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महाराष्ट्र के अतीत को कुछ यूं बयां करता है औरंगाबाद

भारत की भौगोलिक विविधता को प्रदर्शित करते यहां के शहर अपनी अलग-अलग खासियतों के लिए प्रसिद्ध हैं। कुछ शहर अपने बर्फीले पहाड़ों, नदी घाटियों तो कुछ मानव निर्मित स्मारकों, इमारतों, किलों आदि के लिए जाने जाते हैं। हिमालय के अंतर्गत आने वाले राज्य शुरू से ही अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए लोकप्रिय रहे हैं। जबकी मध्य और पश्चिमी भारत अपनी मानवीय कलाओं से विश्व को आश्चर्यचकित करते आए हैं।

जिस तरह आगरा अपने ऐतिहासिक ताजमहल के लिए जाना जाता है उसी तहर महाराष्ट्र का औरंगाबाद भी अपनी प्राचीन अजंता-एलोरा की गुफाओं के लिए जाना जाता है। महाराष्ट्र की पहाड़ियों के बीच स्थित, औरंगाबाद किसी चमत्कार से कम नहीं है। अगर आप इतिहास में रूची रखते हैं तो आपको एक बार औरंगाबाद जरूर आना चाहिए। जानिए अजंता-एलोरा की गुफाओं के अलावा यहां के अन्य आकर्षणों के बारे में।

 देवगिरी फोर्ट

देवगिरी फोर्ट

PC- Abhijit R. Padhye

औरंगाबाद के अन्य लोकप्रिय स्थलों में आप ऐतिहासिक देवगिरी फोर्ट की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह किला शहर के दौलत गांव में स्थित है। इस किले की संरचना और इसका अतीत सैलानियों को इसके करीब जाने पर विविश करता है। यह एक विशाल संरचना है जो औरंगाबाद में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में शामिल है।

इस किले का निर्माण बिलरामजा ने किया था, जिनका 1187 ईसा पूर्व में दौलताबाद मं शासन चलता था। देवगिरी फोर्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे कभी कोई जीत नहीं पाया। वास्तुकला कि मामले में यह किला काफी शानदार है, जो प्राचीन शैली को भली भांति प्रदर्शित करता है।

बानी बेग़म बाग

बानी बेग़म बाग

PC- Niks887

औरंगाबाद के ऐतिहासिक स्थलों की श्रृंखला में आप बानी बेग़म बाग की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह एक खूबसूरत बाग है जिसका निर्माण मुगल शासक औरंगजेब के पोते ने अपनी पत्नी बानी बेगन की याद में बनवाया था। औरंगाबाद भ्रमण के दौरान अगर आप सुकून का समय बिताना चाहते हैं तो यहां आ सकते हैं।

यहां चारों दिशाओं में फैली हरियाली के बीच आप मानसिक और आत्मिक शांति का अनोखा अनुभव कर सकते हैं। यह उद्यान मुगल शैली को भली भांति दर्शाता है। बगीचे के पास एक झरना भी है जो इस पूरे स्थल की खूबसूरती बढ़ाता है।

घृष्णेश्वर मन्दिर

घृष्णेश्वर मन्दिर

PC- Rashmi.parab

ऐतिहासिक स्थलों के अलावा आप यहां प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। आप एलोरा गुफाओं से सिर्फ आधा किमी दूर घृष्णेश्वर मन्दिर के दर्शन कर सकते हैं। इतिहास से जुड़े साक्ष्य बताते हैं कि यह मंदिर 18 वीं शताब्दी से संबंध रखता है।

यहां की वास्तुकला यहां आने वाले पर्यटकों को काफी हद तक आश्चर्यचकित करती है, हालांकि इस मंदिर की पूरी खूबसूरती नहीं देख सकते है क्योकि इसका बहुत बड़ा औरंगजेब द्वारा ध्वस्त करा दिया गया था। यहां सैलानियों के साथ-साथ श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है।

खुल्दाबाद

खुल्दाबाद

PC- yamarhythm

ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में आप मुस्लिमों के पवित्र स्थान खुल्दाबाद की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह स्थल पहाड़ों से घिरा हुआ जो इस स्थल को एक मजबूत परिदृश्य प्रदान करते हैं। शहर की प्राचीन दीवारों औरंगजेब द्वारा निर्मीत है जो अब खंडहर के रूप में यहां मौजूद हैं। आप यहां प्राचीन इमारतों के खंडहर देख सकते हैं।

इसके अलावा आप यहां औरंगजेब का मकबरा, खान जहां लाल बाग के साथ अन्य मकबरे देख सकते हैं। भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को जानने के लिए आप खुल्दाबाद का भ्रमण कर सकते हैं।

पीतलखोरा की गुफाएं

पीतलखोरा की गुफाएं

PC-Ms Sarah Welch

उपरोक्त स्थानों के अलावा यहां की पीतलखोरा की गुफाओं की सैर का प्लान बना सकते हैं। ये 13 गुफाओं का समुह है जिन्हें अंजता के बाद ढूंढ़ा गया था। सह्याद्री पहाड़ियों पर स्थित ये अद्भुत गुफाएं प्राचीन शैल-चित्रों के लिए जानी जाती हैं। यह काफी प्राचीन गुफाएं है जिनके बारे में सटीक कोई प्रमाण नहीं मिलता, हालांकि जानकारों का मानना है कि ये गुफाएं सातवाहन राजाओं के समय बनाई गईं होंगी।

इनमें से बहुत सी गुफाएं बौद्ध धर्म को प्रदर्शित करती हैं। इतिहास के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने के लिए आप यहां आ सकते हैं।

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