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मुंबई से निटकवर्ती शहर कोलाड की यात्रा

Written By: Namrata Shatsri

उत्तराखंड में ऋषिकेष, लद्दाख में जम्‍मू-कश्‍मीर और कर्नाटक के लिए कुर्ग जैसा है महाराष्‍ट्र में स्थित कोलाड। ये जगह महाराष्‍ट्र में व्‍हाइट वॉटर रिवर राफ्टिंग के लिए मशहूर है। यहां पर कई खूबसूरत झरने हैं। इसके अलावा कोलाड में कई एडवेंचर एक्‍टिविटीज़ भी की जा सकती हैं। कोलाड, महाराष्‍ट्र के रायगढ़ जिले में पश्चिमी घाट पर स्थित है।

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कोलाड में ट्रैकिंग का मज़ा कुछ और ही है। यहां पर अलग-अलग ट्रेल्‍स पर ट्रैकिंग का रास्‍ता मुश्किल होता जाता है और इनका स्‍तर भी एक-दसूरे से काफी अलग है। मॉनसून के दौरान यहां ट्रैकिंग करने का एक अलग ही मज़ा है। ट्रैकिंग के दौरान आप हरियाली में लिपटी इस जगह की खूबसूरती को देख सकते हैं।

कोलाड कैसे पहुंचे

कोलाड कैसे पहुंचे

रेल मार्ग द्वारा : मुख्‍य रेलवे स्‍टेशन कोलाड़े स्‍टेशन है जोकि देश के प्रमुख शहरों और राज्‍यों से अच्‍छी तरह से जुड़ा हुआ है। ये स्‍टेशन कोंकण रेलवे लाइन का पहला स्‍टेशन है।

सड़क मार्ग : कोलाड पहुंचने का सबसे बढिया साधन सड़क मार्ग है। कोलाड़ के लिए प्रमुख शहरों से नियमित बसे चलती हैं। पहले से बुकिंग करवार आप बस में अपनी पसंद की सीट पा सकते हैं।

कोलाड़ आने का बेहतर समय : सालभर में कभी भी कोलाड आया जा सकता है।

 कोलाड का रूट मैप

कोलाड का रूट मैप

मुंबई से कोलाड की दूरी लगभग 105 किमी है। इस सफर पर तीन रूटों से जा सकते हैं जोकि इस प्रकार हैं :

पहला रूट : मुंबई - नवी मुम्बई - रसायनी - दुरशेत - पाली - बैंगलोर-मुंबई राजमार्ग और एसएच 92 से कोलाड

दूसरा रूट : मुंबई - पूर्वी चेंबूर - बोरी - पेन - नागोथाने - सुकेली - एनएच 66 के माध्यम से कोलाड

पहले रूट से बैंगलोर-मुंबई हाईवे और एसएच 2 से जाने पर कोलाड पहुंचने में लगभग 3 घंटे का समय लगेगा। इस रूट पर आप कई प्रसिद्ध शहर जैसे नवी मुंबई, दुरशेत आदि भी देख सकते हैं।

इस सफर की सड़के पूरी तरह से व्‍यवस्थि‍त हैं इसलिए 122 किमी का रास्‍ता आसानी से तय हो जाएगा।

दूसरे रूट से एनएच 66 से मुंबई से कोलाड की दूरी 112 किमी है। इस दूरी को तय करने में लगभग 4 घंटे का समय लग सकता है।

रास्‍ते में दुरशेत में रूक सकते हैं

रास्‍ते में दुरशेत में रूक सकते हैं

पहले से रूट से जाने पर आप मुंबई के ट्रैफिक में फंस सकते हैं इसलिए सुबह जल्‍दी निकलने की कोशिश करें ताकि आसानी से हाईवे तक पहुंच सकें। हाईवे पर नाश्‍ते के लिए कई सारे विकल्‍प मिल जाएंगें।

पश्चिमी घाट में अंबा नदी के तट पर खोपोली के पास स्थित दुरशेत में प्रकृति से जुडे कई प्रीमियर एपिसोड़ की शूटिंग हो चुकी है। नैट जियो और डिस्‍कवरी के भारतीय जगहों पर शूट करने पर दुरशेत को ही चुना जाता है। इस जगह पर सागौर के पेड़ों की भरमार है। पत्तों से भरे इसके जंगली क्षेत्र में ड्रैगनफ्लाई, झरने, नदियां और मंदर आदि दिखते हैं।

दुरशेत

दुरशेत

बई और पुणे से काफी नज़दीक होने के कारण मुंबई और पुणे वासियों के लिए वीकएंड पर घूमने के लिए ये जगह बैस्‍ट है। ये गांव दो गणेश मंदिरों पाली और महाद के बीच है और ये खोपोली गांव के पास है।

ये जगह ऐ‍तिहासिक महत्‍व भी रखता है क्‍योंकि यहां पर 1600 शताब्‍दी में उंबरखिंद के लिए शिवाजी और करतलब खान के बीच युद्ध हुआ था। दुरशेत से कुछ किलोमीटर ही दूर दो पहाड़ी किले सरसगढ़ और सुधागढ़ हैं। इन दोनों ही पहाड़ी किलों को शिवाजी के शासन में बनवाया गया था। ऐतिहासिक महत्‍व के अलावा ये जगह ट्रैकर्स और एडवेंचर प्रेमियों को भी बहुत पसंद है।

कोलाड

कोलाड

एडवेंचर प्रेमियों के लिए कोलाड़ में बहुत कुछ है। 14 कमी लंबी कुंडालिका नदी में एक से डेढ़ घंटे तक व्‍हाइट रिवर राफ्टिंग का मज़ा लिया जा सकता है।

मॉनसून के दौरान मौसम में बदलाव के कारण यहां एडवेंचर स्‍पोर्ट का मज़ा और भी ज्‍यादा बढ़ जाता है।

तमहिनी झरना

तमहिनी झरना

तमहिनी झरने को वाल्‍से के नाम से भी जाना जाता है। ये झरना कोलाड़ का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। इस जगह से घाटी का खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है। यहां आकर आप खुद को प्रकृति के बेहद करीब महसूस करेंगें।

भीरा बांध

भीरा बांध

भीरा बांध को टाटा पावरहाउस बांध के नाम से भी जाना जाता है। इसे टाटा ग्रुप द्वारा 1927 में बनवाया गया था। इस बांध से मुंबई और पुणे के कई उद्यागों के लिए बिजली उत्‍पादन और सिंचाई का कार्य किया जाता है।

इस बांध से कुंडालिका नदी में पानी छोड़ा जाता है और इसी जवह से रिवर राफ्टिंग यहां संभव हो पाती है।

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