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ऐसा क्या है जो ओडिशा के गोपालपुर में टूरिस्ट और ट्रैवलर्स को अवश्य देखना चाहिए

By Belal Jafri

आज अपने इस लेख में हम आपको जिस डेस्टिनेशन से अवगत करा रहे हैं उसे ओडिशा का मोहक सौंदर्य वाला स्‍थान कहा जाता है। जी हां हम बात कर रहे हैं गोपालपुर की। गोपालपुर, उड़ीसा के दक्षिणी सीमा रेखा पर स्थित एक तटीय शहर है। यह स्‍थान, बंगाल की खाड़ी के पास में स्थित है और राज्‍य में तीन प्रमुख पर्यटनों स्‍थलों में से एक है। हर महीने, हजारों पर्यटक, इस जगह की सुंदरता के नजारे देखने के लिए आते है । यह जगह, बहरामपुर से मात्र 15 किमी. की दूरी पर स्थित है और यहां के बंदरगाह का राज्‍य सरकार के द्वारा पुनर्निर्माण करवाया जा रहा है।

आपको बताते चलें कि गोपालपुर को मछली पकड़ने वाले एक छोटे से गांव के रूप में जाना जाता था लेकिन अंग्रेजों के आधिपत्‍य के बाद इस गांव का भाग्‍य बदल गया। इस बंदरगाह का इस्‍तेमाल, ईस्‍ट इंडिया कम्‍पनी ने एक महत्‍वपूर्ण व्‍यापारिक केंद्र के रूप में किया। यह शहर, आंध्र प्रदेश के समीप स्थित है और यहीं कारण है कि यहां कई महत्‍वपूर्ण लाभ मिलते है।

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यदि बात गोपालपुर में पर्यटन की हो तो आपको बताते चलें कि यहां ऐसा बहुत कुछ है जो आने वाले पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। आइये इस लेख के जरिये जाना जाये कि गोपलपुर में ऐसा क्या है जो एक पर्यटक को अवश्य देखना चाहिए।

गोपालपुर तट

गोपालपुर तट

गोपालपुर तट, दोस्‍तों और परिवार के साथ एक अच्‍छा समय बिताने के लिए अच्‍छा स्‍थान है। यहां प्रकृति के सभी रंग देखने को मिलते है। हर कोई इस तट पर सी बॉथ करके आनंद उठा सकता है। इस तट को भारत के कुछ प्रमुख तटों में से एक माना जाता है जहां आकर पर्यटक मस्‍ती कर सकते है और जीवन का सबसे अच्‍छा समय बिता सकते है। यह आकर पर्यटक कई प्रकार के गेम जैसे - घुडसवारी, क्रुजिंग, बॉडी मसाज और अन्‍य में हिस्‍सा ले सकते है। इस तट में भ्रमण के दौरान सबसे अच्‍छी बात यहां का सूर्यास्‍त देखना होता है, जो आपके रोम - रोम को एक नई ऊर्जा से भर देता है और प्रकृति को सर्वोपरि मानने पर मजबूर कर देता है।

तप्तापानी

तप्तापानी

तप्तापानी का शाब्दिक अनुवाद उबलते पानी के रूप में किया जाता है। ब्रह्मपुर से 50 किमी दूर स्थित तप्तापानी एक गर्म पानी का स्रोत है। पृथ्वी ग्रह के तल पर अनगिनत गर्म पानी के स्रोत हैं और उनमें से बहुतों तक पहुंचना नहीं जा सकता। तप्तापानी काफी गहरा और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान करता है और यात्री इस गर्म पानी के स्रोत में डुबकी भी लगा सकते हैं। इस पानी में भारी मात्रा में सल्फर होने के कारण तप्तापानी का पानी औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। यहां देश भर से विश्वासी दर्द एवं एक्जिमा तथा खुजली जैसे त्वचा रोगों के इलाज की तलाश में आते हैं।

आर्यापल्‍ली तट

आर्यापल्‍ली तट

आर्यापल्‍ली तट, उड़ीसा के प्रसिद्ध तटों में से एक है। अगर कोई भी पर्यटक गोपालपुर तट की सैर के लिए जाएं तो उसे आर्यापल्‍ली तट की सैर के लिए भी अवश्‍य जाना चाहिए, सूर्यास्‍त के समय यहां की छटा बेहद निराली होती है। आर्यापल्‍ली की तटीय रेखा, क्षेत्र के रेन- शैडो पर पड़ती है। इसलिए, मानसून के दौरान यहां पर्याप्‍त बारिश होती है। यह तट एक सुंदर और आकर्षक स्‍थल है जहां आकर पर्यटक आराम फरमा सकते है और कुछ सुकून भरे पल बिता सकते है। इस तट पर आकर सैलानी, एक सुंदर अनुभव की अनुभूति कर सकते है। आर्यापल्‍ली तट की सैर का सबसे अच्‍छा समय अक्‍टूबर और जून के दौरान होता है। इस तट पर आकर, सर्फिंग, सन बॉथ और स्‍वीमिंग की जा सकती है और पर्यटक इन सभी का भरपूर आंनद उठा सकते है।

मां तारा तारिणी हिल श्राइन

मां तारा तारिणी हिल श्राइन

मां तारा तारिणी हिल श्राइन, पूरे देश में मां तारा के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह मंदिर, कुमारी हिल्‍स पर स्थित है जो ऋषिकुल्‍या नदी के तट पर है। यह मंदिर, गोपालपुर से कुछ ही किमी. की दूरी पर स्थित है। बहरामपुर रेलवे स्‍टेशन से इस मंदिर तक की दूरी मात्र 13 किलोमीटर है। हजारों पर्यटक, नियमित रूप से इस मंदिर में दर्शन करने आते है और माता का आर्शीवाद ग्रहण करते है। इस मंदिर में दो देवियों की प्रतिमा है मां तारा और मां तारिणी। स्‍थानीय लोगों के द्वारा इन दोनों देवियों को आदिशक्ति का स्‍वरूप माना जाता है।

सोनेपुर तट

सोनेपुर तट

सोनेपुर को उड़ीसा के सबसे सुंदर तटों में से जाना जाता है। यह स्‍थान, राज्‍य के गंजम जिले में स्थित है। यह एक सुंदर तट है जिसकी सीमा आंध्र प्रदेश और उड़ीसा, दो राज्‍यों से लगती है। देश के दक्षिणी राज्‍यों से यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह तट, समुद्र को मुख्‍य भूमि से बाहुदा नदी के साथ विभाजित करता है। यहां ऐसे कई तथ्‍यों को माना जाता है कि सोनेपुर तट, उड़ीसा की सबसे बड़ी प्राकृतिक सम्‍पत्ति है जहां प्राकृतिक सौंदर्य आज भी मानव सथ्‍यता से अछूता और वास्‍तविक है। तट, बहरामपुर से लगभ 12 - 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

कैसे जाएं गोपालपुर

कैसे जाएं गोपालपुर

गोपालपुर तक एयर द्वारा बिजु पटनायक अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे, भुवनेश्‍वर के रास्‍ते पहुंचा जा सकता है। इसका सबसे नजदीकी रेलवे स्‍टेशन बहरामपुर रेलवे स्‍टेशन है जहां से देश के कई हिस्‍सों के लिए ट्रेन मिलती है। सड़क मार्ग से राज्‍य में बसों से भी गोपालपुर तक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, पर्यटक भ्रमण के लिए प्राईवेट कार को हॉयर कर सकते है।

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