हाईवे और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं का घटना हमारे देश की एक उभरती चिंता बन गयी है। कभी लापरवाही से आती-जाती गाड़ियां तो कभी बाईक या फिर किसी और वजह से हाईवे पर दुर्घटनाओं की खबरें अक्सर आती रहती हैं। इन दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में हाईवे से होकर आने जाने वाले लोगों की जान भी चली जाती है तो कई इतनी बुरी तरह से घायल हो जाते हैं कि उससे उभरने में कई बार सालों का वक्त लग जाता है।
इन दुर्घटनाओं को कम करने और रोकने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सबसे पहले उन जगहों की पहचान करनी शुरू की है, जहां सर्वाधिक दुर्घटनाएं घटती हैं।

नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के अलग-अलग राज्यों के विभिन्न हाईवे पर ऐसे हजारों Black Spots की पहचान की है। साथ ही इनका समाधान करने की भी लगातार कोशिशें की जा रही हैं। लोकसभा में पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने NHAI द्वारा अलग-अलग राज्यों के विभिन्न हाईवे पर Black Spots की संख्या के बारे में बताया है। साथ ही उन्होंने बताया है कि केरल में ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं।
सबसे पहले बता दें कि Black Spots होता क्या है?
Black Spot किसी भी हाईवे पर मौजूद वह क्षेत्र कहलाता है, जहां पिछले 3 सालों से लगातार दुर्घटनाएं घट रही हैं। इन दुर्घटनाओं में लोगों को गंभीर रूप से चोट लग जाना या कभी उनकी जान का चले जाना भी शामिल है। ये Black Spots हाईवे से होकर आने-जाने वाली गाड़ियों के ड्राइवर और यात्रियों दोनों के लिए ही चिंता का विषय होते हैं।
NHAI ने देशभर के कई नेशनल हाईवे पर 13,795 Black Spots की पहचान की है। इसके साथ ही इन सभी Black Spots को तत्काल और दीर्घकालिक सुधार, दो श्रेणियों में बांट कर सुधार करना शुरू कर दिया है ताकि सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकें।
Black Spots की पहचान के लिए सरकार की पहल
लोकसभा में बताए गये आंकड़ों के अनुसार -
- देशभर के कई राज्यों से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर कुल 13,795 Black Spots की पहचान की गयी है।
- सबसे ज्यादा Black Spots पश्चिम बंगाल से होकर गुजरने वाले हाईवे पर पहचाने गये हैं। पश्चिम बंगाल से गुजरने वाले हाईवे पर कुल 1253 (1108 तत्काल+543 दीर्घकालिक सुधार) Black Spots की पहचान हुई है।
- वहीं राज्यों में सबसे कम Black Spots की पहचान मिजोरम में (1 तत्काल+1 दीर्घकालिक सुधार) हुई है।
- तत्काल सुधार में हाईवे पर साइनबोर्ड लगाना, सड़कों पर मार्किंग करना और इन जगहों पर ट्रैफिक के बहाव को नियंत्रित रखने जैसे कदम उठाए गये हैं।
- बात अगर दीर्घकालिक सुधार की करें तो सड़कों के डिजाइन में बदलाव करना, सड़कों को चौड़ा करना, अंडरपास या फिर ओवरपास का निर्माण आदि कार्य किये जा रहे हैं ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सकें।
- अगस्त 2019 में ही दिशानिर्देशों को जारी किया जा चुका है, ताकि हाईवेज पर इन Black Spots को सुधारा जा सकें और यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकें।
आंकड़ों पर डालते हैं एक नजर :-

कौन से राज्य में कितने Black Spots?
| राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | नेशनल हाईवे पर कुल Black Spots | तत्काल सुधार वाले Black Spots की संख्या | दीर्घकालिक सुधार वाले Black Spots की संख्या | |
|---|---|---|---|---|
| 1 | अंडमान | 4 | 2 | 2 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 1202 | 768 | 338 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 9 | 9 | 4 |
| 4 | असम | 236 | 236 | 67 |
| 5 | बिहार | 355 | 242 | 56 |
| 6 | चंडीगढ़ | 7 | 2 | 2 |
| 7 | छत्तीसगढ़ | 257 | 257 | 200 |
| 8 | दिल्ली | 132 | 132 | 129 |
| 9 | गोवा | 47 | 40 | 14 |
| 10 | गुजरात (दमन और दिव समेत) | 374 | 363 | 147 |
| 11 | हरियाणा | 144 | 86 | 44 |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | 226 | 226 | 196 |
| 13 | जम्मू और कश्मीर | 200 | 140 | 63 |
| 14 | झारखंड | 263 | 255 | 91 |
| 15 | कर्नाटक | 1217 | 1048 | 515 |
| 16 | केरल | 692 | 420 | 66 |
| 17 | मध्य प्रदेश | 674 | 555 | 220 |
| 18 | महाराष्ट्र | 642 | 304 | 169 |
| 19 | मणीपुर | 27 | 14 | 14 |
| 20 | मेघालय | 55 | 36 | 20 |
| 21 | मिजोरम | 2 | 1 | 1 |
| 22 | नागालैंड | 40 | 40 | 39 |
| 23 | ओडिशा | 568 | 560 | 342 |
| 24 | पंजाब | 911 | 911 | 439 |
| 25 | राजस्थान | 954 | 867 | 238 |
| 26 | सिक्किम | 19 | 16 | 5 |
| 27 | तमिलनाडु (पुडुचेरी समेत) | 1080 | 986 | 359 |
| 28 | तेलंगाना | 1121 | 966 | 288 |
| 29 | त्रिपुरा | 22 | 21 | 11 |
| 30 | उत्तर प्रदेश | 981 | 742 | 349 |
| 31 | उत्तराखंड | 81 | 80 | 65 |
| 32 | पश्चिम बंगाल | 1253 | 1108 | 543 |
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि देशभर के सभी हाईवे पर कुल मिलाकर 13795 Black Spots का होना, वाकई में डराने वाला आंकड़ा है। इन आंकड़ों के आधार पर हमारे देश के हाईवे को सुरक्षित बिल्कुल नहीं माना जा सकता है लेकिन अच्छी बात यह है कि इन सभी Black Spots की पहचान कर उनका निवारण करने, भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने और हाईवे पर किन जगहों पर सर्वाधिक दुर्घटनाएं घटती हैं, उनकी पहचान की जा रही है और इनके बारे में लोगों को आगाह भी किया जा रहा है। अगर हाईवे पर तेजी से अपनी गाड़ियां भगाने वाले ड्राइवर्स थोड़ी सी सावधानी बरते तो इन दुर्घटनाओं को घटने से समय रहते रोका जा सकता है।



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