हैदराबाद एयरपोर्ट मेट्रो लिमिटेड (HAML) ने ओल्ड सिटी सेक्शन में MBGS से चंद्रयानगट्टा तक मेट्रो का काम जनवरी के पहले सप्ताह में शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह मेट्रो कॉरिडोर हैदराबाद मेट्रो के फेज 2 के तहत बनाया जाएगा। फेज 2 के तहत सिर्फ 1 नहीं बल्कि कुल 5 मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण करने का फैसला लिया गया है।
तेलंगाना सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर हैदराबाद मेट्रो के फेज 2 के तहत सभी 5 मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की है। इस तरह से हैदराबाद में धीरे-धीरे मेट्रो का नेटवर्क विस्तृत हो रहा है जिसका सबसे ज्यादा फायदा कामकाज के सिलसिले में आवाजाही करने वाले आम लोगों को होने वाला है। हैदराबाद में कौन-कौन से 5 नए कॉरिडोर में मेट्रो का निर्माण किया जाएगा? क्या होगी उनकी लंबाई और कितनी होगी लागत?

आइए विस्तार से जानते हैं हैदराबाद मेट्रो के फेज 2 में बनने वाले सभी 5 नए मेट्रो कॉरिडोर के बारे में -
कौन से 5 नए मेट्रो कॉरिडोर बनेंगे?
हैदराबाद मेट्रो के फेज 2 की कुल लंबाई लगभग 76.4 किमी होगी। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार फेज 2 के तहत 5 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे, उनमें शामिल हैं :
- नागोल-शम्शाबादा RGIA (एयरपोर्ट कॉरिडोर) - लंबाई 36.8 किमी
- रायदुर्ग-कोकापेट नियोपॉलिस - लंबाई 11.6 किमी
- MGBS-चंद्रयानगट्टा (ओल्ड सिटी कॉरिडोर) - लंबाई 7.5 किमी
- मियापुर-पटनचेरु - लंबाई 13.4 किमी
- एलबी नगर-हयात नगर - लंबाई 7.1 किमी
जनवरी से शुरू होगा मेट्रो का काम
फेज 2 मेट्रो के 5 कॉरिडोर में से MBGS-चंद्रयानगट्टा मेट्रो लाइन का काम अगले साल जनवरी में शुरू किया जाएगा। The Hindu की रिपोर्ट में हैदराबाद मेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर एन.वी.एस. रेड्डी के हवाले से उक्त दावा किया गया है। बताया जाता है कि फेज 2 मेट्रो में कुल स्टेशनों की संख्या 54 होगी। सभी 5 कॉरिडोर को मिलाकर निर्माण की कुल लागत करीब ₹24,269 करोड़ बतायी जाती है।
दिसंबर के महीने से ओल्ड सिटी मेट्रो लाइन के निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन पर पहले से मौजूद निर्माणों को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। मीडिया से बात करते हुए हैदराबाद मेट्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री ए. रेवनाथ रेड्डी ने निर्माण कार्यों के लिए राशि आवंटित कर दी है।

लागत और कब होगा फेज 2 का काम पूरा?
मीडिया से बात करते हुए एन.वी.एस. रेड्डी ने स्पष्ट किया कि ओल्ड सिटी मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के रास्ते में आने वाले 106 धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। इंजीनियर उन सभी संरचनाओं को बिना कोई नुकसान पहुंचाए काम को पूरा करने का तरीका ढूंढ निकालेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से स्टेशन की जगह का निर्धारण करने, स्टेशनों की संख्या और उनके नाम को लेकर भी सलाह मांगी है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री रेड्डी अगले 4 सालों में मेट्रो निर्माण का यह काम पूर कर लेना चाहते हैं। आइए अब इसकी लागत से संबंधित विवरण जान लें -
| कॉरिडोर संभावित | लागत |
| नागोल-शम्शाबादा RGIA (एयरपोर्ट कॉरिडोर) | ₹11,226 करोड़ |
| रायदुर्ग-कोकापेट नियोपॉलिस | ₹4,318 करोड़ |
| MGBS-चंद्रयानगट्टा (ओल्ड सिटी कॉरिडोर) | ₹2,741 करोड़ |
| मियापुर-पटनचेरु | ₹4,107 करोड़ |
| एलबी नगर-हयात नगर | ₹1,877 |

हैदराबाद मेट्रो का फेज 2, फेज 1 का ही है विस्तार
मिली जानकारी के अनुसार मेट्रो की प्रस्तावित नयी लाइन्स हैदराबाद मेट्रो के 69 किमी लंबे फेज 1 का ही विस्तार है। फेज 1 का रेड लाइन - मियापुर से एलबी नगर, ग्रीन लाइन जेबीएस से एजीबीएस और ब्लू लाइन नागोल से रायदुर्ग को विस्तृत कर फेज 2 के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। बताया जाता है कि शम्शाबादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर वाले 1.6 किमी लंबे स्ट्रेच के अतिरिक्त फेज 2 के सभी लाइन एलीवेटेड ही होंगे।
एक मेट्रो रूट का निर्माण पूरा हो जाने के बाद एयरपोर्ट तक आवाजाही करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान बन जाएगा। इसके साथ ही HAML और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) हैदराबाद में मियापुर से मदिनागुडा के बीच 1.6 किमी लंबा एक डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की भी योजना बना रहा है।



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