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गुजरात पर्यटन: घूमे राष्ट्रपिता का जन्मस्थान और जाने उनसे जुडी दिलचस्प बातें

Written By: Goldi

पोरबन्दर गुजरात का एक प्रसिद्ध शहर है,कटिहार के तट पर स्थित यह शहर आमतौर पर गांधी जी के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। साथ ही ये भी कहा जाता है। पोरबन्दर को सुदामापुरी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह स्थान कृष्ण के मित्र सुदामा का जन्म स्थान है।

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पोरबंदर अब एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुका है, इस शहर को देखने और गाँधी जी के जीवन से जुड़े तथ्यों के बारे में जानने के लिए हर साल हजारों की तादाद में पर्यटक पहुंचते हैं। पोरबंदर में पर्यटकों के लिए ऐतहासिक जगहों के साथ साथ कई धर्मिक जगहें मौजूद हैं। आइये जानते हैं कि, पोरबंदर की यात्रा के दौरान आप यहां क्या क्या देख सकते हैं।

कीर्ति मंदिर

कीर्ति मंदिर

कीर्ति मंदिर पोरबन्दर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस मंदिर का निर्माण महात्मा गाँधी के सम्मान में बनाया गया है। यह मंदिर उस जगह के पास स्थित है जहाँ महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था। इस मंदिर के पीछे नवी खादी है जहाँ गाँधीजी की पत्नी कस्तूरबा गाँधी का जन्म हुआ था। इस जगह को अब महात्मा के जीवन पर आधारित एक संग्रह स्थल के रूप में बदल दिया गया है जिसमें गांधी जी की कुछ दिलचस्प तस्वीरें, उनकी कुछ दुर्लभ चीजें एवं गांधीवादी दर्शन और अभ्यास के संग्रह के साथ एक सुंदर पुस्तकालय को भी शामिल किया गया है।PC:Akkida

हुज़ूर महल

हुज़ूर महल

पोरबन्दर स्थित हुजुर महल का निर्माण नटवर शाह ने कराया था।हुज़ूर महल की छत लकड़ी की है और छत पर रेलिंग लगी है। अरब सागर को देखते हुज़ूर महल में कई घुमावदार हिस्से हैं और इसकी रचना आधुनिक शैली में की गई है।PC: Jethwarp

सुदामा मंदिर

सुदामा मंदिर

पोरबन्दर में स्थित सुदामा मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। इस मंदिर का निर्माण सुदामा को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया है। यहां हर साल भक्त हजारो की तादाद में पहुंचते हैं।

बाड़दा हिल्स वन्यजीव अभयारण्य

बाड़दा हिल्स वन्यजीव अभयारण्य

यह आकृषक वन्यजीव अभ्ययारण्य दो जिलों पोरबंदर और जामनगर के अंतर्गत आता है। हालांकि, अभयारण्य पोरबंदर से केवल 15 किलोमीटर की दूरी पर है, इसलिए यह जामनगर के मुकाबले पोरबन्दर के ज्यादा नजदीक पड़ता है। यह इलाका जोकि एक आरक्षित वन क्षेत्र है और इसे वर्ष 1979 में एक अभयारण्य का दर्जा प्रदान किया गया था। यह पहाड़ी इलाकों, समतल मैदानों वाली भूमि और हरे जंगलों एवं कृषि क्षेत्रों से घिरी आकर्षक जल स्रोतों से भरा एक बेहद खूबसूरत स्थल है। सैलानी यहां लुप्तप्राय पशु पक्षी एवं सरीसृपों के साथ-साथ इस अभ्यारण्य में भेड़िया, तेंदुआ, रैटल, मगरमच्छ, गिरगिट, विषैला सांप, कलगी बाज़, ईगल और स्पाटेड ईगल आदि को देख सकते हैं।

कैसे जायें

कैसे जायें

वायुयान द्वारा
पोरबंदर में भारत का हवाई अड्डा प्राधिकरण द्वारा निर्मित एक नया टर्मिनल भवन है..यहां से देश के सभी शहरों के लिए फ्लाइट्स मौजूद हैं।

ट्रेन द्वारा
पोरबन्दर के का अपना रेलवे स्टेशन है..जोकि देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग से
पोरबंदर शहर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 बी के माध्यम से राजकोट और अहमदाबाद से जुड़ा है और उत्तर में द्वारका और जामनगर के शहरों और एनएच 8 ई एक्स्ट के माध्यम से दक्षिण में भावनगर और वर्वल से जुड़ा हुआ है।PC: Wmpearl

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