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गोवा का चपोरा फोर्ट- जाना है तो सितंबर में जायें वरना कोई फायदा नहीं, जानिए क्यों!

भारत का पार्टी कैपिटल गोवा, जहां की सुनहरी रेत, समुद्र तट और सूर्यास्त का अद्भूत नजारा ही पर्यटकों को यहां बार-बार खींच कर लाने के लिए पर्याप्त माना जाता है। गोवा जाने वाले अधिकांश पर्यटक समुद्रतट, पार्टी, कैफे और म्यूजिक की धून पर झुमना...इन्हीं में उलझकर रह जाते हैं। काफी कम लोग ही होते हैं जो गोवा के ऑफबीट डेस्टिनेशंस को एक्सप्लोर करने का मन बनाते हैं।

अगर आप भी गोवा उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें गोवा में भीड़भाड़ और समुद्रतट, लाउड म्यूजिक या कैफे आदि पसंद नहीं है या कुछ खास नहीं लगता, उन्हें खासतौर पर सितंबर में मानसून के तुरंत बाद गोवा के कुछ ऑफबीट डेस्टिनेशंस को जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। यहां आपको दिखेगा वह पिक्चर परफेक्ट नजारा जिसे फिल्माने के लिए मुंबई से जाने-माने फिल्म निर्माता भी गोवा चले आते हैं।

सितंबर में मानसून के तुरंत बाद गोवा का ऐसा ही एक पिक्चर परफेक्ट नजारा दिखता है चपोरा फोर्ट पर। जी हां, यह वहीं फोर्ट है जहां ब्लॉकबस्टर बॉलीवुड फिल्म 'दिल चाहता है' की शूटिंग की जा चुकी है। तो अगर इस फिल्म को रियल लाइफ में रिक्रिएट करना चाहते हैं तो मानसून के तुरंत बाद सितंबर में गोवा जाने का प्लान अपने यारों-दोस्तों के साथ जरूर बना लें।

क्या है चपोरा फोर्ट का इतिहास?

नॉर्थ गोवा में स्थित चपोरा फोर्ट का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। जानकारी के अनुसार इस फोर्ट का निर्माण 13वीं शताब्दी में किया गया था। वर्ष 1617 में इस किले का निर्माण पुर्तगालियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। चपोरा नदी के किनारे इस फोर्ट का निर्माण मिलिट्री आउटपोस्ट बनाने के लिए किया गया था। इस फोर्ट का निर्माण इस तरह से किया गया था कि आसपास चारों तरफ की निगरानी की जा सकें। हालांकि पुर्तगाली शासन के अलावा इस किले पर और भी कई शासकों का अधिकार रहा है, जिनमें मराठा और भोंसले शामिल हैं।

समय की पड़ी मार

हालांकि यह किला किसी जमाने में पुर्तगाली शासन की शान हुआ करता था लेकिन समय की मार ने इसे भी धीरे-धीरे नष्ट कर दिया। आज के समय में चपोरा फोर्ट का काफी छोटा सा हिस्सा ही ठीक-ठाक है जहां पर्यटक घूमने जाते हैं। इस किले की सुन्दरता और यहां से मिलने वाले नजारों के बारे में इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि खंडहर में बदलने के बावजूद इस फोर्ट के प्रति बॉलीवुड का आकर्षण कम नहीं हुआ है और अक्सर यहां फिल्मों की शूटिंग भी होती है।

dil chahta hai chapora fort

'दिल चाहता है' चपोरा फोर्ट

साल 2001 से पहले गोवा के चपोरा नदी के किनारे बनाए गये इस फोर्ट लोकप्रिय तो था लेकिन फिल्म 'दिल चाहता है' के रिलीज होने के बाद इस फोर्ट की लोकप्रियता में काफी बढ़ोतरी हुई। लोग अक्सर अपने दोस्तों के साथ फोर्ट पर उस सीन को रिक्रिएट करने आते हैं, जिसमें आमिर खान, फरहान अख्तर और अक्षय खन्ना फोर्ट के किनारे पर दर्शकों की ओर पीठ करके बैठकर बातें कर रहे होते हैं।

सामने अरब सागर का वह नजारा, जिससे लोगों को नजरें फेरना मुश्किल हो गया था। यहां समुद्र बस यूं ही नहीं बल्कि इस सीन की जान बन गया था। यह पूरा सीन ही दोस्ती की परिभाषा बन गया था, जब दोस्त अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त होने के बावजूद दूसरे दोस्तों से बातें करने, उनके साथ समय बिताने का वक्त निकाल लेते हैं। पर हम मानसून के बाद सितंबर में चपोरा फोर्ट आने के बारे में क्यों कह रहे हैं? यह फोटो तो आप साल में कभी भी गोवा जाकर खींच सकते हैं...है न।

क्यों सितंबर में चपोरा फोर्ट जाना है बेस्ट?

गोवा के चपोरा फोर्ट पर जाकर आप साल के किसी भी समय भले ही 'दिल चाहता है' की तरह पोज में फोटो जरूर खींचवा सकते हैं। लेकिन हम आपसे मानसून के तुरंत बाद ही यहां जाने की सलाह दे रहे हैं। दरअसल, साल के दूसरे समय चपोरा फोर्ट धूल और मिट्टी की चादर ओढ़े रहता है। मानसून की बारिश के कारण न सिर्फ धूल-मिट्टी की परत धुल जाती है बल्कि चपोरा फोर्ट का वास्तविक मटमैला लाल रंग भी दिखाई देने लगता है।

अगर मानसून के ज्यादा दिनों बाद जाते हैं, जो चपोरा फोर्ट एक बार फिर से धूल की परत में ढंक जाएगा और फिल्म में जिस तरह से यह फोर्ट दिखाई दे रहा था वैसा Look नहीं मिल सकेगा। इसके साथ ही मानसून के समय या तुरंत बाद मौसम भी सुहाना रहता है। इस वजह से फोर्ट की चढ़ाई करने में ज्यादा मुश्किलें नहीं आती हैं और नजारों को एंजॉय करते हुए आप इस चढ़ाई को पूरा कर सकते हैं।

चपोरा फोर्ट पर क्या दिखेगा?

चपोरा फोर्ट को गोवा के इतिहास से जोड़ा जाता है। भले ही यह किला पुर्तगालियों द्वारा बनाया गया हो लेकिन इसमें गोवा और उसके समृद्ध इतिहास की झलक दिखाई देती है। चपोरा फोर्ट पर आज भी मिलिट्री बैरक, कुएं, बंदूक रखने की जगह आदि स्पष्ट मौजूद हैं। इस किले को देखते ही समझ में आता है कि बीते जमाने में यह एक महत्वपूर्ण मिलिट्री किला हुआ करता होगा।

फोर्ट की Timing

  • सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक
  • फोर्ट में प्रवेश शाम 5 बजे बंद कर दिया जाता है।

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