लट्ठमार, लड्डुमार, कपड़ा फाड़ से लेकर न जाने कितनी तरह की होली के बारे में आपने जरूर सुना होगा। लेकिन क्या कभी कोई ऐसी होली देखी है, जिसमें विंटेज रॉल्स रॉयस कार में निकाली जाती है राधाकृष्ण की सवारी! यह होली मनायी जाती है पश्चिम बंगाल के हावड़ा में, जिसे कहा जाता है कोलकाता की रॉल्स रॉयस होली।
पिछले कुछ समय से हावड़ा खबरों की सूर्खियों में छाया हुआ है। हो भी क्यों न...आखिर हावड़ा में देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो की शुरुआत जो हुई है। उसी हावड़ा में विंटेज गाड़ी में निकाली जाती है राधाकृष्ण की सवारी। यह गाड़ी एक विंटेज कार है, बस यहीं इसकी एकलौती खुबी नहीं है, बल्कि कुछ और भी बेहद खास है इस गाड़ी में।

क्या है रॉल्स रॉयस होली
जुड़वा शहर हावड़ा-कोलकाता की रॉल्स रॉयस होली को अगर भारत की सबसे अनोखी होली की लिस्ट में शामिल किया जाए तो ऐसा करना गलत नहीं होगा। इस होली में भगवान की शोभायात्रा तो निकाली जाती है लेकिन वह किसी रथ पर नहीं बल्कि विंटेज गाड़ी में।
हावड़ा ब्रिज के पास मौजूद सत्यनारायण मंदिर से विंटेज कार रॉल्स रॉयस में श्रीकृष्ण और राधारानी की सवारी निकाली जाती है जो बड़ाबाजार होते हुए राजा कटरा तक जाती है। इस समय इस विंटेज गाड़ी को किसी रथ की तरह ही फूलों से सजाया जाता है। जिस रास्ते से भी भगवान की सवारी निकलती है, उस रास्ते पर लोग गुलाल और गीले रंगों की बौछार करने लगते हैं।

क्यों खास है यह विंटेज गाड़ी
हावड़ा के सत्यनारायण मंदिर से जिस गाड़ी में राधाकृष्ण की सवारी निकाली जाती है, वह गाड़ी रॉल्स रॉयस की एक विंटेज कार तो है ही। उसके साथ ही सबसे स्पेशल बात है कि यह गाड़ी किसी जमाने में रुडयार्ड किपलिंग की हुआ करती थी। जी हां, वहीं अंग्रेजी उपन्यासकार रुडयार्ड किपलिंग जिनकी लिखी 'द जंगल बुक' आज भी बच्चे से लेकर बुढ़ों तक की जुबान पर चढ़ा रहता है।
क्या है रॉल्स रॉयस होली का इतिहास

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोलकाता के एक मारवाड़ी व्यक्ति कुमार गंगाधर बागला को रुडयार्ड किपलिंग ने 6 साल इस्तेमाल करने के बाद अपनी रॉल्स रॉयस गाड़ी वर्ष 1927 को बेच दी थी। हावड़ा का सत्यनारायण मंदिर भी बागला परिवार की संपत्ति का ही हिस्सा बताया जाता है। इस मंदिर में ही स्थापित है राधाकृष्ण की मूर्तियां जिनकी शोभायात्रा 'रॉल्स रॉयस होली' के दिन गाड़ी में सजाकर निकाली जाती है।
बताया जाता है कि साल में सिर्फ दो दिनों के लिए ही इस विंटेज गाड़ी को मंदिर से बाहर निकाला जाता है। पहली, होली के समय जब रॉल्स रॉयस होली मनायी जाती है और राधाकृष्ण की सवारी निकाली जाती है। और दूसरी बार जन्माष्टमी के समय, जब फिर से श्रीकृष्ण की सवारी विंटेज गाड़ी में निकाली जाती है।

कब है रॉल्स रॉयस होली
रॉल्स रॉयस होली इस साल 23 मार्च को मनायी जाएगी। श्रीकृष्ण और राधारानी की सवारी सत्यनारायण मंदिर, हावड़ा ब्रिज के पास से निकलेगी। यह जुलूस बड़ाबाजार होते हुए राजा कटरा तक जाती है। होली के अलग अनुभव के साथ ही 'रॉल्स रॉयस होली' फोटोग्राफी के शौकिनों के लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है। एक विंटेज कार जिसे फूलों और गुलाल से सजाकर भगवान का रथ बनाया गया हो।
इससे अधिक Unique बैकग्राउंड और क्या होगा। हां, अगर आप 'रॉल्स रॉयस होली' में फोटोग्राफी का प्लान बना रहे हैं, तो ध्यान दें। इस दिन गुलाल के साथ-साथ गीले रंगों की बौछार भी होती है। इसलिए अपने कैमरे और बाकी साजो-सामान की सुरक्षा पर अच्छी तरह से जरूर ध्यान दें।



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