राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से लेकर अब तक अयोध्या के बारे में सबसे अधिक सूर्खियों में दो बातें रही हैं। पहली राम मंदिर में हर रोज लाखों की तादाद में पहुंच रहे श्रद्धालु और उनके द्वारा राम मंदिर में किया जा रहा दान। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक राम मंदिर को श्रद्धालुओं ने लगभग 11 करोड़ रुपए दान में दिया है। रोजाना दान पात्र में लगभग 3 लाख रुपए का दान श्रद्धालु कर रहे हैं।

ऐसे करीब 4 दान पात्र और 6 दान काउंटर मंदिर में खोले गये हैं। इसके अलावा भक्त रामलला को सजाने के लिए हर दिन सोने-चांदी के गहने भी लेकर मंदिर में पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि पिछले 10 दिनों में दान पेटियों में 8 करोड़ रुपए जमा हुए हैं और 3.50 करोड़ रुपए का दान ऑनलाइन प्राप्त हुआ है।
राम मंदिर को पिछले कुछ दिनों में मिले दान :
| 22 जनवरी | 2 लाख रुपए का चेक, 6 लाख रुपए नकद |
| 23 जनवरी | 2.62 करोड़ रुपए का चेक, 27 लाख रुपए नकद |
| 24 जनवरी | 15 लाख रुपए का चेक और नकद |
| 25 जनवरी | 40 हजार रुपए का चेक, 8 लाख रुपए नकद |
| 26 जनवरी | 10, 460 रुपए का चेक, 5.50 लाख रुपए नकद |
| 27 जनवरी | 13 लाख रुपए का चेक, 8 लाख नकद |
| 28 जनवरी | 12 लाख रुपए का चेक और नकद |
| 29 जनवरी | 7 लाख रुपए का चेक, 5 लाख रुपए नकद |
हम यहां देशभर के 10 सबसे अमीर मंदिरों और उनकी संपत्ति के बारे में बता रहे हैं :
1. तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर, आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में हर रोज लगभग 50,000 श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में गिना जाता है। जानकारी के अनुसार तिरुपति मंदिर के पास करीब 3 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो विप्रो, नेस्ले, ओएनजीसी जैसी कंपनियों के मार्केट से भी अधिक है।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम द्वारा साल 2022 में जारी श्वेत पत्र के मुताबिक तिरुपति बालाजी की हुंडी की वार्षिक आय करीब 1,400 करोड़ रुपए बतायी गयी है। 16.2 एकड़ के क्षेत्र में फैली 10वीं सदी में निर्मित इस मंदिर के आय का प्रमुख श्रोत दान में मिले बेशकीमती जवाहरात, दान किये गये बाल, फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज और दान में मिलने वाले करोड़ों रुपए हैं।
2. श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल
सबसे अमीर मंदिरों की लिस्ट में दूसरा नाम केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का है। जानकारी के अनुसार इस मंदिर के पास कुल 1,20,000 करोड़ रुपए की संपत्ति है। मंदिर के खजाने में सोने की प्रतिमाएं, सोना, पन्ना, एंटिक चांदी, हीरा और कांसा आदि शामिल हैं।

साल 2015 में इस मंदिर में एक छिपे हुए तहखाने का भी पता चला था। कहा जाता है कि इस तहखाने में रखी गयी संपत्ति को अभी तक गिना भी नहीं जा सका है। इससे पहले भी मंदिर में एक तहखाने का पता चला था। इस मंदिर में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश करने की अनुमति है।
3. गुरुवायुर देवस्वोम मंदिर, केरल
श्रीकृष्ण को समर्पित केरल में गुरुवायुर देवस्वोम मंदिर में साल भर देश और दुनिया भर से श्रद्धालु आते रहते हैं। साल 2022 में एक RTI का जवाब देते हुए मंदिर ने बताया था कि बैंक में लगभग 1,737.04 करोड़ रुपए की संपत्ति जमा है और मंदिर के पास 271.05 एकड़ जमीन है।

इसके अलावा मंदिर में आने वाले श्रद्धालु दान में सोने-चांदी और महंगे हीरे-जवाहरात भी दिया करते हैं। केरल के त्रिशुर जिले में स्थित यह मंदिर अपने हाथियों के उत्सव के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध है। कई रंगों से सजे हाथियों और उनके प्रदर्शन को देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग यहां पहुंचते हैं।
4. वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू

जम्मू के कटरा में स्थित माता वैष्णो देवी का मंदिर भी भारत के सबसे अधिक धनी मंदिरों में से एक है। बताया जाता है कि पिछले 2 दशक (2000-2020) में मंदिर को 1800 किलो सोना, 4700 किलो चांदी और करीब 2000 करोड़ रुपए नकद दान में मिले हैं। वैष्णो देवी मंदिर की स्थापना किसने की थी या पहाड़ की ऊंचाईयों पर इस मंदिर को किसने ढूंढ निकाला था, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। लेकिन माना जाता है कि यह मंदिर लाखों वर्ष पुराना है।
5. शिरडी साईं बाबा, महाराष्ट्र
मुंबई से करीब 296 किमी की दूरी पर मौजूद शिरडी साईं बाबा मंदिर की प्रसिद्धि दुनियाभर में छायी हुई है। यहां हर रोज लगभग 25000 श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। जानकारी के अनुसार साल 1922 में इस मंदिर का निर्माण किया गया था। कहा जाता है कि मंदिर में जिस सिंघासन पर साईं बाबा विराजमान हैं, वह 94 किलो सोने से बना है।

