गुजरात के खेड़ा जिले का डकोर, जो रणछोड़ जी के मंदिर की वजह से दुनिया भर में प्रसिद्ध है। जिस तरह ब्रज भूमि, बरसाना, गोकुल और नंद गांव पर होली की धूम मचती है, ठीक उसी तर्ज पर डकोर के रणछोड़ जी मंदिर में भी होली को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित सफेद संगमरमर के इस मंदिर में रणछोड़ जी की काले पत्थर से बनी प्रतिमा स्थापित है, जो श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करता है। बताया जाता है कि इस मंदिर को महाराष्ट्रीयन मंदिरों की शैली में बनाया गया है। मंदिर में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न घटनाओं को उकेरा गया है।
अगर इस साल होली पर आप भी डकोर के रणछोड़ जी मंदिर में जाने के बारे में सोच रहे हैं, तो ध्यान दें। हर साल यहां होली पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गयी है।इस बाबत Desh Gujarat की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 9 से 15 मार्च तक होली को लेकर विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी डकोर में जारी रहेगी। इस दौरान कई ऐसे रास्ते होंगे, जहां किसी भी तरह के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगी होगी। इसके साथ ही वैकल्पिक रास्ते भी बताए गये हैं।
कौन से रास्तों पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद -
- रस्का पोता कैनल (अहमदाबाद रोड) से माहेमदवड, खटराज, महुआ चौकड़ी, अलीना चौकड़ी, गयो ना वडा, डकोर और महुधा टी-प्वाएंट डकोर।
- खेडा चौकड़ी से खटराज चौकड़ी।
- नदियाड कम्शा चौकड़ी से खटराज चौकड़ी होकर महेम्दवज और अहमदाबाद।
- नदियाड से डकोर रोड (सालुन होकर) होकर डकोर तक (सभी प्रकार के भारी वाहन)।
- नदियाड बिलोद्रा जेल चौकड़ी से महुधा, कठलाल कपडवंज (सभी प्रकार के भारी वाहन)।
- कठलाल चौकड़ी से महुधा चौकड़ी होकर नदियाड और महेम्दावड (भारी वाहनों के लिए)।
- लडवेल चौकड़ी से डकोर (भारी वाहनों के लिए)।
- अहमदाबाद-इंदौर हाईवे (कठलाल सीतापुर पटीया से महिसा और अलीना चौकड़ी तक सभी भारी वाहनों के लिए पाबंदी)।
- सेवालिया से डकोर (सभी भारी वाहनों के लिए पाबंदी)।
- अमबव रेलवे क्रॉसिंग से गलतेश्वर ब्रिज होकर सावली (रास्ते के दोनों तरफ पर पाबंदी)।
क्या होंगे वैकल्पिक रास्ते -
- रस्का पोता हाट डायवर्जन से हीरापुरा चौकड़ी।
- महुधा टी-प्वाएंट डकोर से लडवेल चौकड़ी।
- नदियाड मिल रोड, दभन चौकड़ी या एक्सप्रेसवे।
- नदियाड चकल्सी भगोल डायवर्जन से कॉलेज रोड और हाईवे नंबर 8।
- दभन हाईवे या एक्सप्रेसवे।
- लडवेल चौकड़ी डायवर्जन से फग्वेल।
बता दें, हर साल होली के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु रणछोड़ जी मंदिर में आयोजित होने वाले इस वार्षिक उत्सव में हिस्सा लेने के लिए गाड़ियों से और पैदल डकोर पहुंचते हैं। इसलिए प्रशासन की तरफ से सभी श्रद्धालुओं औऱ वाहन चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करते हुए निर्धारित किये गये वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें।
क्या होगा रणछोड़ जी मंदिर में दर्शन का शेड्यूल?
13 मार्च को रणछोड़ जी मंदिर में सुबह 5 बजे मंगलारती होगी, जबकि 14 मार्च को अहले सुबह 4 बजे आरती की जाएगी।
होलिका दहन के दिन मंदिर की Timing (13 मार्च)
- मंदिर के कपाट खुलेंगे - सुबह 4.45 बजे
- मंगल आरती - सुबह 5 बजे
- दर्शन - सुबह 5 से 7 बजे तक
- भोग - सुबह 7.30 से 8 बजे तक (दर्शन बंद)
- श्रृंगार आरती - सुबह 8 बजे (दर्शन शुरू)
- राजभोग - दोपहर 1.30 से 2 बजे तक (दर्शन बंद)
- राजभोग आरती - दोपहर 2 बजे (दर्शन शुरू)
- भगवान के आराम का समय - शाम 5.30 से 6 बजे तक (दर्शन बंद)
- उत्थापन आरती - शाम 6 बजे (दर्शन शुरू)
- भगवान को आराम - रात 8 से 8.15 बजे तक (दर्शन बंद)
- शयन आरती - रात 8.15 बजे (दर्शन शुरू)
इसके बाद शखदी भोग भगवान को अर्पित की जाएगी, जिसके बाद भगवान शयन के लिए जाएंगे। इस समय दर्शन बंद रहेगा।
फागनी पूनम (14 मार्च)
- मंदिर खुलेगा - सुबह 3.45 बजे
- मंगल आरती - सुबह 4 बजे
- दर्शन शुरू - सुबह 4 से 8.30 बजे तक
- भोग अर्पित - 8.30 से 9 बजे तक (दर्शन बंद)
- श्रृंगार आरती - 9 बजे
- बाल गोपाल महाराज के साथ फुलों की होली - सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक (दर्शन जारी)
- राजभोग के लिए मंदिर बंद - 2 से 3 बजे तक
- राजभोग आरती - दोपहर 3.30 बजे (दर्शन शुरू)
- शाम को 4.30 से 5.15 बजे तक भगवान को आराम (दर्शन बंद)
- उत्थापन आरती - शाम 5.15 बजे (दर्शन शुरू)
इसके बाद नित्य कार्यक्रमानुसार सभी क्रियाकलाप, आरती, भोग व भगवान को शयन दिया जाएगा।



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