Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »'अनादि काल' से है पटना का महावीर मंदिर - हाई कोर्ट ने भी था माना, क्यों हैं मंदिर में युग्म मूर्तियां!

'अनादि काल' से है पटना का महावीर मंदिर - हाई कोर्ट ने भी था माना, क्यों हैं मंदिर में युग्म मूर्तियां!

देश के सबसे प्राचीन मंदिरों में पटना के महावीर मंदिर की गिनती होती है। कोई भी पर्व-त्योहार हो या कोई भी खास मौका, महावीर मंदिर में भक्तों की भीड़ जरूर उमड़ती है। इस मंदिर के बारे में तो यहां तक कहा जाता है कि अयोध्या के हनुमानगढ़ी के बाद अगर किसी हनुमान मंदिर में सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ होती है तो वह है पटना का महावीर मंदिर।

इस मंदिर की स्थापना कब और किसने की, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी तो उपलब्ध नहीं है लेकिन पटना हाई कोर्ट के एक बयान ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया था कि यह मंदिर नया नहीं बल्कि सैंकड़ों साल पुराना जरूर है। इस मंदिर में पवनपुत्र हनुमान की एक नहीं बल्कि दो-दो मूर्तियां स्थापित हैं।

mahavir temple patna

क्या आप बता सकते हैं, ऐसा क्यों? क्या आप यह जानते हैं कि पटना हाई कोर्ट ने इस मंदिर के बारे में क्या कहा था?

कब हुई थी महावीर मंदिर की स्थापना?

पटना का महावीर मंदिर कब और किसने स्थापित किया, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन इतना जरूर स्पष्ट है कि इस मंदिर की स्थापना सैंकड़ों साल पहले की गयी थी। मिली जानकारी के अनुसार 1730 के आसपास स्वामी बालानंद ने इस मंदिर की स्थापना की थी। कहा जाता है कि वर्ष 1900 तक यह मंदिर रामानंद संप्रदाय के अधीन था। इसके बाद वर्ष 1948 तक यह मंदिर पर गोसाईं सन्यासियों अधीन था।

mahavir temple patna history

1948 में पटना हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान अपने फैसले में महावीर मंदिर को एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "महावीर मंदिर अनादि काल से मौजूद है।" इस बात का उल्लेख महावीर मंदिर के आधिकारिक वेबसाइट पर भी मिलता है। इसके बाद वर्ष 1983 से 1985 के बीच आचार्य किशोर कुणाल और उनके शिष्यों के योगदान से मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू हुआ और मंदिर को वर्तमान स्वरूप मिला।

क्यों है हनुमान की युग्म मूर्तियां?

महावीर मंदिर में हनुमान जी की एक नहीं बल्कि दो मूर्तियां स्थापित हैं। एक ही गर्भगृह में एक ही भगवान की साथ में दो मूर्तियों का स्थापित होना भक्तों में थोड़ा अचरज जरूर पैदा करता है। लेकिन ये दोनों मूर्तियां महाभारत में श्रीकृष्ण द्वारा कही गयी एक पंक्ति 'परित्राणाय साधुनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्' को साबित करती हैं।

दोनों मूर्तियों में एक मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि वह 'परित्राणाय साधुनाम्' है यानी अच्छे लोगों को बचाने के लिए है। वहीं हनुमान जी की दूसरी मूर्ति 'विनाशाय च दुष्कृताम्' यानी दुष्टों का विनाश करने वाली है।

crowd in hanuman temple patna bihar

पहनाया गया 12 लाख का मुकुट और हार

पटना के महावीर मंदिर में हनुमान जी की दोनों मूर्तियों को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन 12 लाख रुपए से अधिक कीमत का मुकुट और हार पहनाया गया है। मीडिया से हुई बातचीत में महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि भारत की संस्था मेटल्स एंड मिनरल्स ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से शुद्ध सोना खरीदकर उसे चेन्नई की एजेंसी से जड़ाऊ मुकुट और हार बनवाया गया है।

24 कैरेट की शुद्धता वाले 160 ग्राम सोने से ये मुकुट और हार बनाएं गये हैं। सोने की कीमत 10.99 लाख रूपए बतायी जाती है। इससे मुकुट और हार बनाने में 1.24 लाख रुपए का खर्च आया है और इसमें लगे हीरे व अन्य कीमती पत्थरों की कीमत को जोड़कर मुकुट और हार की कुल कीमत 12.23 लाख रूपए बतायी जाती है।

mukut mahavir temple patna

लड्डु खाने से ठीक होती है कैंसर जैसी बीमारियां

महावीर मंदिर, पटना में भी आंध्र प्रदेश के बालाजी मंदिर की तरह ही भगवान को लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। महावीर मंदिर में हर दिन हनुमान जी को घी से बने लड्डुओं का भोग लगाया जाता है जिसे नैवैद्यम कहते हैं। बताया जाता है कि हर दिन लगभग 25,000 लड्डुओं (नैवैद्यम) की बिक्री होती है। इन लड्डुओं से जो भी आय होती है उसे महावीर कैंसर संस्थान आर्थीक रूप से कमजोर मरीजों के इलाज पर खर्च करती है।

कहा जाता है कि इस मंदिर में मिलने वाले लड्डु इतने अधिक सिद्ध और दैवीय गुणों वाले हैं, कि इन्हें खाने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी भी ठीक हो जाती है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन (9 अप्रैल) महावीर मंदिर में लगभग 10 हजार किले नैवैद्यम बनाया जा रहा है।

naivaidyam mahavir temple bihar patna

बताया जाता है कि राम नवमी को लेकर भी महावीर मंदिर में खास तैयारियां चल रही हैं। राम नवमी वाले दिन महावीर मंदिर के पट अहले सुबह 2 बजे ही खुल जाएंगे। इस दिन भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ने की संभावना है। इसलिए भीड़ नियंत्रित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किये जा रहे हैं। बताया जाता है कि राम नवमी के दिन 20 हजार किले नैवैद्यम तैयार करने की योजना बनायी गयी है।

इसके साथ ही अपने पूज्य रामलला के जन्मोत्सव की खुशी में महावीर मंदिर पर भी फूलों की बारिश करवाने की योजना मंदिर प्रशासन की ओर से बनायी गयी है। गौरतलब है कि पटना के महावीर स्थल न्यास समिति (महावीर मंदिर न्यास) की तरफ से ही बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में कथवलिया में विराट रामायण मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है, जो पूरी तरह से तैयार हो जाने के बाद विश्व का सबसे विशाल हिंदु मंदिर होगा।

More News

Read more about: bihar patna temple
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+