साल 2022 में श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिरडी को भक्तों ने 400 करोड़ रुपए का दान दिया था, जो ट्रस्ट को नकद, चेक और डिमांड ड्राफ्ट, ऑनलाइन पेमेंट के साथ-साथ सोने और चांदी के रूप में भी दिया गया था। मंदिर ट्रस्ट 2 अस्पताल का संचालन भी करती है, जहां मरीजों को इलाज और दवाईयां मुफ्त में दी जाती हैं। इसके साथ ही ट्रस्ट एक प्रसादालय भी चलाती है जिसमें हर रोज 50,000 से 1 लाख श्रद्धालुओं को मुफ्त में भोजन करवाया जाता है।
6. स्वर्ण मंदिर, अमृतसर
पंजाब की राजधानी अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर भारत के सबसे लोकप्रिय अध्यात्मिक जगहों में से एक है। कहा जाता है कि स्वर्ण मंदिर का निर्माण जिस स्थान पर हुआ है, वहां प्रथम सिख गुरु, नानक देव, ध्यान लगाया करते थे। 5वें सिख गुरु अर्जन की मदद से श्राइन को तैयार किया गया और मंदिर का निर्माण वर्ष 1581 में शुरू हुआ था।

लगभग 8 सालों में मंदिर का निर्माण पूरा हो पाया था। मंदिर के ऊपरी हिस्से में 400 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है जिस वजह से इसे स्वर्ण मंदिर कहा जाता है। जानकारी के अनुसार श्राइन की वार्षिक आय करीब 500 करोड़ रुपए है। स्वर्ण मंदिर के लंगर में हर दिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन करवाया जाता है।
7. मीनाक्षी मंदिर, मदुरै
मदुरै में स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर अपने शानदार वास्तुकला की वजह से दुनिया में एक अलग पहचान रखती है। 14 मंजिला इस मंदिर के गोपुरम और उसकी कलाकृति किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित कर सकती है। मंदिर देवी मीनाक्षी, सुंदरेश्वर (भगवान शिव) की पत्नी, को समर्पित है।

यह मंदिर भारत के उन चुनिंदा मंदिरों में से है जहां हर दिन करीब 20,000 श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर की वार्षिक आय करीब 6 करोड़ रुपए बतायी जाती है। मंदिर का सबसे प्रमुख उत्सव अप्रैल-मई के महीने में मनाया जाने वाला तिरुकल्याणम उत्सव है, जिसमें रथ पर देवी मीनाक्षी को घूमाया जाता है। यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है।
8. सिद्धिविनायक मंदिर, महाराष्ट्र

लगभग 200 साल पुराना मुंबई के प्रभादेवी में स्थित सिद्धिविनायक का मंदिर भारत के अमीर मंदिरों की लिस्ट में शामिल है। मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है, जिनकी प्रतिमा को करीब 4 किलो सोने के गहने पहनाएं जाते हैं। इसके साथ ही मंदिर के पास लगभग 125 करोड़ रुपए की संपत्ति है। रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर को हर दिन 30 लाख रुपए का दान विभिन्न श्रोतों से मिलता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां भगवान गणेश का सुंड दायीं ओर मुड़ा हुआ है।
9. सोमनाथ मंदिर, गुजरात

गुजरात का सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले स्थान पर है। हालांकि इस मंदिर की कुल संपत्ति का कभी खुलासा नहीं किया गया है लेकिन कहा जाता है कि मंदिर की सजावट में करीब 130 किलो सोना और मंदिर के शिखर पर 150 किलो सोने लगाया गया है। साल 2023 में मंदिर ट्रस्ट ने 6 किलो सोना जमा किया था। इसके साथ ही मंदिर के पास 170 एकड़ की जमीन भी है। सोमनाथ मंदिर में शिवरात्रि और कार्तिक पूर्णिमा बहुत धुमधाम से मनायी जाती है।
10. श्री जगन्नाथ मंदिर, ओडिशा

11वीं सदी में राजा इंद्रद्युम्न द्वारा भगवान विष्णु के अवतार जगन्नाथ के इस मंदिर का निर्माण करवाया गया है। यह मंदिर पवित्र चार धाम यात्रा का एक हिस्सा है, जिसमें बद्रीनाथ, द्वारका और रामेश्वरम शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मंदिर के पास लगभग 150 करोड़ की संपत्ति और 30,000 एकड़ की भूमि भगवान जगन्नाथ के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की रसोई को मेगा रसोई कहा जाता है जिसमें खास तरीके से 56 भोग पकाए जाते हैं। हर रोज लगभग 50 हजार श्रद्धालु जगन्नाथ मंदिर में भोजन ग्रहण करते हैं।



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