैं, सीतापुर रोड से फैजाबाद रोड तक जाने वाली रिंग रोड की।
क्यों महत्वपूर्ण है यह रिंग रोड?
दरअसल यह रोड न केवल लखनऊ में रहने वालों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अयोध्या जाने वाले तमाम यात्रियों को भी यहां से गुजरना पड़ता है। अगर आप शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर से लखनऊ होते हुए अयोध्या जा रहे हैं तो आपको इसी रिंग रोड से फैजाबाद रोड तक जाना होगा।
यही नहीं, लखनऊ का नया हाईकोर्ट, लोहिया अस्पताल, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, समेत कई संस्थान इसी रोड से कनेक्ट होते हैं। और तो और अगर आप सीतापुर रोड से एकाना स्टेडियम जाना चाहते हैं, तो भी इसी मार्ग से गुजरना होगा। यही कारण है कि यह रोड पूरे शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है।

यही कारण है कि पिछली सरकारों ने दो फ्लाईओवरों का निर्माण कराया दोनों फ्लाईओवर यहां से गुजरने वालों के कम से कम 15 मिनट से 30 मिनट बचाते हैं। इनमें से एक फ्लाईओवर है जो इंजीनियरिंग कॉलेज से सीतापुर रोड को कनेक्ट करता है, उसके बनने से पहले लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ती थी। डालीगंज रेलवे स्टेशन पास होने के कारण कई-कई बार घंटों लग जाते थे।
सीतापुर रोड से फैजाबाद रोड के बीच छह फ्लाईओवर
अगर आप सीतापुर रोड से अयोध्या जा रहे हैं तो लखनऊ के व्यस्ततम इलाकों में ये फ्लाईओवर आपका सफर सुगम बनाते हैं। यही नहीं यह सफर और भी सुगम हो जायेगा जब इनमें से दो फ्लाईओवर बन कर तैयार हो जाएंगे।
1. अगर आप बक्शी का तालाब से सफर शुरू करते हैं तो बिठौली के पास पहला फ्लाईओवर मिलता है। यह फ्लाईओवर आपको आईआईएम के पास उतारता है। इसका उद्घाटन पिछले साल ही हुआ है।
2. कुछ ही दूर आगे बढ़ते ही आपको इंजीनियरिंग कॉलेज वाला फ्लाईओवर मिलेगा जो आपको जानकीपुरम पर उतारता है। जी हां यह वही फ्लाईओवर है, जो लोगां को रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर से लेकर जाता है। पिछले दो दशकों से यह फ्लाईओवर अपनी सेवाएं दे रहा है।
3. फिर आईईटी इंजीनियरिंग कॉलेज से अगला फ्लाईओवर शुरू होता है जो टेढ़ी पुलिया तक लेकर जाता है। इसका निर्माण भी करीब एक साल पहले ही पूरा हुआ है।
4. यहां कुर्सी रोड चौराहे में जगरानी हॉस्पिटल के पास एक और फ्लाईओवर शुरू होता है जो कुकरैल बाइपास के पास उतारता है। कपूरथला, निशातगंज या अलीगंज जाने वाले लोग भी इस फ्लाईओवर का इस्तेमाल कर सकेंगे।
5. अगला फ्लाईओवर आपको नया फ्लाईओवर मिलेगा जो सीधे सेक्टर 16 से ऊपर चिन्हट पर चढ़ेगा। गोल चौराहे पर मिलेगा शहीद पथ के सामने शुरू होगा जो आपको मुंशीपुलिया तक लेकर जायेगा है। इसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। पुल फिलहाल उद्घाटन का इंतजार कर रहा है।
6. आगे बढ़ते ही आपको पूर्व सांसद अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू हुआ फ्लाईओवर मिलता है जो मुंशीपुलिया से पॉलीटेक्निक चौराहे के आगे तक जाता है और सीधे फैजाबाद रोड पर कनेक्ट होता है।
7. अयोध्या के लिए सफर यहीं समाप्त नहीं होगा। आगे आपको चिन्हट के पास एक और फ्लाईओवर मिलेगा जो करीब डेढ़ किलोमीटर तक आगे लेकर जायेगा। फ्लाईओवर लखनऊ में तो बेंगलुरु जैसा अनुभव कैसे?

बेंगलुरु होगा जैसा अनुभव कैसे?
इस सवाल का जवाब वो लोग आसानी से दे सकते हैं जिन लोगों ने बेंगलुरु की आउटर रिंग रोड पर सफर किया होगा। जी हां एक समय था जब आउटर रिंग रोड में वाहन रेंगते थे, लेकिन एक ही रोड पर एक के बाद एक फ्लाईओवर बनने से जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई।
बेंगलुरु में जब आप सिल्क बोर्ड जंक्शन से माराथ हल्ली की ओर जाते हैं, तो रिंग रोड पर एक के बाद एक फ्लाईओवर पड़ते हैं। आपको बस एक फ्लाईओवर पर चढ़ना है, उतरना है, फिर अगले पर चढ़ना है उतरना है... जिस तरह से मारथ हल्ली, व्हाइट फील्ड, महादेवपुरा, जाने वाले लोगों का समय बच रहा है, उम्मीद है आने वाले समय में लखनऊ में सीतापुर रोड से फैजाबाद रोड जाने वाले लोगों का सफर आसान हो जाएगा। बस फर्क इतना होगा कि बेंगलुरु में फ्लाईओवर के दोनों ओर ऊंची-ऊंची इमारतें दिखाई देंगी तो लखनऊ में सुंदर-सुंदर आलीशान घर।



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