बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है। पिछले कुछ समय से देश के कई राज्यों में लगातार हो रही मानसून की तेज बारिश की वजह बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। स्थिति इतनी गंभीर हो गयी है कि राजधानी दिल्ली में भी अब यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। अगर कहीं घूमने जाने के बाद आप ऐसी स्थिति में फंस जाए तो कुछ बातों का ध्यान रखें। इससे ना सिर्फ आप अपनी बल्कि अपने सहयात्रियों की भी मदद कर सकेंगे।

मौसम के अलर्ट पर लगातार रखें नजर
आप जिस इलाके में भी जा रहे हो, मैदानी या पहाड़ी हमेशा मौसम के अलर्ट पर अपनी नजरें बनाए रखें। सोशल मीडिया के अलावा स्थानीय अधिकारियों की तरफ से भी समय-समय पर मौसम से संबंधित जानकारियां जारी की जाती हैं। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन का काफी खतरा रहता है। इसलिए स्थानीय लोगों के संपर्क में रहे। जब भी बाहर कहीं घूमने या टहलने निकले तो पत्थरों के खिसकने या पानी की आवाज पर ध्यान रखें।
बाढ़ में गाड़ी से कहीं जाने की कोशिश ना करें
बाढ़ की स्थिति में अगर आप यह सोच रहे हैं कि पानी की धारा से तेज आप गाड़ी चला सकते हैं, तो आप गलत हैं। पहाड़ी इलाकों में पानी की रफ्तार कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है। पानी में फंस जाने, गाड़ी के कीचड़ में अटक जाने, गड्ढ़ों में फंसने आदि की स्थिति में गाड़ी आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए व्यक्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कभी बाढ़ में गाड़ी से बाहर ना निकले।

ऊंचे स्थानों पर रहे
बाढ़ का नजारा देखने के लिए कभी भी नीचले इलाकों की तरफ मत बढ़े। बाढ़ आने पर हमेशा इमारत की छतों, ऊपरी मंजील पर ही रहे। अगर आप कहीं बाहर हैं और बाढ़ के बीच में फंस गये हैं तो पेड़ की ऊंची डाल पर चढ़ जाए या गाड़ी से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ जाए। गाड़ी के अंदर रहने से उसकी छत पर रहना बाढ़ की स्थिति में आपके लिए ज्यादा सुरक्षित होगा। साथ ही इन जगहों पर आप दूसरों को दिखेंगे भी। इससे आपको मदद भी जल्दी मिलेगी।
आसपास की चीजों से सावधान रहे
बाढ़ के पानी में बहकर आने वाली चीजों से सावधान रहे। हो सकता है आपके आसपास बिजली का कोई तार लटक रहा है, जिसमें अभी भी बिजली दौड़ रही हो। पानी में बिजली से करंट लगने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है जिसमें आपकी जान भी जा सकती है। इसके अलावा अगर आपने ध्यान नहीं दिया और बाढ़ के पानी में बहकर कोई नुकिली वस्तु आपके आसपास पहुंच गयी तो उससे आप घायल भी हो सकते हैं। कई बार यह चोट जानलेवा भी साबित हो सकती है।

अपने लोकेशन के बारे में परिजनों को बताएं
अगर आप पर्यटन स्थल पर जाकर बाढ़ में फंस गये हैं तो इस बात की जानकारी सबसे पहले अपने परिजनों को दे। साथ ही उनसे यह भी कहें कि वे मौसम से संबंधित अलर्ट के बारे में आपको बताते रहे। अपना लोकेशन अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करते रहे ताकि वे आप तक मदद पहुंचा सके। या अगर किसी कारणवश मदद पहुंचाने वाले लोग आपको ढूंढ नहीं पा रहे हैं तो परिजनों से संपर्क कर वे आपके लोकेशन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।



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