मुंबई के प्रसिद्ध लाल बाग चा राजा के भगवान गणेश का दर्शन करना चाहते हैं लेकिन पटना से मुंबई जाना संभव नहीं है। कोई बात नहीं, अब पटना में ही करें मुंबई के लाल बाग चा राजा का दर्शन। पटना का महाराष्ट्र मंडल गणपति उपासना का पूजा पंडाल को महाराष्ट्र में होने वाली गणेश चतुर्थी के तर्ज पर सजाया जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि...

गणपति का अंगवस्त्र से लेकर उनका मुकुट ऐसा तैयार किया जा रहा है कि विघ्नहर्ता का दर्शन करते ही लोगों की आंखें चौंधिया जाएगी।
पंडाल से लेकर मुकुट तक हर चीज में मुंबईया Touch

इस साल पटना में होने वाली महाराष्ट्र मंडल गणपति उपासना की गणेश पूजा में भगवान गणेश की मूर्ति से लेकर उनके वस्त्र, पूजा पंडाल और मुकुट तक में मुंबई का Touch रहने वाला है। इन्हें या तो मुंबई से पटना आए कारीगर तैयार कर रहे हैं या फिर इन्हें मुंबई में तैयार करने के बाद पटना भेज दिया जाएगा। मुंबई से आयी कारीगरों की टीम ने ही पटना के इस पूजा पंडाल को तैयार करने की जिम्मेदारी उठायी है। मुंबई में लाल बाग चा राजा के तर्ज पर ही इस पूजा पंडाल को बेहद भव्य तरीके से सजाया जा रहा है। इस पूजा की तैयारी लगभग 1 महीने पहले से ही शुरू कर दी गयी है।
महिलाओं के हाथ में है कमान

जिस तरह घर-परिवार की हर जिम्मेदारी को महिलाएं बखूबी संभाल लेती हैं, ठीक उसी तरह महाराष्ट्र मंडल गणपति उपासना की कमान भी महिलाओं के हाथों में ही है। अपने घर और ऑफिस से समय निकालकर महिलाएं पूजा से संबंधित सभी जिम्मेदारियों को बड़ी ही अच्छे तरीके से संभाल रही हैं। वे समय-समय पर पूजा पंडाल की तैयारी और बाकी कार्यों का भी जायजा ले रही हैं। पूजा कमेटी की तरफ से बताया गया है कि इस बार विसर्जन के दिन महिलाएं अपना खास प्रदर्शन करेंगी या यूं कहा जा सकता है महिलाएं अपना शक्तिप्रदर्शन करेंगी।
गजानन पहनेंगे हीरा जड़ा मुकुट
पटना में इस साल सिर्फ मुंबई के तर्ज पर ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र मंडल का पूजा पंडाल पूरे पटना का सबसे अधिक भव्य पूजा पंडाल साबित होने वाला है। भगवान गणेश को सोने का मुकुट धारण करवाया जाएगा, जिसमें हीरा जड़ा होगा। इस मुकुट का ऑर्डर दे दिया गया है जिसे 12 कारीगरों की टीम मिलकर मुंबई में ही तैयार किया है। गणेश पूजा संपन्न हो जाने के बाद इस मुकुट को नीलाम कर दिया जाएगा।

मूर्ति को हुबहू मुंबई के फेमस लाल बाग चा राजा की तरह बनाया गया है। इस साल मूर्ति 6.5 फीट ऊंची होगी। मूर्ति का निर्माण मुंबई में ही किया गया है। इस मूर्ति को ऐसी मिट्टी से तैयार किया गया है जो पानी के संपर्क में आते ही आसान से गल जाए। यानी इसे इको फ्रेंडली तरीके से बनाया गया है। बताया जाता है कि मुंबई में भी इसी मिट्टी से गणपति की मूर्तियां बनायी जाती हैं।
चंद्रयान 3 की थीम पर बनेगा पंडाल
महाराष्ट्र मंडल गणपति उपासना पूजा कमेटी ने इस साल अपना पंडाल चंद्रयान 3 की थीम पर तैयार करने का फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार पंडाल के स्टेज को अक्षरधाम मंदिर के गर्भगृह की तरह सजाया गया है जिसके बैकग्राउंड को चंद्रयान 3 का मॉडल से सजाया जाएगा।

पूजा पंडाल का थीम 'चंद्रमा पर स्वर्ग' रखा गया है। 10 दिनों तक चलने वाले गणेश चतुर्थी के पहले दिन भगवान गणेश की भव्य पूजा 5 पंडितों की टीम करेगी। इस समय राज्य के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार भी पूजा पंडाल में उपस्थित रह सकते हैं। इस पूजा में बिहार के राज्यपाल व उनकी पत्नी के शामिल होने की भी संभावना है।
मुंबई से आ रही पगड़ी बांधने वालों की टीम
पटना के इस पूजा पंडाल में आने वाले सभी लोगों को पूरी तरह से मुंबईचा फील करवाने की तैयारी कर ली गयी है। मिली जानकारी के अनुसार पूजा पंडाल में आने वाले विशेष अतिथियों को मुंबई स्टाइल में पगड़ी बांधी जाएगी। इसके लिए खासतौर पर महाराष्ट्र से मराठी पगड़ी बांधने वालों को बुलाया गया है। साथ ही पूजा पंडाल में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए खास तौर पर झांझ पथक की टीम को महाराष्ट्र से बुलाया गया है।

यह टीम 25 सितंबर को निकाली जाने वाली गजानन की शोभायात्रा में अपना जलवा बिखेरेगी।
बता दें, झांझ पथक मुख्य रूप से मराठी शैली का नृत्य है जिसका शिवाजी के शासनकाल में मर्दानी खेल के तौर पर कला प्रदर्शन किया जाता था।



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