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रेल से आज़ादी तक: देश की आजादी के सफर में भारतीय रेलवे की भूमिका

कल का दिन एक नया सवेरा लेकर आने वाला है क्योंकि भारत अपनी आजादी के 77 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा। लेकिन विकास सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि भारत के रेलवे सिस्टम का भी हुआ है। 19वीं सदी के मध्य में भारत में तेज रफ्तार परिवहन का साधन के तौर पर रेलवे की शुरुआत हुई थी, जो आज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे जटिल रेल नेटवर्क बन चुका है।

भारतीय रेलवे भारत के विकास और एकीकरण का एक महत्वपूर्ण घटक रहा है। यह मील का पत्थर सिर्फ तकनीकी और संरचनात्मक विकास के साथ ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न और विशाल क्षेत्रों को एकजुट करने में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर हासिल हुई है।

indian railway

भारतीय रेलवे का विकास महत्वाकांक्षा, इनोवेशन और दृढ़ता की कहानी सुनाता है। वर्ष 1847 में लॉर्ड डलहैजी की सिफारिश पर मुंबई (तत्कालीन बम्बई) और ठाणे के बीच पहली रेलवे लाइन 1853 में बिछायी गयी। जो एक प्रकार से बदलाव की शुरुआत मानी जाती है। साल-दर-साल और अगले कई दशकों में भारतीय रेलवे ने कई उपलब्धियां हासिल की जिसमें 1925 में इलेक्ट्रिक ट्रेनों की शुरुआत से लेकर साल 2002 में दिल्ली मेट्रो को लॉन्च किया जाना, 2019 में भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत शामिल है।

indian railway 2

इन सभी उपलब्धियों या विकास ने न सिर्फ देश के अंदर यातायात संपर्क को पहले के मुकाबले ज्यादा सुदृढ़ किया बल्कि ये आधुनिक भारत बनने की दिशा में कदम बढ़ाते एक देश का उदाहरण भी बने। स्वतंत्रता दिवस के दिन हम सिर्फ अपने देश को मिली आजादी का जश्न ही नहीं मनाते बल्कि भारतीय भारतीय रेल में निहित प्रगति की स्थायी भावना की खुशियां भी मनाते हैं, जो पूरे भारत में लोगों के दिलों और दिमागों को जोड़ती है।

आजादी से पहले का युग :

  • 1847: भारत में यातायात के लिए रेलवे की शुरुआत करने का प्रस्ताव लॉर्ड डलहौजी ने दिया।
  • 1849: 17 अगस्त 1849 को ईस्ट इंडिया कंपनी ने कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) से राजमहल के बीच रेलवे लाइन बिछाने का पहले समझौते पर हस्ताक्षर किया।
  • 1853: भंडप, बोरी बंदर, बायकुला, सायन और ठाणे रेलवे स्टेशन बनाए गये।
  • 1854: भारत महाद्वीप के रेलवे ने अपने दूसरे समझौते पर हस्ताक्षर किया। अप्रैल 1853 में पहला 34 किमी लंबा रेलवे लाइन, जो बोरीबंदर (बम्बई) और ठाणे के बीच बना था, का निर्माण सम्पूर्ण हुआ। हावड़ा से पांडुआ के बीच दूसरा रेलवे लाइन बिछाने का काम जुलाई 1854 में पूरा हुआ।
  • 1853: वर्ष 1860 तक निजी ब्रिटिश कंपनियों ने पब्लिक गारंटी सिस्टम के तहत ट्रंक लाइन बिछाया।
rajdhani express
  • 1862: बिहार के मुंगेर के पास पहला रेलवे वर्कशॉप जमालपुर में बनाया गया।
  • 1853: मद्रास में पहली स्टीम से चलने वाली ट्रेन का संचालन शुरू हुआ। इसके साथ ही बम्बई और ठाणे के बीच भी यात्रियों के लिए ट्रेन सेवाएं शुरू हुई।
  • 1869-1879: इस दौरान पूरे भारत में रेलवे लाइनों का व्यापक विस्तार हुआ।
  • 1914-1918: प्रथम विश्व युद्ध के कारण व्यवधान उत्पन्न हुए, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे की परिचालन क्षमता में गिरावट आई।
  • 1925: 3 फरवरी 1925 को पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन कुर्ला और बम्बई के बीच शुरू हुआ, जिसने इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए सारे रास्ते खोल दिये।
  • 1929: इस साल तक भारत में रेलवे नेटवर्क का विस्तार करीब 66,000 किमी तक हो गया है। इस वक्त तक हर साल 620 मिलियन यात्री और 90 मिलियन सामानों की ढुलाई की जाती थी, जिससे रेलवे की आय 6 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गयी।
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आजादी के बाद का वक्त :

