ऑफिस के काम से बोर हो गये, 1-2 दिन की राहत के लिए गोवा चलते हैं। ज्यादा दिनों की छुट्टियां नहीं मिली ऑफिस से...गोवा की एक छोटी सी क्वीक ट्रिप पर निकल पड़ते हैं। प्रमोशन या बोनस मिला है, पार्टी और सेलिब्रेट करना है तो गोवा चले जाते हैं। अक्सर गोवा की ट्रिप पर कुछ ऐसा ही सोच कर लोग निकल पड़ते हैं। गोवा जाने वाले अधिकांश पर्यटक पार्टी करने के लिए ही वहां जाते हैं जो विभिन्न बीच पार्टी में होने वाले शोरगुल का हिस्सा बन जाते हैं। लेकिन...
इस वजह से स्थानीय लोगों को कितनी परेशानी होती होगी, क्या कभी इस बारे में कुछ सोचा गया है? गोवा में रास्तों या बीच पर लोग पार्टी करते और खाते-पीते-घूमते हैं लेकिन इससे होने वाली गंदगी स्थानीय लोगों को कितना परेशान करती होगी...! कई बार नशे में धुत पर्यटक सड़कों व रास्तों पर इधर-उधर हंगामा मचाते हैं, जिससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को परेशानी होती है बल्कि पूरे क्षेत्र की बदनामी भी होती है।

कुछ ऐसी ही परेशानी गोवा के प्रसिद्ध कैलंगुट (Calangute) गांव के लोगों को भी उठानी पड़ रही है। इसलिए कैलंगुट ग्राम पंचायत ने अब बिना होटल की बुकिंग किये पर्यटकों का कैलंगुट में प्रवेश करने पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में पर्यटकों के बीच हुई आपसी झड़प की घटनाओं के बाद कैलंगुट ग्राम पंचायत ने यह फैसला लिया है कि होटल में बिना पहले से बुकिंग या रिजर्वेशन किये पर्यटकों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
पर्यटकों की आपसी परेशानियों और उससे होने वाली स्थानीय लोगों की परेशानियों का समाधान निकालते हुए कैलंगुट ग्राम पंचायत ने यह फैसला लिया है।

इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कि कैलंगुट ग्राम पंचायत में प्रवेश करने वाले सभी पर्यटकों होटल में जरूर बुकिंग की हो, विभिन्न जगहों पर चेकप्वाएंट बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। मीडिया से बात करते हुए कैलंगुट पंचायत के सरपंच जोसेफ सेक्वेरा ने बताया कि गांव में वेश्यावृत्ति और दलाली जैसी घटनाएं काफी बढ़ गयी हैं, जिस कारण गांव की भी बदनामी हो रही है।
बता दें, कैलंगुट गोवा में एक बेहद लोकप्रिय जगह है, जहां खासतौर पर लोग कैलंगुट बीच पर घूमने के लिए आते हैं। कैलंगुट बीच इसके पंचायत परिधि के अंतर्गत आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत पर्यटक हंगामा करते हैं और इससे गांव की बदनामी होती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए ही ग्राम पंचायत ने एक उपाय ढूंढ निकाला है।
हालांकि स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने इसे गैरसंवैधानिक करार देते हुए कहा कि ऐसा करना संभव नहीं है। उनका कहना है कि गांव में पर्यटकों की आवाजाही को सिर्फ इस वजह से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है कि उनके पास होटल की बुकिंग नहीं है। उन्होंने नशे में धुत पर्यटकों द्वारा यहां हंगामा मचाने पर अपनी सहानुभूति तो जतायी लेकिन यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन को और सख्त होना व सख्त कदम उठाना होगा।



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