आगरा का नाम आते ही हमारे दिल और दिमाग में एक दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल का चित्रण होने लगता है। लेकिन इसके अलावा भी आगरा में बहुत कुछ है, जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। उनमें से ही एक है यहां का सिख्खों का धार्मिक स्थल.., जिसे गुरुद्वारा 'गुरु का ताल' कहा जाता है। मुगल शैली में बना यह गुरुद्वारा एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है।
इस पवित्र स्थान को लेकर कहा जाता है कि इसी स्थान पर सिक्ख धर्म के नौवें गुरु 'तेग बहादुर जी' ने अपने आप मुगलों के हवाले किया था और यहां के सरोवर में ही अपने बाजुओं को रखा था। इसीलिए गुरुद्वारे के सरोवर के पानी को भी काफी पवित्र माना जाता है। ऐसे में अगर आप भी आगरा घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आप इस गुरुद्वारे में जा सकते हैं, यह स्थान काफी शांतिप्रिय स्थानों में से एक है।

'गुरु का ताल' का आकर्षण
बाकी गुरुद्वारे की तरह यहां भी एक सरोवर है, जिसे धर्म की नजरों से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि यह वही जलाशय है, जहां गुरु तेग बहादुर ने अपने बाजुओं को रखा था और खुद को मुगल शासक औरंगजेब के हवाले कर दिया था। इस सरोवर में पहले 12 नक्काशीदार मीनारें देखने को मिलती है, जो अब महज 8 बची है। मुगल शैली में बना यह गुरुद्वारा सिक्खों के लिए काफी मायने रखता है। इसके निर्माण लाल पत्थर का भी इस्तेमाल किया गया था, यही कारण है कि यह आगरा किला व फतेहपुर सीकरी से मिलता जुलता दिखाई देता है।
'गुरु का ताल' कब बना?
गुरु का ताल एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा माना जाता है, जिसे एक संत बाबा साधू सिंह जी मुनी के नेतृत्व में 1970 ईस्वी में बनवाया गया था, जिसमें सिक्ख समुदाय ने काफी योगदान दिया था।

आगरा में घूमने की जगहें
1. ताजमहल
2. आगरा का किला
4. बेबी ताज
5. अंगुरी बाग
6. जामा मस्जिद
आगरा की प्रसिद्ध मिठाई
1. आगरा का पेठा
अपनी यात्रा को और भी दिलचस्प व रोचक बनाने के लिए हमारे Facebook और Instagram से जुड़े...



Click it and Unblock the Notifications