  • 1947: 15 अगस्त से 8 सितंबर 1947 के बीच करीब 70,0000 शरणार्थियों ने ट्रेन से यात्रा की।
  • 1947: बंटवारे के समय करीब 7,000 मील रेलवे ट्रैक भारत को आवंटित किये गये।
  • 1951: भारतीय रेलवे को 6 नये प्रमुख जोन प्रशासनिक यूनिट में बांट दिया गया।
  • 1960s: इस दशक में विद्युतिकरण, लोकोमोटिव और स्पीड बढ़ाने पर तेजी से विकास देखा गया हालांकि यह विकास लंबे समय तक जारी नहीं रह सका, जिस कारण प्रदर्शन में गिरावट आयी।
  • 1965: भारत-चीन युद्ध की वजह से रेलवे के विस्तार और विकास में कटौती करनी पड़ी।
  • 1969: 1 मार्च 1969 को पहली 9 कोच वाली राजधानी एक्सप्रेस का नई दिल्ली से हावड़ा के बीच चली जिसकी वापसी की यात्रा 3 मार्च को शुरू हुई।
rajdhani express
  • 1976: भारत और पाकिस्तान के बीच पहली रेल सेवा, समझौता एक्सप्रेस का संचालन अमृतसर और लाहौर के बीच शुरू हुआ।
  • 1984: भारत की पहली मेट्रो सेवा, जो सम्पूर्ण भूमिगत थी, कोलकाता में शुरु हुई।
  • 1985: भारतीय रेलवे ने अपना पहला ऑनलाइन यात्री आरक्षण सिस्टम लॉन्च किया जो धीरे-धीरे दिल्ली, मद्रास (चेन्नई), बम्बई (मुंबई) और कलकत्ता (कोलकाता) में शुरू हुआ।
  • 2002: दिल्ली मेट्रो का उद्घाटन किया गया।
  • 2002: IRCTC के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेन आरक्षण और टिकटिंग सिस्टम को शुरू किया गया जो भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।
  • 2006: पहली गरीब रथ एक्सप्रेस का उद्घाटन हुआ, जो बिहार में सहरसा से पंजाब के अमृतसर के बीच चली।
vande bharat express
  • 2009: 18 सितंबर 2009 को पहली दुरंतो एक्सप्रेस सियालदह से नई दिल्ली के बीच चली।
  • 2016: 5 अप्रैल 2016 को पहली गतिमान एक्सप्रेस, दिल्ली से आगरा के बीच चली जिसकी रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से भारत में सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है।
  • 2018: भारतीय रेलवे ने अपने रेलवे ट्रैक का विस्तार 120,000 किमी से ज्यादा दूरी तक करके दुनिया में चौथी सबसे विशाल रेलवे नेटवर्क बनने का खिताब जीता।
  • 2019: 18 फरवरी 2019 को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को लॉन्च किया गया, दिल्ली से वाराणसी रूट पर।
chenab bridge
  • 2020: अप्रैल 2020 में बुलेट ट्रेन के लिए संरचनाओं का निर्माण शुरू हुआ, जिसमें से 352 किमी का सेक्शन गुजरात में होगा। इसके 2027 तक पूरी तरह से चालू हो जाने की उम्मीद है, जिसमें सबसे पहले 50 किमी का स्ट्रेच सूरत और बिलिमोरा के बीच होगा जो अगस्त 2026 तक शुरू होगा। 2028 के अंत तक मुंबई तक बाकी का हिस्सा भी खुल जाने की पूरी संभावना है।
  • 2024: जम्मु-कश्मीर में चिनाब ब्रिज पर ट्रेन का फुल ट्रायल रन जून 2024 में किया गया।

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