नवरात्रि 9 दिनों तक मनाया जाने वाला एक धार्मिक त्योहार है, जिसके हर दिन देवी दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है। देश भर में मनाये जाने वाले इस त्योहार को अलग-अलग राज्यों में अलग मान्यताओं और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। बिहार-उत्तर प्रदेश में जहां नवरात्रि के दौरान जहां हर तरफ बस डांडिया नाईट्स के चर्चें ही छाये रहते हैं वही गुजरात में इन 9 दिनों के दौरान लोग जमकर गरबा खेलते हैं।
गरबा गुजरात की संस्कृति से जुड़ा हुआ एक पारंपरिक नृत्य शैली है। मौका चाहे कोई भी हो लेकिन गुजराती गरबा खेलने का मौका बिल्कुल नहीं छोड़ते हैं। गुजरात में गरबा का केंद्र बिन्दू अहमदाबाद होता है। लेकिन इस राज्य के और भी कई शहर हैं, जहां नवरात्रि के दौरान लोग जमकर गरबा खेलते हैं।

अगर इस साल नवरात्रि के दौरान आप गुजरात जाने का प्लान बना रहे हैं तो अहमदाबाद के साथ ही हम यहां कुछ और शहरों के बारे में भी बता रहे हैं, जहां आप पारंपरिक गरबा को एंजॉय कर सकेंगे।
अहमदाबाद - गरबा का केंद्र
अहमदाबाद गुजरात का सबसे बड़ा शहर है। नवरात्रि में यूं तो पूरा गुजरात ही गरबा की धून पर झुमता है लेकिन गरबा का केंद्रीय शहर अहमदाबाद को माना जा सकता है। यहां हर एक गरबा स्पॉट पर हजारों युवक-युवतियां पूरे जोश के साथ नवरात्रि के 9 दिन गरबा खेलते हैं। सीधे शब्दों में कहा जा सकता है कि अहमदाबाद में बिना गरबा के नवरात्रि को अधुरा ही माना जाता है।
यहां बड़े पैमाने पर गरबा नाइट्स का आयोजन किया जाता है, जिसमें आधे से ज्यादा अहमदाबाद शामिल होता है। सिर्फ स्थानीय गुजराती ही नहीं बल्कि इन गरबा स्पॉट्स पर आपको बड़ी संख्या में देश और विदेशों से आने वाले पर्यटक भी दिखेंगे जो खासतौर पर नवरात्रि के इस जोश को अनुभव करने ही अहमदाबाद पहुंचते हैं।

वडोदरा - परंपरा के साथ राजशी शान
वडोदरा, जिसे बड़ौदा के नाम से भी जाना जाता है, गुजरात का एक और शानदार शहर है। इस शहर की सबसे बड़ी खासियत इसका इतिहास और समृद्ध संस्कृति रही है। वडोदरा के शाही महलों जैसे लक्ष्मी विलास पैलेस आदि में में बड़े से शानदार तरीके से नवरात्रि के समय गरबा नाइट्स का आयोजन किया जाता है।
अगर आप आधुनिक जेन Z वाले गरबा के बजाए गुजरात के सांस्कृतिक और पारंपरिक पहलु से रु-ब-रु होना चाहते हैं, तो वडोदरा में विभिन्न जगहों पर होने वाले गरबा में जरूर शामिल होइए।

सूरत - परंपरा में लगता है ग्लैमर का तड़का
सूरत को डायमंड सिटी के नाम से भी जाना जाता है। गुजरात का यह शहर नवरात्रि के समय कुछ ज्यादा ही चमकने लगता है। गुजरात की औद्योगिक राजधानी होने की वजह से यहां नवरात्रि का एक अलग ही क्रेज होता है। नवरात्रि के समय में सूरत की सड़कों को रोशनी से नहला दिया जाता है। चुंकि सूरत में कामकाज और बड़े-बड़े व्यापारिक कंपनियों के बड़ी संख्या में ऑफिस हैं, इसलिए इस शहर में युवाओं की संख्या भी ज्यादा होती है।
नौकरीपेशा युवा सूरत की नवरात्रि और यहां के गरबा नाइट्स में ग्लैमर का तड़का लगाते हैं। अगर आप मॉडर्न गुजरात को अनुभव करना चाहते हैं, तो सूरत की नवरात्रि को अनुभव करना तो बनता है।

राजकोट - घर-घर में दिखती है परंपरा
राजकोट हमेशा से ही महात्मा गांधी के आदर्शों को गले लगाता आया है। यहां आज भी हर घर में परंपरा और महात्मा गांधी के आदर्श ही दिखाई देते हैं जिसकी झलक नवरात्रि के त्योहार में भी दिखायी देती है। यहां गरबा को सिर्फ एक नृत्य शैली या एंजॉयमेंट नहीं बल्कि देवी दुर्गा की पूजा का तरीका मान कर ही किया जाता है। हर उम्र के लोग नवरात्रि के मौके पर होने वाली गरबा में हिस्सा लेते हैं। गरबा की धून पर परिवार के दूसरे सदस्यों, पास-पड़ोस वालों के साथ थिरकते हैं।

गांधीनगर - परिवार के साथ घूमने के लिए बेस्ट
गुजरात की राजधानी होने की वजह से नवरात्रि की धूम तो गांधीनगर में भी मचती है। परिवार के साथ नवरात्रि पर अगर गुजरात में घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो गांधीनगर बेस्ट जगह साबित हो सकती है। यहां कई अलग-अलग क्लब्स हैं, जो गरबा और डांडिया नाइट्स का आयोजन करते हैं। गांधीनगर में सबसे बड़े गरबा डांस का आयोजन सेक्टर 8 में होता है।



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