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इस रेलवे स्टेशन पर इन्सान नहीं भूत करते हैं वास

Written By: Goldi

आपने अब तक भारत की भूतिया जगहों के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी भारत के भूतिया रेलवे स्टेशन के बारे में सुना है? जरा सोचिये कि,आप रेलवे स्टेशन पर खड़े कि, तभी आपको किसी का एहसास होता है,आपका दिल बैचेनी से भर जाता है..कि तभी आप देखते हैं कि,आपके सामने कोई खड़ा हुआ है। उसके बाद जो होता उसकी आप भली भांति कल्पना कर सकते हैं।

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भारत ही नहीं दुनिया भर में कई ऐसे रेलवे स्टेशन हैं,जो भूतिया हैं.. जिनके बारे में यह माना जाता है कि वहां आत्माएं भटकती है। कुछ स्टेशन तो ऐसे हैं जिन्हें भूतों के डर से बंद भी कर दिया गया। आज हम उन्हीं भूतिया रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां अकेले जाने से इंसान की रूह कांपने लगती है।

बड़ोग स्टेशन,शिमला

बड़ोग स्टेशन,शिमला

शिमला का बड़ोग स्टेशन काफी भुतहा है.. लोगो की माने तो इस जगह इंजीनियर की आत्मा का वास है...ब्रिटिश काल में कर्नल बरोग नाम का ब्रिटिश इंजीनियर था, जिसे इस टनल बनाने की जिम्मेदारी दी गई।कहा जाता है कि यहां एक इंजीनियर ने अन्य कर्मचारियों के सामने अपमानित होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। इंजीनियर इस बात को लेकर बेहद परेशान हो गया और एक दिन अपने कुत्ते को लेकर सुबह टहलने निकला और खुद को गोली मार ली। बरोग को अर्द्धनिर्मित टनल के सामने ही दफना दिया गया । स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि रात को टनल के अंदर से किसी के करहाने की आवाज़ें आती हैं।PC: Unknown

बेगुनकोडोर रेलवे स्टेशन, पश्चिम बंगाल

बेगुनकोडोर रेलवे स्टेशन, पश्चिम बंगाल

यह रेलवे स्टेशन इतना ज्यादा डरावना है कि, इसे वर्ष 1967 के बाद से ही इसे बंद रखा गया है। आप भूत के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि पिछले 42 साल से इसे खोला नहीं गया है।1967 में एक रेलवे कर्मचारी ने पुरलिया इलाके में रेलवे लाइन के पास सफेद साड़ी पहने एक महिला का भूत देखने का दावा किया। कुछ दिन बाद उस कर्मचारी की किन्हीं कारणों से मौत हो गई। अफवाह फैली कि यह भूत उस महिला का है, जिसकी मौत एक एक्सीडेंट में हुई थी। अफवाह फैलने लगी और लोगों ने किस्से बनाने शुरू कर दिए। ये कहानियां इतनी तेजी से फैलीं कि रेलवे कर्मचारी तक डरने लगे और उन्होंने यहां काम करने से ही इनकार कर दिया। कर्मचारी यहां पोस्टिंग कराने से भी डरने लगे। जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया..

एमजी रोड मेट्रो स्टेशन , गुड़गांव

एमजी रोड मेट्रो स्टेशन , गुड़गांव

गुड़गांव के एमजी रोड मेट्रो स्टेशन को भी भुतहा मेट्रो स्टेशन माना जाता है. लोग कहते हैं कि यहां एक दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई थी, तभी से उसकी आत्मा यहां भटकती रहती है। कहते हैं की यह मेट्रो ट्रेन के शीशे में से अपनी आंखों और जीभ निकाल कर लोगों को डराती है।

रवींद्र सरोबर मेट्रो स्टेशन , कोलकाता

रवींद्र सरोबर मेट्रो स्टेशन , कोलकाता

कोलकाता का रवींद्र सरोबर मेट्रो स्टेशन भी भुतहा स्टेशनों में एक है। कहते हैं कि यहां के ट्रैक पर कूद कर आत्महत्या करने वालों की आत्मायों का यहां वास है। रात 10:30 बजे यहां से आखिर मेट्रो गुजरती है।उस समय कई मुसाफिर और मेट्रो के ड्राइवरों ने भी इस चीज का अनुभव किया है कि मेट्रो ट्रैक के बीच अचानक कोई धुंधला साया प्रकट होता है और पल में ही गायब हो जाता है।

द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन , दिल्ली

द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन , दिल्ली

द्वारका दिल्ली का प्रसिद्ध मेट्रो स्टेशन है...लेकिन लोगो की माने तो यहां एक लड़की की आत्मा का वास है, लोगों का कहना है कि यहां एक सफेद साड़ी में भूतनी अक्सर दिखती है।कभी-कभी तो यह भूतनी कारों का पीछा भी करती है। उनके दरवाज़े खटखटाती है और बात न सुनने पर थप्पड़ तक मार देती है। देर रात सफ़र करने वाले राहगीरों के लिए यह आफत है।

लुधियाना रेलवे स्टेशन

लुधियाना रेलवे स्टेशन

इस स्टेशन की एक अनोखी कहानी है,यह स्टेशन अन्य स्टेशन की तरह भूतिया नहीं है। आरक्षण केन्द्र के एक कोने में छोटा सा कमरा है, जिसमें कभी कम्प्युटर आरक्षण प्रणाली (सीआरएस) के अधिकारी सुभाष नौकरी करते थे। उनको अपनी नौकरी से बहुत लगाव था। एक दिन इसी छोटे कमरे में सुभाष का देहान्त हो गया। लोगो का मानना है कि,इस कमरे के आसपास से गुजरने पर सुभाष की आत्मा पीठ पर चिकोटी काटती है। लोग कहते हैं कि सुभाष को अपनी नौकरी से प्रेम था, इसलिए उनकी आत्मा नहीं चाहती कि उनकी कुर्सी पर कोई और बैठे। यही वजह है कि वह बिना छुट्टी लिए रोज काम पर आ जाते हैं। इस कमरे को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।