गणपति उत्सव दरवाजे पर दस्तक दे रही है। गणेशोत्सव की उल्टी गिनती भी अब खत्म होने वाली है। बस 1 दिन और, फिर मायानगरी मुंबई समेत पूरी दुनिया में भगवान गणेश के जन्मोत्सव के साथ ही गणेश चतुर्थी का त्योहार की शुरुआत हो जाएगी। अगर आप भी गणेश चतुर्थी के दिन सिद्धिविनायक मंदिर में जाने के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे पहले जान लीजिए मंदिर में आरती कितने बजे होगी और कैसे प्रवेश कर सकेंगे?
इस साल 7 सितंबर से गणेशोत्सव की शुरुआत होने वाली है। इस दिन बड़े-बड़े सेलिब्रिटी समेत बड़ी संख्या में आम लोग मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणपति के दर्शन करने पहुंचते हैं। विनायक चतुर्थी के दिन दूसरे मंदिरों की तरह ही भगवान गणेश के सभी मंदिरों में भी आरती के समय से लेकर मंदिर खुलने और बंद होने का समय, मंदिर में प्रवेश करने की व्यवस्था आदि में काफी बदलाव किये जाते हैं।

तो आइए जान लेते हैं मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में गणेशोत्सव की खास तैयारियों के बारे में :
किसने बनवाया था सिद्धिविनायक मंदिर?
मुंबई के प्रभादेवी में स्थित भगवान गणेश का सिद्धिविनायक मंदिर एक लोकप्रिय मंदिर है। यहां सिर्फ मुंबई के रहने वाले ही नहीं बल्कि मुंबई में बड़ी संख्या में देश-विदेश से घूमने जाने वाले पर्यटक भी जरूर जाते हैं। हर साल यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1801 में भगवान गणेश के भक्त लक्ष्मण विट्ठु और देउबाई पाटिल ने करवाया था।

इस मंदिर का निर्माण मराठा शैली में करवाया गया था। मंदिर के लोकप्रिय होने की सबसे बड़ी वजह यहां भगवान गणेश की अनोखी मूर्ति है। इस मंदिर में भगवान गणेश की 2.5 फीट ऊंची प्रतिमा की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है। कहा जाता है कि ऐसी प्रतिमाएं सिद्धपीठ से जुड़ी होती है, जिस वजह से यहां भगवान विनायक को सिद्धिविनायक कहा जाता है।
लगता है फिल्मी सितारों का जमघट
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में हर वक्त दर्शनार्थियों की भीड़ जमा रहती है। यहां हर दिन 50,000 से 1 लाख तक दर्शनार्थी विघ्नहर्ता भगवान गणेश के दर्शन करने आते हैं। घर या जीवन से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण दिन या घटना हो, श्रद्धालु सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन करने जरूर जाते हैं। सिर्फ आम नागरिक ही नहीं बल्कि इस मंदिर में फिल्मी सितारों का भी जमघट लगा रहता है।

खासतौर पर गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां भगवान गणपति के दर्शन करने बड़ी संख्या में बॉलीवुड से जुड़े सेलिब्रिटी पहुंचते हैं। इसके अलावा यहां अक्सर अपनी फिल्मों की सफलता का आर्शिवाद मांगने भी एक्टर्स, डायरेक्टर्स आदि पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ आते रहते हैं।
गणेश चतुर्थी पर आरती का क्या होगा समय?

सामान्य दिनों में सिद्धिविनायक मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे से रात को 9 बजे तक खुले रहते हैं। दिन भर में कई प्रकार से यहां आरती होती है, जिसमें भक्त शामिल भी हो सकते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां दूसरे बड़े मंदिरों (जैसे पुरी का जगन्नाथ मंदिर, कोलकाता का कालीघाट या दक्षिणेश्वर मंदिर) की तरह भगवान दर्शन करवाने के लिए पुरोहितों की मदद लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। यहां भक्त खुद मंदिर में भगवान को प्रसाद चढ़ा सकते हैं।
गणेश चतुर्थी के दिन आरती का समय :
| आरती | समय |
| श्री दर्शन (काकड आरती से पहले) | सुबह 4 से 4:45 बजे तक |
| काकड आरती | सुबह 5 से 5:30 बजे तक |
| श्री दर्शन (सुबह) | सुबह 5:30 से 10:45 बजे तक |
| पूजा, अभिषेक, नैवैद्य और आरती | दिन के 10:45 से दोपहर 1:30 बजे तक |
| श्री दर्शन (दोपहर से शाम) | दोपहर 1:30 से शाम 7:20 बजे तक |
| शाम की आरती | शाम 7:30 से 8 बजे तक |
| श्री दर्शन (रात) | रात 8 से 10 बजे तक |
| सेज आरती (सोने से पहले) | रात 10 बजे |
**jagran.com से मिली जानकारी के आधार पर
नोट : गणेश चतुर्थी के दिन सुबह 10.45 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पूजा, नैवैद्य और आरती के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान भक्त भगवान गणेश के दर्शन करीब से नहीं लेकिन दूर से कर सकेंगे।

कैसे पहुंचे सिद्धिविनायक मंदिर?
सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के प्रभादेवी में स्थित है। इस मंदिर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन दादर स्टेशन है। जो मंदिर से लगभग 2 किमी की दूरी पर मौजूद है। स्टेशन से ऑटो या फिर टैक्सी/कैब लेकर आप बड़ी आसानी से सिद्धिविनायक मंदिर पहुंच सकते हैं।
आप चाहे तो इस दूरी को पैदल भी तय कर सकते हैं। मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से इस मंदिर की दूरी करीब 11 किमी की है। एयरपोर्ट से भी आपको टैक्सी या कैब अथवा बस मिल जाएगी, जिनसे बड़ी आसानी से आप सिद्धिविनायक मंदिर में पहुंच सकते हैं।
कैसे करेंगे प्रवेश?
सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश करने के दो प्रमुख द्वार हैं :
- रिद्धि द्वार
- सिद्धि द्वार
सिद्धि द्वार से होकर कोई भी नागरिक मंदिर में प्रवेश कर सकता है। इस द्वार से प्रवेश करने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है। लेकिन प्रवेश निःशुल्क होने की वजह से इस द्वार से मंदिर में प्रवेश करने वालों की लंबी लाइन लगी रहती है। जिस कारण आपको अतिरिक्त समय लेकर जाने की जरूरत होगी।
रिद्धि द्वार से होकर आमतौर पर सेलिब्रिटी को प्रवेश करवाया जाता है। इस द्वार से प्रवेश करने के लिए शुल्क देना पड़ता है। इसलिए यहां तुलनात्मक रूप से भीड़ कम मिलेगी। दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश और दर्शन से जुड़ी खास व्यवस्थाएं भी इसी द्वार पर ही की जाती हैं।

मंदिर में जाएं तो इन बातों का रखें ख्याल -
- मंदिर के अंदर जूते-चप्पल पहनकर जाने की अनुमति नहीं होती है। उन्हें मंदिर के बाहर निर्धारित स्थान पर खोलकर रख देना पड़ता है।
- मंदिर के अंदर मोबाइल लेकर जाने की अनुमति नहीं होती है।
- मंदिर में प्रवेश करने से लेकर भगवान के दर्शन करने तक के लिए लाइन में लगना अनिवार्य है।
- भगवान गणेश को चढ़ाने के लिए फूल, दूब की माला या मोदक आदि दूर से खरीदने की जरूरत नहीं होती है। मंदिर परिसर में और आसपास में आपको काफी दुकानें मिल जाएंगी।



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