गणेश चतुर्थी का त्योहार शुरू होने ही वाला है। 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव के साथ हमारे देश में त्योहारों की शुरुआत भी हो जाती है। मुंबई और महाराष्ट्र के अलावा देश के दूसरे कई शहरों में भी गणेश चतुर्थी के मौके पर बड़े ही धूम-धाम के साथ विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में नवाबों के शहर लखनऊ में भी गणेशोत्सव की धूम मची हुई है।
इस साल पूरे लखनऊ में गणेश चतुर्थी पर 100 से ज्यादा छोटे और बड़े गणेशोत्सव पंडाल बनाएं जा रहे हैं, जिसमें अधिकांश में ही किसी न किसी थीम को आधार बनाया गया है। लेकिन लखनऊ में सबसे ज्यादा ध्यान जिस गणेशोत्सव पंडाल ने खींचा है, वह है चित्तौड़गढ़ किले की थीम पर बनाया जा रहा गणेश चतुर्थी का पंडाल। इसके साथ ही लखनऊ में जगन्नाथ मंदिर के तर्ज पर भी भगवान गणेश की पूजा का पंडाल बनाया जा रहा है।

लखनऊ में ये दोनों पंडाल कहां बन रहे हैं और लखनऊ में और कौन सी थीम पर गणेश पंडाल बनाए जा रहे हैं, यह जानने के लिए आगे पढ़े।
भगवान गणेश को जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाने वाले गणेश चतुर्थी के त्योहार की शुरुआत इस साल 7 सितंबर को हो रही है। 10 दिनों तक चलने वाले इस त्योहार का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश के विसर्जन के साथ होगा। Hindustan Times की एक रिपोर्ट में लखनऊ नगरपालिका के हवाले से किये गये दावे के मुताबिक 27 अगस्त तक लखनऊ में छोटे-बड़े कुल 110 गणेश पूजा पंडालों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है।
चित्तौड़गढ़ किले के तर्ज पर बन रहा गणेशोत्सव पंडाल
लखनऊ के झुलेलाल पार्क में बन रहा है 'मनौतियों के राजा' का पंडाल। इस साल इस पूजा ने 19 सालों का सफर पूरा किया है। 'मनौतियों के राजा' गणेश पूजा पंडाल को चित्तौड़गढ़ किले में रानी पद्मावती के महल के तर्ज पर बनाया जा रहा है। 14,000 वर्ष फीट का यह पंडाल पूरी तरह से एयर कंडिशन होने वाला है। इसके साथ ही इसे वाटरप्रूफ भी बनाया गया है जो रानी पद्मावती के जलमहल जैसा दिखे। इस पूजा कमेटी एक सदस्य भारत भूषण ने Hindustan Times को बताया कि पंडाल में भगवान गणेश की मूर्ति 5.5 फीट की होगी, जो मुंबई के सिद्धिविनायक की तरह होगी।

सिर्फ इतना ही नहीं, इस पूजा को इको-फ्रेंडली बनाते हुए भगवान की मूर्ति को गड्ढे में ही विसर्जित किया जाएगा। हर रोज शाम को 7 बजे से यहां नृत्य कला प्रस्तुत की जाएगी। इस पंडाल के हॉल में खासतौर पर 4000 वर्ग मीटर का क्षेत्र श्रद्धालुओं के बैठने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां बैठकर वे अपनी मनौतियों की चिट्ठियां भगवान गणेश को लिख सकें।
जगन्नाथ मंदिर में विराजेंगे बाप्पा
लखनऊ के 'पेपरमील के बाप्पा' पंडाल को जगन्नाथ पुरी के मंदिर के तर्ज पर बनाया जा रहा है। यह पंडाल पेपरमील कॉलोनी में बनाया जा रहा है। इस गणेशोत्सव कमेटी के सदस्य प्रतीक सिन्हा ने बताया कि पंडाल को बनाने के लिए 2,400 मीटर कपड़ा, 13,000 फीट लकड़ी और 50-60 किलोग्राम किलों का इस्तेमाल किया गया है। इस गणेश पूजा पंडाल में मुंबई के लालबाग चा राजा के तर्ज पर 11 फीट ऊंची भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाएगी। यहां 14 सितंबर को रात 8 बजे से डांडिया नाइट्स का आयोजन किया जाएगा।

राज्य की विविध संस्कृति को दर्शाएगा गणेश पूजा पंडाल
लखनऊ के लोहिया लॉन में श्री गणेश उत्सव मंडल के पूजा पंडाल में राज्य की विविध संस्कृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पूजा कमेटी के सदस्य उमेश पाटिल ने बताया कि इस पंडाल में मुंबई के लालबाग चा राजा के तर्ज पर ही भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित किया जाएगा, जिसका निर्माण पूणे के एक कलाकार ने किया है।
जानकारी के अनुसार इस पूजा पंडाल में भगवान गणेश को नोटों और मखाना की माला के साथ ही 300 ग्राम चांदी का मुकुट भी पहनाया जाएगा। यहां राम मंदिर का एक छोटा सा मॉडल भी प्रदर्शित किया जाएगा जो निश्चित रूप से दर्शकों को खूब पसंद आएगा।

अमीनाबाद में कमल के फूलों पर विराजेंगे गणपति
पिछले 103 सालों से लखनऊ के अमीनाबाद में पारंपरिक तौर पर गणेश उत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। इसी क्रम में इस साल यहां भगवान गणेश की मूर्ति को कमल के फूल पर विराजमान दिखाया जाएगा। इस बारे में पूजा कमेटी के सदस्य दिनेश जोशी ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान यहां महाराष्ट्र से खासतौर पर बुलाये गये कलाकार अपनी कला प्रदर्शित करेंगे।
अमीनाबाद के राजा
अमीनाबाद मार्केट में बनने वाला 'अमीनाबादा के राजा' पूजा पंडाल में इस साल धार्मिक उत्साह के साथ ही अध्यात्मिकता को बढ़ावा देने पर पर खास तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। यह पूजा पंडाल लोगों को ऑनलाइन के बजाए ऑफलाइन शॉपिंग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।



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