अहमदाबाद की रहने वाली मीरा बेन और मनसुख भाई पटेल को भारत-पाक बॉर्डर पर होने वाली BSF की बिटिंग रिट्रिट देखने की इच्छा लंबे समय से है। कुछ समय पहले अमृतसर जाने का प्लान भी बना था लेकिन मनसुख भाई पटेल की मां की तबीयत अचानक खराब हो जाने की वजह से वो नहीं जा सकें। उसके बाद बच्चों के स्कूल खुल जाने की वजह से लंबी छुट्टियों पर जाने का प्लान तो दोनों ने बनाना ही छोड़ दिया और...
मन मारकर फिर से रोजमर्रा के कामों, व्यापार के हिसाब-किताब में लग गये। आप भी सोच रहे होंगे कि हम अचानक गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले इस व्यवसायी जोड़ी और उसके परिवार की कहानी लेकर क्यों बैठ गये...। दरअसल, यह कहानी किसी एक कपल की नहीं बल्कि ऐसे कई लोग हैं जो गुजरात के विभिन्न शहरों में रहते हैं और अमृतसर के वाघा बॉर्डर की बिटिंग रिट्रिट परेड देखने जाना चाहते हैं।
लेकिन काम की दौड़-भाग के बीच ऐसा करना संभव नहीं हो पाता है। तो अफसोस न करके गाड़ी निकाले या फिर बुक किजीए और निकल पड़े 'नाडा बेट' के लिए।
क्या है 'नाडा बेट'
अहमदाबाद से लगभग 267 किमी की दूरी पर मौजूद 'नाडा बेट' भारत-पाकिस्तान का बॉर्डर है, जो कच्छ के रण क्षेत्र का हिस्सा है। साल 2022 में गृहमंत्री अमित शाह ने 'गुजरात के वाघा' के नाम से लोकप्रिय इस व्यूइंग प्वाएंट का उद्घाटन किया था। इस व्यूइंग प्वाएंट को भारत सरकार की सीमा दर्शन परियोजना के तहत बनाया गया था।
इस परियोजना में पर्यटकों को भारत-पाक की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को देखने का मौका मिलता है। गुजरात के बनसकंठा जिले में स्थित इस सीमा की निगरानी BSF (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) करती है।
क्या होता है 'नाडा बेट' पर
'नाडा बेट' पर स्थित ओपन-एयर ऑडिटोरियम में सप्ताह के 6 दिन परेड आयोजित किया जाता है, जो बॉर्डर से मात्र 30 किमी की दूरी पर मौजूद है। पर्यटक इस स्थान पर सिर्फ परेड ही नहीं बल्कि और भी कई तरह की गतिविधियां जैसे राइफेल शूटिंग, रॉक क्लाइंबिंग, जिपलाइन व अन्य गतिविधियों का आनंद भी उठा सकते हैं। इसके अलावा यहां एक गैलरी और एक म्यूजियम भी है, जहां MIG-27 विमान, टैंक, बंदूक और युद्ध से जुड़े दूसरे हथियारों को प्रदर्शित किया गया है।
'नाडा बेट' पर ऊंटों के लिए एक श्रद्धांजलि प्रस्तुत करते हुए ऊंट शो का आयोजन किया जाता है। इस पूरी जगह की देखरेख की जिम्मेदारी एक निजी टूरिज्म कंपनी को सौंपी गयी है, जो रन ऑफ कच्छ उत्सव से लेकर माघ मेला के दौरान प्रयागराज को टेंट सिटी में भी परिवर्तित कर देती है। 'नाडा बेट' से जीरो प्वाएंट पर भी घूमने जा सकते हैं, जहां से कच्छ के रण का पाकिस्तान समेत पूरा नजारा दिखाई देता है।
जीरो प्वाएंट एक हाई वॉचटावर है। इस वॉचटावर तक पहुंचने के लिए 'नाडा बेट' से बस सेवा उपलब्ध है। वहां निजी गाड़ियां नहीं जा सकती है। 'नाडा बेट' में पर्यटकों को T-Junction तक जाने की ही अनुमति होती है, जो बॉर्डर से 25 किमी दूर है। अगर कोई पर्यटक भारत-पाक बॉर्डर को नजदीक से देखना चाहता है तो उसे विशेष अनुमति लेने की जरूरत होगी।
क्यों इतना खास है 'नाडा बेट'
'नाडा बेट' ने वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। इस स्थान का इस्तेमाल BSF के जवानों द्वारा उस समय किया गया था जब दुश्मनों ने हमारे देश में घुसपैठ करने की कोशिश की थी। इस युद्ध में BSF के जवानों ने पाकिस्तान की 1,038 वर्ग किमी क्षेत्र पर भी अपना कब्जा जमा लिया था। हालांकि बाद में शिमला समझौता के दौरान पाकिस्तान को वह जमीन वापस दे दी गयी।
क्या है Timing और कितना है एंट्री शुल्क
'नाडा बेट' मंगलवार से रविवार तक खुला रहता है। पर्यटक यहां सुबह 9 बजे से शाम को 7 बजे तक घूमने आ सकते हैं। सोमवार को इस जगह को मेंटेनेंस संबंधित कार्यों के लिए बंद रखा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार वयस्कों के लिए यहां एंट्री शुल्क ₹100 और 2 साल से कम आयु के बच्चों का एंट्री शुल्क ₹50 है। अगर आप किसी अतिरिक्त राइड अथवा एडवेंचर एक्टिविटी में शामिल होते हैं, तो आपको उसके लिए अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ेगा। 'नाडा बेट' में पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
कितना दूर है 'नाडा बेट'
- सुईगाम - 20 किमी
- वाव - 48 किमी
- राधांपुर - 69 किमी
- भिलडी - 121 किमी
- दीसा - 142 किमी
- पालनपुर - 169 किमी
- मेहसाणा - 187 किमी
- गांधीनगर - 246 किमी
- अहमदाबाद - 267 किमी
नजदीकी रेलवे स्टेशन
भिलडी, दीसा, पालनपुर
नजदीकी एयरपोर्ट
अहमदाबाद। अहमदाबाद एयरपोर्ट से 'नाडा बेट' तक की 203 किमी की दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में लगभग 5 घंटों का समय लगता है।



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